बीजापुर के तेंदूपत्ता गोदाम में भीषण आग :18 हजार बोरे जलकर राख, 10 करोड़ से ज्यादा का नुकसान; देखें VIDEO

बीजापुर। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में सोमवार दोपहर एक निजी तेंदूपत्ता गोदाम में लगी भीषण आग ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही मिनटों में पूरा गोदाम धुएं और आग की लपटों में घिर गया। गोदाम में रखे करीब 18 हजार से ज्यादा तेंदूपत्ता के बोरे जलकर पूरी तरह राख हो गए। शुरुआती अनुमान के मुताबिक, 10 करोड़ रुपए से ज्यादा का नुकसान हुआ है।
घटना बीजापुर कोतवाली थाना क्षेत्र के ईटपाल इलाके की बताई जा रही है। आग लगने की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड, पुलिस, वन विभाग, नगर पालिका और CRPF की टीम मौके पर पहुंच गई और राहत-बचाव कार्य शुरू किया गया।
किस समय लगी आग?
जानकारी के मुताबिक वन विभाग ने तेंदूपत्ता भंडारण के लिए ईटपाल इलाके में एक निजी गोदाम किराये पर लिया था। पिछले करीब 10 दिनों से यहां बड़े पैमाने पर तेंदूपत्ता का संग्रह किया जा रहा था। सोमवार दोपहर करीब 2:30 बजे अचानक गोदाम में आग लग गई। तेज गर्मी और सूखे मौसम की वजह से आग तेजी से फैलती चली गई। देखते ही देखते गोदाम के अंदर और बाहर रखे हजारों बोरे आग की चपेट में आ गए। कुछ ही देर में आसमान में धुएं का विशाल गुबार उठने लगा, जिसे दूर-दूर तक देखा गया। आग की भयावहता देखकर आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
18 हजार से ज्यादा बोरे जलकर खाक
वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक गोदाम में करीब 18 हजार से ज्यादा मानक बोरे रखे गए थे। इनमें से अधिकांश पूरी तरह जलकर नष्ट हो गए। बीजापुर के डिविजनल फॉरेस्ट ऑफिसर (DFO) रमेश जांगड़े ने बताया कि, तेंदूपत्ता भंडारण के लिए यह गोदाम किराये पर लिया गया था। सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और फायर ब्रिगेड को तत्काल मौके पर भेजा गया। उन्होंने बताया कि गोदाम परिसर में खड़ी गाड़ियों को समय रहते बाहर निकाल लिया गया, जिससे कुछ वाहन बच गए। हालांकि तब तक आग विकराल रूप ले चुकी थी।
आग बुझाने के लिए CRPF को भी संभालना पड़ा मोर्चा
आग इतनी भीषण थी कि, हालात संभालने के लिए CRPF के जवानों की भी मदद लेनी पड़ी। फायर ब्रिगेड की टीम घंटों तक आग बुझाने में जुटी रही। वन विभाग, पुलिस, नगर पालिका और सुरक्षा बलों की संयुक्त टीम ने लगातार राहत और बचाव अभियान चलाया। देर रात तक आग पर पूरी तरह काबू पाने की कोशिश जारी रही। स्थानीय लोगों का कहना है कि, अगर समय रहते आग नहीं रोकी जाती तो आसपास के अन्य गोदाम और इलाके भी इसकी चपेट में आ सकते थे।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना के बाद तेंदूपत्ता भंडारण केंद्रों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं। लोगों का कहना है कि जब इतने बड़े स्तर पर ज्वलनशील सामग्री का भंडारण किया जा रहा था, तब वहां पर्याप्त अग्निशमन व्यवस्था होनी चाहिए थी। स्थानीय लोगों के अनुसार, गोदाम में न तो पर्याप्त फायर सेफ्टी सिस्टम था और न ही आपातकालीन सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम दिखाई दिए।
आग लगने की वजह अब तक साफ नहीं
फिलहाल आग लगने के कारणों का खुलासा नहीं हो पाया है। शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट समेत कई संभावित कारणों को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है। हालांकि राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं है।
CCF बोले- जांच के बाद होगी कार्रवाई
मामले को गंभीरता से लेते हुए CCF आलोक तिवारी ने कहा कि, वे बीजापुर पहुंच रहे हैं और पूरे मामले की जांच की जाएगी। उन्होंने कहा कि सुरक्षा में कहीं चूक हुई है या नहीं, इसकी विस्तृत जांच के बाद स्थिति स्पष्ट की जाएगी।











