बदलते मौसम में बढ़ा खतराःडिहाइड्रेशन, अस्थमा और सर्दी-खांसी से रहें सतर्क!

झीलों की नगरी भोपाल में इन दिनों मौसम का मिजाज बदला-बदला सा नजर आ रहा हैं। धीरे-धीरे सर्दियां खत्म हो रही हैं, लेकिन दिन की गर्मी लोगों को परेशान कर रही है। वहीं रात में ठंडी हवाएं अपना असर दिखा रही हैं, जिससे लोगों में सांस लेने और शरीर को संभालने में मुश्किल हो रही है।
बदलते मौसम ने बढ़ाई परेशानियां
हर साल बदलते मौसम में अक्सर लोगों की इम्यूनिटी सिस्टम कमजोर हो जाता है। इसका असर सीधे शरीर पर पड़ता है और लोग जल्दी बीमार पड़ जाते हैं। एक्सपर्ट का कहना है कि गर्मी के साथ-साथ अचानक ठंडी हवा और धूल से भी सेहत पर असर पड़ रहा है।
हॉस्पिटल में मरीजों की लंबी कतार
शहर के अस्पतालों में सांस फूलना, खांसी-जुकाम और डिहाइड्रेशन के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। जिला अस्पताल के डॉक्टर अंकित सिंह तोमर ने बताया मौसम बदलने से शरीर पर तुरंत असर पड़ता है। इसलिए लोगों को ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत है। ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं, धूल और ठंडी हवा से बचें और सांस की तकलीफ होने पर तुरंत डॉक्टर से परामर्श लें।
बच्चों-बुजुर्ग पर हो रहा ज्यादा असर
बच्चों और बुजुर्गों में सांस की परेशानियां ज्यादा देखने को मिलती है। कम उम्र के बच्चे और बुजुर्ग लोगों को बदलता मौसम ज्यादा प्रभावित करता है। ऐसे में डॉक्टर का कहना है कि शरीर को पूरे समय हाइड्रेटेड रखें और समय समय पर पानी पीते रहे
सावधानी बरतना जरूरी
- डॉक्टरों और विशेषज्ञों की सावधानी बरतने की सलाह दी है:
- पूरे दिन पर्याप्त पानी पीएं और शरीर को हाइड्रेटेड रखें।
- स्वच्छ और पौष्टिक भोजन का सेवन करें।
- धूल-मिट्टी और ठंडी हवा से बचें।
- सर्दी-खांसी या अस्थमा की परेशानी वाले लोगों को विशेष सतर्क रहना चाहिए।
इन छोटे-छोटे उपायों से आप मौसम के बदलते प्रभाव से खुद को और अपने परिवार को सुरक्षित रख सकते हैं।











