Naresh Bhagoria
14 Jan 2026
इंदौर। नशे के नेटवर्क को लेकर हुआ यह खुलासा सिर्फ एक गिरफ्तारी नहीं, बल्कि पब कल्चर, हाई-प्रोफाइल दिखावे और सिस्टम की साख पर सीधा हमला है। कनाड़िया बायपास पर चेकिंग के दौरान पुलिस ने भोपाल के प्रॉपर्टी व्यवसाय से जुड़े एक युवक को एमडी ड्रग्स के साथ दबोच लिया। पूछताछ में सामने आया कि वह इंदौर और भोपाल के महंगे पबों में नशे की सप्लाई का बड़ा नेटवर्क चला रहा था।
शनिवार रात कनाड़िया पुलिस टीम बायपास पर चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान बिना नंबर की थार के पास एक युवक संदिग्ध हालत में खड़ा मिला। पुलिस को देखते ही वह घबरा गया। तलाशी लेने पर थार की सीट के पीछे की जेब से 5.15 ग्राम एमडी ड्रग्स के पाउच बरामद किए गए। युवक की पहचान सैयद अवान शकील निवासी कोहेफिजा, भोपाल के रूप में हुई।
पूछताछ में शकील ने कबूल किया कि वह पहले प्रॉपर्टी के छोटे-मोटे काम करता था, लेकिन कम समय में ज्यादा पैसा कमाने की लालच ने उसे ड्रग्स सप्लाई की दुनिया में धकेल दिया। वह खुद को हाई-प्रोफाइल पार्टी लवर बताकर इंदौर आता, महंगे पब और होटलों में बैठकर ग्राहक तलाशता और वहीं से एमडी ड्रग्स की सप्लाई करता था। आरोपी ने माना कि उसने जानबूझकर लग्जरी लाइफस्टाइल का दिखावा किया ताकि पुलिस को उस पर शक न हो।
शकील ने खुलासा किया कि वह एमडी ड्रग्स वैभव उर्फ बाबा शर्मा निवासी महालक्ष्मी नगर से खरीदता था, जो इवेंट के नाम पर कारोबार करता है। आरोपी ने बाबा का मोबाइल नंबर भी पुलिस को सौंपा। मोबाइल जांच में ड्रग्स सप्लाई से जुड़ी चैटिंग मिलने की पुष्टि हुई है। पुलिस का मानना है कि बाबा पूरे नेटवर्क को पर्दे के पीछे से ऑपरेट कर रहा है।
जांच में चौंकाने वाले आरोप भी सामने आए हैं। सूत्रों के मुताबिक, बाबा के विजय नगर और लसूड़िया थाना क्षेत्र के कुछ पुलिसकर्मियों से नजदीकी संबंध बताए जा रहे हैं। आरोप है कि वह उनके साथ पार्टियों में शामिल होता था और मुखबिर होने की आड़ में पबों में ड्रग्स सप्लाई का धंधा बेरोकटोक चला रहा था। बताया जा रहा है कि इन दोनों थाना क्षेत्रों में करीब 20 पब ऐसे हैं, जहां ग्राहकों को एमडी ड्रग्स के पाउच आसानी से उपलब्ध कराए जाते थे। हालांकि पुलिस ने फिलहाल इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
मामला सामने आते ही पुलिस ने सरगना बाबा की तलाश तेज कर दी है। संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है। वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि पूरे ड्रग्स नेटवर्क और पुलिसकर्मियों से जुड़े आरोपों की गहराई से जांच की जाएगी।
यह मामला सिर्फ एक तस्कर की गिरफ्तारी नहीं, बल्कि यह सवाल छोड़ गया है कि नशे का धंधा पबों तक कैसे पहुंचा, हाई-प्रोफाइल दिखावा किसे बचाता रहा और सिस्टम के भीतर किन आंखों ने जानबूझकर सबकुछ अनदेखा किया। अब जांच के बाद ही साफ होगा कि नशे का यह खेल कितनी गहराई तक फैला है — और इसमें कौन-कौन से चेहरे बेनकाब होंगे।