मोतिहारी। पूर्वी चंपारण जिले के मोतिहारी में एक बार फिर जहरीली शराब ने कहर बरपा दिया है। तुरकौलिया इलाके में संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौतों का आंकड़ा बढ़कर 5 हो गया है, जबकि कई अन्य लोग अस्पतालों में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं। प्रशासन के मुताबिक, अब तक जिन लोगों की मौत हुई है उनमें परीक्षण मांझी, हीरालाल भगत, प्रमोद यादव और चंदू कुमार शामिल हैं, जबकि एक अन्य की भी बाद में मौत की पुष्टि हुई है।
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। जिले के एसपी स्वर्ण प्रभात ने तुरकौलिया थाना प्रभारी उमाशंकर मांझी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। पुलिस की विशेष टीमें इलाके में लगातार छापेमारी कर रही हैं और अवैध शराब के नेटवर्क को तोड़ने की कोशिश में जुटी हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि जो भी बीमार हैं, वे बिना डर के इलाज के लिए आगे आएं।
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पुलिस ने कार्रवाई करते हुए इस अवैध कारोबार के सरगना नागा राय को गिरफ्तार कर लिया है। अब तक इस मामले में कुल 12 लोगों को पकड़ा जा चुका है। रघुनाथपुर थाना में हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। फिलहाल सात लोगों का इलाज चल रहा है, जिनमें से तीन की हालत गंभीर होने पर उन्हें हायर सेंटर रेफर किया गया है।
इस घटना का सबसे दर्दनाक पहलू यह है कि कुछ लोगों ने अपनी आंखों की रोशनी भी खो दी है। लड्डू साह और लोहा सिंह सहित 4 लोगों की हालत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन इलाज के बावजूद उनकी आंखों की रोशनी अब तक वापस नहीं आ सकी है। अस्पताल में भर्ती कई लोग अभी बातचीत करने की स्थिति में भी नहीं हैं।
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इस घटना को लेकर तेजस्वी यादव ने राज्य सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि यह हादसा बिहार में लागू शराबबंदी कानून की विफलता को उजागर करता है। उनके अनुसार, शराबबंदी लागू होने के बाद से अब तक 1300 से अधिक लोगों की मौत जहरीली शराब से हो चुकी है, जबकि वास्तविक आंकड़ा इससे कहीं ज्यादा हो सकता है।
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फिलहाल तुरकौलिया और रघुनाथपुर थाना पुलिस संयुक्त रूप से पूरे मामले की जांच में जुटी है। पुलिस ने घटनास्थल का दौरा कर सबूत जुटाए हैं और जहरीली शराब के स्रोत का पता लगाने की कोशिश कर रही है। पोस्टमार्टम के बाद शवों को परिजनों को सौंप दिया गया है, जबकि पुलिस अभी मामले पर आधिकारिक बयान देने से बच रही है।
यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि अवैध शराब का कारोबार किस तरह लोगों की जान के लिए खतरा बना हुआ है और प्रशासन के सामने इसे रोकना एक बड़ी चुनौती बना हुआ है।