भोपाल। भारत के लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर राजधानी भोपाल में मंगगलवार को भव्य “यूनिटी मार्च” (पदयात्रा) का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्रालय पार्क स्थित सरदार पटेल की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत पौधा रोपण किया।
मुख्यमंत्री ने इसके बाद हरी झंडी दिखाकर पदयात्रा को रवाना किया। इस दौरान बड़ी संख्या में नागरिक, स्कूली छात्र-छात्राएं, जनप्रतिनिधि, अधिकारी और सामाजिक संगठन के प्रतिनिधि शामिल हुए। सभी ने हाथों में तिरंगा लेकर राष्ट्रीय एकता और अखंडता का संदेश दिया।
यूनिटी मार्च के दौरान शहर देशभक्ति के नारों से गूंज उठा। आदिवासी कलाकारों ने पारंपरिक नृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। यात्रा के दौरान “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” और “सरदार पटेल अमर रहें” जैसे नारों से वातावरण प्रफुल्लित हो उठा। कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए गए थे और पूरे मार्ग पर पुलिस बल की तैनाती रही।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर आज पूरे देश में एकता दिवस मनाया जा रहा है। सरदार वल्लभभाई पटेल ने अंग्रेजों और पाकिस्तान दोनों से संघर्ष करते हुए देश को एक सूत्र में पिरोया। आज भारत की जो मजबूती पूरी दुनिया देख रही है, उसमें सरदार पटेल का ऐतिहासिक योगदान है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरदार पटेल का जीवन त्याग, समर्पण और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि पटेल जी ने भारत के 562 रियासतों का विलय कर देश की एकता की नींव रखी थी।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सरदार पटेल पार्क, वल्लभ भवन में गुब्बारे उड़ाकर एकता का संदेश दिया। इसके बाद उन्होंने भोपाल-सीहोर लोकसभा क्षेत्र में निकाले गए यूनिटी मार्च में भी हिस्सा लिया।
कार्यक्रम स्थल पर जिला प्रशासन, नगर निगम और पुलिस विभाग की ओर से व्यापक तैयारियां की गई थीं। सुरक्षा बलों की तैनाती, यातायात नियंत्रण और भीड़ प्रबंधन के लिए विशेष इंतज़ाम किए गए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरदार पटेल का जीवन युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने देश की एकता और अखंडता के लिए जो कार्य किए, वही आज के 'न्यू इंडिया' की नींव हैं। हम सबको उनके आदर्शों पर चलकर राष्ट्र को और सशक्त बनाना है।