भाद्रपद माह की दूसरी व शाही सवारी कल, बाबा महाकाल दस स्वरूपों में देंगे भक्तों को दर्शन

उज्जैन। भगवान महाकालेश्वर की श्रावण-भाद्रपद माह में निकलने वाली सवारी के क्रम में भाद्र की दूसरी एवं शाही सवारी में सोमवार को नगर भ्रमण पर निकलेगी। इस शाही सवारी में बाबा महाकाल दस स्वरूपों में अपने भक्तों को दर्शन देंगे।
महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति ने बताया कि प्राचीन परंपरा अनुसार महाकालेश्वर मंदिर में मराठा पंचांग के अनुसार श्रवण उत्सव मनाया जाता है। इस पंचांग में तिथियां की गणना अमावस्या से अमावस्या तक होती है। इस कारण महाकालेश्वर मंदिर में आधे भाद्र पक्ष तक श्रवण उत्सव मनाया जाता है और सवारी भी भादो तक निकलती है।
[caption id="attachment_84454" align="aligncenter" width="600"]
फाइल फोटो।[/caption]
फाइल फोटो।[/caption]
फाइल फोटो।[/caption]
इन स्वरूपों में प्रजा को देंगे दर्शन
इस बार श्रवण अधिक मास होने के कारण कल भाद्रपद माह की दूसरी और दसवीं सवारी 11 सितंबर को शाही सवारी के रूप में निकलेगी। इस दौरान रजत पालकी में श्री चन्द्रमौलेश्वर, हाथी पर श्री मनमहेश, गरूड़ रथ पर शिवतांडव, नन्दी रथ पर उमा-महेश और डोल रथ पर होल्कर स्टेट के मुखारविंद, श्री घटाटोप मुखोटा, रथ पर श्री जटाशंकर, श्री रुद्रेश्वर स्वरूप, श्री चन्द्रशेखर स्वरूप व दसवीं सवारी में श्री सप्तधान का मुखारविंद सम्मिलित होंगे।सशस्त्र पुलिस बल देंगे सलामी
शाही सवारी निकलने के पूर्व महाकालेश्वर मंदिर के सभामंडप में विधिवत भगवान श्री चन्द्रमौलेश्वर का पूजन-अर्चन होने के पश्चात अपनी प्रजा के हाल जानने के लिए नगर भ्रमण पर निकलेंगे। मंदिर के मुख्य द्वार पर सशस्त्र पुलिस बल के जवानों के द्वारा पालकी में विराजित भगवान श्री चन्द्रमौलेश्वर को सलामी देंगे। [caption id="attachment_83060" align="aligncenter" width="600"]
फाइल फोटो।[/caption]












