
भोपाल। बरकतउल्ला विश्वविद्यालय (BU) के कुलगुरु से यदि दो से ज्यादा छात्र मिलना चाहते हैं तो उन्हें बागसेवनिया थाना प्रभारी (TI) से अनुमति लेना होगी। इस संबंध में कुलगुरु कार्यालय के गेट में सूचना चस्पा कर दी गई है। हालांकि इस संबंध में प्रबंधन ने कहा है कि यह सूचना आंदोलन, धरना और प्रदर्शन के संबंध में लगाई गई है। हालांकि इस अनोखे फरमान का विरोध शुरू हो गया है।
यह है नोटिस का मजमून
कुलपति (कुलगुरू) कार्यालय के बाहर लिखे नोटिस में लिखा गया है कि विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति से अपनी समस्या को लेकर 2 छात्र ही मिल सकते हैं। यदि 2 से अधिक संख्या में विद्यार्थी मिलना चाहते हैं, तो थाना प्रभारी बागसेवनिया से अनुमति लेकर ही कुलपति के दफ्तर में प्रवेश करें। यह आदेश कुलपति के कुलसचिव द्वारा निकाला गया है। बीयू के छात्रों का कहना है कि विश्वविद्यालय का प्रमुख कुलगुरू हैं, न की थाना क्षेत्र का थाना प्रभारी। ऐसे में शिक्षा और अन्य समस्याओं को लेकर कुलपति को छात्रों से बात करनी ही होगी।
विवि प्रबंधन की सफाई
विवि प्रबंधन ने इस आदेश के बार में सफाई देते हुए कहा है कि यह नोटिस उस स्थिति के लिए लगाया गया है, जब धरना-प्रदर्शन आदि होते हैं। ऐसे में छात्रों की भीड़ बढ़ जाने से अन्य कार्य प्रभावित होते हैं। विवि प्रबंधन की तरफ से कुलगुरू प्रो सुरेश कुमार जैन ने आरोप लगाया कि इसे तोड़-मरोड़कर पेश किया जा रहा है। जबकि सामान्य समय में वे दिन भर सभी छात्रों से मिलकर उनकी समस्याएं सुलझाते हैं।
छात्र संगठनों का विरोध शुरू
एनएसयूआई के छात्र नेता अभिज्ञान शुक्ला का कहना है कि विवि छात्रों के लिए और छात्रों से ही संचालित होते हैं। ऐसे में विवि में छात्रों को कुलपति से मुलाकात के लिए अगर ऐसे तुगलगी फरमानों का सामना करना पड़ता है तो ये अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। इस फैसले को वापस लेना होगा। इधर, एनएसय़ूआई के ही छात्र नेता रवि परमार ने कहा कि यह आदेश तुगलकी फरमान है और इसके खिलाफ एनएसयूआई शुक्रवार को विवि प्रबंधन में कुलगुरू की सद्बुद्धि के लिए यज्ञ करेगा।
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