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समावेशी खेलों से बढ़ेगा आत्मविश्वास, भोपाल में विशेषज्ञों ने साझा किए अनुभव; 200 से ज्यादा प्रतिभागियों ने लिया हिस्सा

भोपाल की जागरण लेकसिटी यूनिवर्सिटी में स्पेशल ओलंपिक भारत मध्यप्रदेश ने समावेशी खेल और दिव्यांगजन अधिकारों पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित की। कार्यक्रम में करीब 200 छात्र-छात्राओं, अभिभावकों और शिक्षकों ने हिस्सा लिया। विशेषज्ञों ने यूनिफाइड स्पोर्ट्स, अनुकूलित शारीरिक शिक्षा, समान अवसर, सुगम्यता और दिव्यांगजन अधिकारों से जुड़े विषयों पर जानकारी साझा की।
समावेशी खेलों से बढ़ेगा आत्मविश्वास, भोपाल में विशेषज्ञों ने साझा किए अनुभव; 200 से ज्यादा प्रतिभागियों ने लिया हिस्सा
समावेशी खेल और दिव्यांगजन अधिकारों पर राष्ट्रीय संगोष्ठी

भोपाल। स्पेशल ओलंपिक भारत मध्यप्रदेश की ओर से जागरण लेकसिटी यूनिवर्सिटी, भोपाल में दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी का मुख्य विषय 'समावेशी खेल, यूनिफाइड स्पोर्ट्स, दिव्यांगजन अधिकार एवं अनुकूलित शारीरिक शिक्षा- खेलों में सुगम्यता एवं समान अवसर को सशक्त बनाना' रहा। कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने समावेशी खेल, यूनिफाइड स्पोर्ट्स, दिव्यांगजन अधिकार और अनुकूलित शारीरिक शिक्षा जैसे विषयों पर छात्र-छात्राओं, अभिभावकों और शिक्षकों को जानकारी दी।

खेलों से बढ़ता है आत्मविश्वास

विशेषज्ञों ने कहा कि दिव्यांग बच्चों को खेल गतिविधियों से जोड़ने से उनके शारीरिक विकास के साथ सामाजिक सहभागिता और आत्मविश्वास को भी बढ़ावा मिलता है। खेलों के जरिए बच्चों में अनुशासन, टीम भावना और अन्य लोगों के साथ मिलकर काम करने की क्षमता विकसित करने में मदद मिलती है।

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दीप प्रज्वलित कर हुआ शुभारंभ

संगोष्ठी के उद्घाटन समारोह में NIMHR सीहोर के निदेशक अखिलेश शुक्ला, जागरण लेकसिटी यूनिवर्सिटी के कुलपति निलंजन चट्टोपाध्याय, फिजिकल एजुकेशन विभाग के एचओडी हर्षवर्धन दवे स्पेशल ओलंपिक भारत मध्यप्रदेश के क्षेत्रीय निदेशक दीपांकर बनर्जी की इस राष्ट्रीय संगोष्ठी के आयोजन में मुख्य भूमिका रही। सभी अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की।

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स्पेशल ओलंपिक भारत मध्यप्रदेश के क्षेत्रीय निदेशक दीपांकर बनर्जी

समावेशी खेलों की भूमिका पर दी जानकारी

संगोष्ठी के पहले सत्र में दीपांकर बैनर्जी ने स्पेशल ओलंपिक भारत के कार्यों और उपलब्धियों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने समावेशी खेलों की भूमिका पर भी चर्चा की। उन्होंने बताया कि विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को खेलों से जोड़ना उनके सर्वांगीण विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। खेलों से शारीरिक क्षमता के साथ सामाजिक सहभागिता, आत्मविश्वास, अनुशासन और टीम भावना को बढ़ावा मिलता है।

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200 से ज्यादा लोगों ने लिया हिस्सा

कार्यक्रम में करीब 200 छात्र-छात्राओं, अभिभावकों और महाविद्यालय के प्राध्यापकों ने हिस्सा लिया। प्रतिभागियों ने विशेषज्ञों के विभिन्न सत्रों में दिव्यांगजन और खेलों से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी हासिल की।

दिव्यांगजन अधिकारों पर भी हुई चर्चा

पहले दिन के समापन सत्र में मध्यप्रदेश दिव्यांगजन आयुक्त अजय खेमरिया ने RPwD Act यानी दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम से जुड़े महत्वपूर्ण प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने दिव्यांगजनों के लिए समान अवसर, सुगम्यता और उनके अधिकारों के प्रभावी क्रियान्वयन की जरूरत पर जोर दिया।

जागरूकता बढ़ाने की दिशा में पहल

आयोजकों के अनुसार, राष्ट्रीय संगोष्ठी का उद्देश्य समावेशी खेलों को बढ़ावा देना और दिव्यांगजनों के अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। साथ ही विद्यार्थियों और भविष्य के खेल प्रशिक्षकों को दिव्यांगजनों के प्रति संवेदनशील और सक्षम बनाने पर भी जोर दिया गया।

Shivani Gupta
By Shivani Gupta

शिवानी गुप्ता | MCU, भोपाल से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में ग्रेजुएशन | 9 वर्षों की टीवी और डिजिटल तक की य...Read More

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