भोपाल। मिडिल ईस्ट वॉर का असर अब भोपाल नगर निगम पर भी पड़ने लगा है। बल्क कंज्यूमर के नाम पर ऑयल कंपनी ने निगम को सप्लाई होने वाले डीजल पर प्रति लीटर एकमुश्त 60 रुपए का इजाफा कर दिया। यानी जो डीजल 82 रुपए प्रति लीटर मिल रहा था, वह 142 रुपए प्रति लीटर कर दिया गया। नतीजा ये हुआ कि तंगहाल नगर निगम डीजल पर 75 फीसदी की बढ़ोतरी नहीं झेल पाया, लिहाजा अब सीधे पेट्रोलियम कंपनी से डीजल खरीदने बजाए पुलिस पेट्रोलपंपों से डीजल लिया जा रहा है। इसके लिए निगम ने पुलिस कार्पोरेशन से करार किया है।
पहले दिन लिंक रोड नंबर 3 स्थित निगम के डीजल पंप से सप्लाई फिलहाल बंद कर दी गई है। अब निगम के सभी वाहन पुलिस पेट्रोल पंपों से डीजल-पेट्रोल ले रहे हैं। यह नई व्यवस्था शनिवार रात से लागू हो चुकी है। रविवार सुबह से बैरागढ़, कोकता ट्रांसपोर्ट नगर, भदभदभदा रोड 25वीं बटालियन और लाल परेड ग्राउंड डीजल टैंकों पर नगर निगम के वाहनों की कतारें नजर आईं।
अधिकारियों के मुताबिक होर्मुज स्ट्रेट में तनाव और अमेरिका-ईरान के बीच चल रहे युद्ध जैसे हालातों के कारण पेट्रोलियम सप्लाई प्रभावित हुई है। इसका असर सीधे दामों पर पड़ा। पहले जहां निगम को करीब 82 रुपए प्रति लीटर डीजल मिल रहा था, वहीं जनवरी-फरवरी में यह 90 रुपए पहुंचा। इसके बाद कंपनियों ने लगातार रेट बढ़ाए और हाल ही में अंतिम टैंकर 142 रुपए प्रति लीटर के हिसाब से मिला।
बढ़ती कीमतों के बीच निगम प्रशासन ने मध्यप्रदेश पुलिस हाउसिंग एवं लॉजिस्टिक्स कॉर्पोरेशन से संपर्क किया। दो दिन की बैठकों के बाद तय हुआ कि पुलिस कॉर्पोरेशन बाजार दर पर निगम को नियमित रूप से डीजल-पेट्रोल उपलब्ध कराएगा। ड्राइवरों को इसके लिए इंडेंट भी जारी कर दिए गए हैं।
नगर निगम के पास करीब 1700 वाहन हैं, जिनमें रोजाना 18 से 19 हजार लीटर डीजल की खपत होती है। इन दिनों नाला सफाई अभियान के चलते जेसीबी और भारी मशीनों की अतिरिक्त जरूरत भी बनी हुई है, जिससे ईंधन की मांग और बढ़ गई है।
निगम का लिंक रोड नंबर-3 स्थित पंप फिलहाल बंद कर दिया गया है। सोमवार को निगम और पुलिस कॉर्पोरेशन के बीच औपचारिक अनुबंध होने की संभावना है, जिससे आगे भी इसी व्यवस्था को जारी रखा जा सके।
डीजल समय पर नहीं मिलने से रविवार को नगर निगम की सफाई व्यवस्था भी प्रभावित हुई। कई इलाकों में डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन देर से शुरू हुआ, जबकि कुछ जगहों पर वाहन तय समय पर नहीं पहुंच सके। सड़कों और कॉलोनियों से कचरा उठाने में भी देरी हुई, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। खासतौर पर सुबह के समय जिन इलाकों में नियमित कलेक्शन होता है, वहां गाड़ियों के लेट पहुंचने से कचरा जमा रहा। हालांकि निगम अधिकारियों का कहना है कि नई व्यवस्था के बाद स्थिति जल्द सामान्य कर ली जाएगी।
पेट्रोलियम कंपनी से पहले 82 रुपए प्रति लीटर डीजल मिलता था, जिसे बढ़ाकर 142 रुपए कर दिया गया है। 60 रुपए की वृद्धि बहुत ज्यादा है। ऐसे में पुलिस पेट्रोल पंपों से डीजल लिया जा रहा है।
विजय गोयल, प्रभारी डीजल टैंक, नगर निगम