बांधवगढ़ में हाथी शावक कृष्णा का पहला जन्मदिन धूमधाम से मना, गन्ने और फलों से बना खास केक
उमरिया। मध्य प्रदेश के विश्व प्रसिद्ध बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में हाथी शावक कृष्णा का पहला जन्मदिन उत्साह और धूमधाम के साथ मनाया गया। पार्क प्रबंधन और महावतों ने इस खास मौके को यादगार बनाने के लिए विशेष तैयारियां कीं। कृष्णा के लिए मल्टीग्रेन आटे की रोटियों, गन्ने, गुड़, केले, सेब और अन्य पौष्टिक फलों से एक खास केक तैयार किया गया। अपनी मां बांधवी के साथ केक का आनंद लेते नन्हे कृष्णा को देखकर वनकर्मी भी उत्साहित नजर आए।
रोटियों, गन्ने और फलों से तैयार किया गया खास केक
कृष्णा के पहले जन्मदिन पर उसकी पसंद को ध्यान में रखते हुए खास इंतजाम किए गए थे। मल्टीग्रेन आटे की बड़ी-बड़ी रोटियों के साथ गन्ना, गुड़, केले, सेब और दूसरे पौष्टिक फल सजाकर एक आकर्षक केक बनाया गया। जैसे ही कृष्णा ने अपनी मां बांधवी के साथ इस खास दावत का आनंद लेना शुरू किया, वहां मौजूद वनकर्मियों और महावतों ने तालियां बजाकर जश्न मनाया। इस दौरान सभी ने ‘हैप्पी बर्थडे डियर कृष्णा’ गाकर नन्हे हाथी को जन्मदिन की बधाई दी।
16 अक्टूबर 2025 को हुआ था कृष्णा का जन्म
हाथी शावक कृष्णा का जन्म 16 अक्टूबर 2025 को हथिनी बांधवी के गर्भ से हुआ था। इसके बाद 31 दिसंबर 2025 को बांधवगढ़ प्रवास के दौरान मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उसका नामकरण ‘कृष्णा’ किया था। कृष्णा के पहले जन्मदिन को खास बनाने के लिए पार्क प्रबंधन ने पहले से तैयारियां की थीं। जानकारी के मुताबिक, 14 अक्टूबर को उमरिया दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कृष्णा के स्वास्थ्य और देखभाल के बारे में जानकारी ली थी। उन्होंने शावक का पहला जन्मदिन अनूठे और भव्य अंदाज में मनाने के निर्देश भी दिए थे।
सुबह नदी में नहलाया, दिनभर मां के साथ करता रहा अठखेलियां
जन्मदिन की सुबह महावतों ने कृष्णा को नदी में नहलाया और साफ-सुथरा कर तैयार किया। इसके बाद वह दिनभर अपनी मां बांधवी के आसपास अठखेलियां करता नजर आया। उसकी चंचल हरकतों और बाल-सुलभ गतिविधियों ने महावतों और वन अधिकारियों का ध्यान खींचा।






















