Aniruddh Singh
19 Jan 2026
Manisha Dhanwani
18 Jan 2026
Aniruddh Singh
18 Jan 2026
मुंबई। भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल) के शेयरों ने सोमवार को शेयर बाजार में बेहद दमदार शुरुआत की। शेयर ने आईपीओ कीमत से करीब 96 प्रतिशत प्रीमियम पर लिस्ट होकर निवेशकों को चौंका दिया। यह लिस्टिंग इस बात का संकेत है कि प्राथमिक बाजार में निवेशकों का भरोसा अभी भी मजबूत बना हुआ है। कंपनी का आईपीओ 21–23 रुपए के प्राइस बैंड पर आया था, जबकि एनएसई पर शेयर सीधे 45 रुपये के स्तर पर लिस्ट हुए। बीएसई पर भी लगभग इसी स्तर पर एंट्री हुई, जिससे कंपनी का बाजार पूंजीकरण लिस्टिंग के बाद 21 हजार करोड़ रुपए से अधिक हो गया। इस आईपीओ को जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली थी और यह कुल मिलाकर 147 गुना ओवर सब्सक्राइब हुआ। बोली लगने के पहले ही कंपनी एंकर निवेशकों से 273 करोड़ रुपए जुटा चुकी थी, जिससे बाजार में इसके प्रति भरोसा और मजबूत हुआ।
इतनी अधिक मांग यह दिखाती है कि निवेशक न केवल कंपनी के मौजूदा कारोबार बल्कि भविष्य की संभावनाओं को लेकर भी काफी आशावादी हैं। भारत कोकिंग कोल लिमिटेड की स्थापना 1972 में हुई थी और यह झारखंड के झरिया तथा पश्चिम बंगाल के रानीगंज कोयला क्षेत्रों में कोकिंग कोल के खनन और आपूर्ति का काम करती है। कोकिंग कोल स्टील उद्योग के लिए बेहद जरूरी कच्चा माल है, इसलिए इस सेक्टर की कंपनियों को रणनीतिक रूप से अहम माना जाता है। बीसीसीएल का आईपीओ सरकार की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत कोल इंडिया की सहायक कंपनियों में हिस्सेदारी बेचकर मूल्य को अनलॉक करना और बाजार के जरिए पारदर्शिता बढ़ाना उद्देश्य है। निवेश विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी ऊंची लिस्टिंग के बाद शेयर में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
कुछ विश्लेषकों ने सलाह दी है कि जिन निवेशकों को आईपीओ में शेयर मिले हैं, वे आंशिक मुनाफावसूली कर सकते हैं और बाकी हिस्सेदारी को लंबी अवधि के लिए बनाए रख सकते हैं। वहीं जिन निवेशकों को शेयर आवंटित नहीं हुए, उनके लिए लिस्टिंग के दिन ऊंचे भाव पर जल्दबाजी में खरीदारी करना जोखिम भरा हो सकता है। यह लिस्टिंग ऐसे समय में हुई है, जब 2025 में आईपीओ बाजार ने रिकॉर्ड प्रदर्शन किया और कंपनियों ने करीब 1.76 लाख करोड़ रुपये जुटाए। मजबूत घरेलू लिक्विडिटी, निवेशकों का भरोसा और अनुकूल आर्थिक माहौल ने इस तेजी को सहारा दिया। कुल मिलाकर, भारत कोकिंग कोल की शानदार शुरुआत यह दिखाती है कि सरकारी कंपनियों के आईपीओ भी सही मूल्य और भरोसे के साथ बाजार में आएं तो निवेशकों से जबरदस्त समर्थन पा सकते हैं।