पटना। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के बीच आरजेडी (RJD) के भीतर दरार खुलकर सामने आने लगी है। वैशाली जिले के महनार विधानसभा क्षेत्र में लालू यादव के बड़े बेटे और जनशक्ति जनता दल (JJD) के नेता तेज प्रताप यादव को चुनावी सभा के दौरान RJD समर्थकों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। सभा खत्म होने के बाद तेज प्रताप के काफिले पर नारेबाजी और पत्थरबाजी की गई। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिससे राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।
तेज प्रताप यादव 29 अक्टूबर की शाम महनार के हीरानंद उच्च विद्यालय प्रांगण में JJD के उम्मीदवार जय सिंह राठौर के समर्थन में जनसभा को संबोधित करने पहुंचे थे। सभा के दौरान सब कुछ सामान्य रहा, लेकिन जब वे सभा स्थल से महुआ के लिए रवाना हो रहे थे, तभी RJD समर्थकों ने रास्ते में काफिले को रोककर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। लोगों ने ‘तेजस्वी यादव जिंदाबाद’ और ‘लालटेन छाप जिंदाबाद’ के नारे लगाए। विरोध इतना बढ़ गया कि, भीड़ ने तेज प्रताप के काफिले पर पत्थर फेंकना शुरू कर दिया और उन्हें कुछ दूरी तक खदेड़ा।
JJD उम्मीदवार जय सिंह राठौर ने इस पूरे मामले को राजनीतिक साजिश बताया है। उन्होंने कहा कि, सभा के दौरान कोई दिक्कत नहीं हुई, लेकिन लौटते वक्त RJD समर्थकों ने नारेबाजी शुरू की। यह सब RJD उम्मीदवार रविंद्र सिंह के इशारे पर हुआ। राठौर ने आरोप लगाया कि, RJD उम्मीदवार ने 15-16 करोड़ रुपए में टिकट खरीदा है। इसके साथ ही चुनाव जीतने के लिए पैसे और शराब का सहारा ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि, अगर जीत नहीं हुई तो RJD गुंडागर्दी और हमले करवाकर जंगलराज वापस लाना चाहती है। लेकिन जनता अब सब जान चुकी है। राठौर ने प्रशासन से सुरक्षा की मांग भी की है।
जानकारी के मुताबिक, तेज प्रताप यादव हेलीकॉप्टर से महनार पहुंचे थे, लेकिन समय ज्यादा लगने की वजह से उन्होंने हेलीकॉप्टर से जाने का प्लान कैंसिल कर दिया। इसके बाद तेज प्रताप सड़क मार्ग से सभा स्थल तक पहुंचे और वहीं से बाय रोड महुआ की ओर रवाना हुए। इसी दौरान RJD समर्थकों ने उन्हें घेर लिया।
लालू परिवार के भीतर चल रहा विवाद अब खुले मंच तक पहुंच गया है। तेज प्रताप यादव लंबे समय से अपने छोटे भाई तेजस्वी यादव से राजनीतिक मतभेद रखते हैं। तेज प्रताप ने हाल ही में कहा था कि, तेजस्वी यादव लालू प्रसाद यादव की छत्रछाया में रहकर खुद को जननायक बताते हैं, जबकि सच्चे जननायक वो होते हैं जो जनता के बीच जाकर काम करें। लालू प्रसाद यादव, कर्पूरी ठाकुर, भीमराव अंबेडकर और महात्मा गांधी असली जननायक थे।
तेज प्रताप के इस बयान के बाद पार्टी के अंदर तनातनी और बढ़ गई थी। अब महनार की घटना ने इस विवाद को जमीन पर विरोध के रूप में दिखा दिया है।
इस घटना के बाद बिहार की राजनीति और भी गर्म हो गई है। एक तरफ जहां तेज प्रताप यादव अपनी नई पार्टी JJD के लिए प्रचार में जुटे हैं, वहीं दूसरी ओर RJD के समर्थक उन्हें गद्दार कहकर विरोध कर रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि, यह घटना लालू परिवार की फूट को और गहरा कर सकती है। इस बात का फायदा अन्य दलों खासकर NDA को मिल सकता है।
पहला फेज: 121 सीटों पर वोटिंग 6 नवंबर को
दूसरा फेज: 122 सीटों पर वोटिंग 11 नवंबर को
नतीजे: 14 नवंबर को घोषित होंगे
कुल सीटें: 243
बहुमत का आंकड़ा: 122
फिलहाल, बिहार में आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह, राहुल गांधी और जेपी नड्डा समेत कई बड़े नेताओं की सभाएं और रैलियां भी होने वाली हैं।