राजधानी भोपाल में मेट्रो परियोजना का दूसरा चरण अब तेजी से आकार ले रहा है। काम सिर्फ जमीन पर ही नहीं, बल्कि जमीन के करीब 24 मीटर नीचे भी पूरी गति से चल रहा है। टनल बोरिंग मशीन (TBM) के अहम हिस्से भूमिगत स्थापित किए जा चुके हैं, जो इस बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट की मजबूत नींव तैयार कर रहे हैं। जो आने वाले समय में भोपाल का ट्रांसपोर्ट सिस्टम एक नई ऊंचाई छूने वाला है।
इस चरण में करीब 3.9 किलोमीटर लंबी डबल टनल बनाई जा रही है। यह टनल शहर के दो महत्वपूर्ण स्थानों को जोड़ेगी- भोपाल रेलवे स्टेशन और नादरा बस स्टैंड। इन दोनों स्टेशनों के बीच भूमिगत कनेक्टिविटी तैयार की जा रही है, जिससे यात्रियों को तेज और सुविधाजनक सफर का अनुभव मिलेगा।
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इस पूरे प्रोजेक्ट का सबसे खास हिस्सा नादरा मेट्रो स्टेशन है, जिसे आधुनिक और स्मार्ट तरीके से डिजाइन किया जा रहा है। यह स्टेशन तीन अलग-अलग लेवल में तैयार होगा-
नादरा स्टेशन को इस तरह तैयार किया जा रहा है कि बस स्टैंड से आने-जाने वाले यात्रियों को ज्यादा चलना न पड़े। एस्केलेटर, लिफ्ट और चौड़े एंट्री-एग्जिट गेट जैसी सुविधाएं इसे और भी सुविधाजनक बनाएंगी।
इस स्टेशन का सबसे बड़ा प्लस पॉइंट है इसका इंटरचेंज मॉडल। बस और मेट्रो के बीच ट्रांजिशन को आसान बनाने के लिए खास डिजाइन तैयार किया गया है।
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कॉनकोर्स लेवल को इस तरह डिजाइन किया गया है कि पीक आवर्स में भी भीड़ को आसानी से मैनेज किया जा सके। टिकटिंग और सिक्योरिटी की प्रक्रिया तेज और स्मूद रहेगी, जिससे यात्रियों का समय बचेगा और अनुभव बेहतर होगा।
मेट्रो प्रबंधन के अनुसार, अंडरग्राउंड स्टेशन के ऊपरी हिस्से पर काम शुरू हो चुका है और आने वाले महीनों में इसमें और तेजी देखने को मिलेगी।