Rani Kamlapati Railway Station: प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर दौड़ती दिखीं 2 भैंसें, शताब्दी एक्सप्रेस के पास पहुंचीं; Viral Video

भोपाल के करीब 450 करोड़ रुपए की लागत से विकसित रानी कमलापति रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर दो भैंसें घूमती और दौड़ती नजर आईं। इसी प्लेटफॉर्म पर शताब्दी एक्सप्रेस खड़ी थी भोपाल के रानी कमलापति रेलवे स्टेशन पर प्लेटफॉर्म-1 पर दो भैंसें घूमती नजर आईं। वीडियो वायरल होने के बाद सुरक्षा व्यवस्था और Pay & Use सुविधाओं को लेकर सवाल उठे।और यात्री लगातार आवाजाही कर रहे थे। घटना का वीडियो मंगलवार को सामने आने के बाद रेलवे स्टेशन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। खास बात यह है कि इसी स्टेशन पर यात्रियों को यूरिनल, टॉयलेट और स्नान जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए पे एंड यूज शुल्क भी देना पड़ रहा है।
प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर दौड़ती दिखीं दो भैंसें
सोशल मीडिया पर सामने आए VIDEO में रानी कमलापति रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर दो भैंसें घूमती दिखाई दे रही हैं। दोनों मवेशी यात्रियों के बीच से गुजरते हुए प्लेटफॉर्म पर आगे बढ़ते नजर आते हैं। वीडियो में प्लेटफॉर्म पर यात्रियों की आवाजाही दिखाई दे रही है। रेलवे स्टाफ भी आसपास मौजूद है। प्लेटफॉर्म पर शताब्दी एक्सप्रेस खड़ी थी। दोनों भैंसें खुले तौर पर प्लेटफॉर्म पर घूम रही थीं। जगह-जगह गोबर भी पड़ा दिखाई दे रहा है। स्टेशन जैसे संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले स्थान पर मवेशियों के पहुंचने की घटना ने सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
आखिर स्टेशन के अंदर कैसे पहुंचीं भैंसें?
स्टेशन प्रशासन के अनुसार रानी कमलापति रेलवे स्टेशन को चारों तरफ से सुरक्षित किया गया है। हालांकि, स्टेशन के कुछ एंट्री और एग्जिट हिस्से अभी खुले हैं। जानकारी के मुताबिक इन्हीं खुले हिस्सों के रास्ते मवेशियों के स्टेशन परिसर में पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। अब सवाल यह है कि अगर स्टेशन पर करीब 160 CCTV कैमरे लगे हैं और अलग-अलग एंट्री-एग्जिट गेट बनाए गए हैं, तो भैंसें प्लेटफॉर्म तक कैसे पहुंच गईं? घटना के बाद इन खुले हिस्सों की सुरक्षा, निगरानी और नियमित जांच को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
450 करोड़ से बना है रानी कमलापति रेलवे स्टेशन
रानी कमलापति रेलवे स्टेशन को आधुनिक सुविधाओं से लैस वर्ल्ड क्लास रेलवे स्टेशन के तौर पर विकसित किया गया है। इसके पुनर्विकास पर करीब 450 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं।
इसमें करीब 100 करोड़ रुपए मुख्य भवन और यात्री सुविधाओं पर खर्च हुए। करीब 350 करोड़ रुपए व्यावसायिक विकास के लिए तय किए गए थे। स्टेशन को आधुनिक डिजाइन और यात्री सुविधाओं के साथ विकसित किया गया। स्टेशन परिसर में कई व्यावसायिक और यात्री सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। ऐसे में प्लेटफॉर्म पर मवेशियों के पहुंचने की घटना स्टेशन की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े करती है।
2021 में PM मोदी ने किया था स्टेशन का उद्घाटन
पुनर्विकसित रानी कमलापति रेलवे स्टेशन का उद्घाटन 15 नवंबर 2021 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था। इसे मध्य प्रदेश के पहले वर्ल्ड क्लास रेलवे स्टेशन के तौर पर पेश किया गया था। स्टेशन को आधुनिक सुविधाओं और बेहतर यात्री अनुभव को ध्यान में रखकर विकसित किया गया है। यहां यात्रियों के लिए बड़े एयर-कॉनकर्स से लेकर लिफ्ट, एस्केलेटर और ट्रैवलेटर जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं।
स्टेशन पर 160 CCTV कैमरे, फिर भी सुरक्षा पर सवाल
रानी कमलापति रेलवे स्टेशन पर निगरानी के लिए करीब 160 CCTV कैमरे लगाए गए हैं। इसके अलावा स्टेशन के पुनर्विकास के दौरान अलग-अलग प्रवेश और निकास द्वार बनाए गए थे। स्टेशन पर मौजूद प्रमुख सुविधाओं में शामिल हैं-
- 84×36 मीटर का AC एयर-कॉनकर्स
- 700 से ज्यादा यात्रियों के बैठने की व्यवस्था
- 11 एस्केलेटर
- 6 लिफ्ट
- 3 ट्रैवलेटर
- फूड कोर्ट
- रिटेल जोन
- AC वेटिंग लाउंज
- डॉरमेट्री
- VIP लाउंज
- करीब 160 CCTV कैमरे



















