झील के किनारे ढलती शाम, हल्की ठंडक और शब्दों की गर्माहट कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला शीतल दास की बगिया में, जहां ‘घाट किनारे कहानियां’ नामक ओपन-एयर स्टोरीटेलिंग और म्यूजिक जामिंग इवेंट का आयोजन किया गया।

आयोजकों के अनुसार, इस पहल का मकसद एक ऐसा खुला और सहज मंच तैयार करना था, जहां लोग बिना किसी झिझक के खुद को व्यक्त कर सकें। खासकर युवाओं के लिए यह जगह एक सुरक्षित और प्रेरक अनुभव साबित हुई इवेंट में शामिल लोगों ने बताया कि झील और घाट के किनारे कहानियां और कविताएं सुनने का अनुभव बहुत सुकून भरा रहा। इस शाम का आनंद इतना खास था कि इसे सभी लंबे समय तक याद रखेंगे।
अविलर, फाउंडर ऑफ भारत स्टोरीटेलर ने यह भी जानकारी दी कि इसी कड़ी में 16 से 18 जनवरी तक JLU में Bhopal Story Fest 2026 का आयोजन किया जाएगा। यह तीन दिवसीय फेस्टिवल देशभर के कई बड़े कलाकारों, स्टोरीटेलर्स और क्रिएटिव पर्सनैलिटीज का मंच होगा। यहां केवल कहानियां और कविताएं ही नहीं, बल्कि संवाद, संगीत और कला के कई रूपों का आनंद भी लिया जा सकेगा। इसके अलावा इस बार Bhopal Story Fest में स्पेशल चाइल्ड के लिए भी विशेष सत्र होंगे, जहां बच्चों को कहानियों, कविताओं और इंटरैक्टिव एक्टिविटीज के माध्यम से मनोरंजन और सीखने का मौका मिलेगा।

प्रमुख स्टोरीटेलर्स अपनी कहानियों और अनुभवों को साझा करेंगे। दर्शक यहां सिर्फ सुनने वाले नहीं रहेंगे, बल्कि संवाद का भी हिस्सा बनेंगे।
आयोजन की खास बात यह है कि यह फेस्टिवल केवल बड़े मंच या दर्शकों की संख्या तक सीमित नहीं है। इसका मुख्य फोकस सृजनात्मकता, खुलापन और संवाद पर है। आयोजक चाहते हैं कि ये Bhopal Story Fest 2026 भोपाल को भारत को ग्योबल स्टोरी टेलर बनाना चाहते है, इसके अलावा वो भोपाल में दुनिया का सबसे बड़ा Story Fest का आयोजन करना चाहते है।
इस ओपनिंग सेरेमनी के बाद अब Bhopal Storytelling Fest 2026 भोपाल में एक बड़े स्तर पर कहानी, कला और संवाद का अनुभव देगा।