Betma Dussehra 2026: घोड़ों की टाप, बंदूकों की गूंज और 51 फीट के रावण का दहन, अमन-चमन पहाड़ी पर दिखा अनोखा दशहरा

बेटमा दशहरा 2026: मध्य प्रदेश के बेटमा में अमन-चमन पहाड़ी पर दशहरा पर्व अनोखी परंपराओं और रोमांच के साथ मनाया गया। यहां रावण दहन से पहले घुड़दौड़ और निशानेबाजी प्रतियोगिता आयोजित की गई। घोड़ों की टाप, बंदूकों की गूंज और पहाड़ी पर उमड़ी भीड़ ने आयोजन को खास बना दिया। विजयादशमी का समापन 51 फीट ऊंचे रावण के दहन और आतिशबाजी के साथ हुआ। पहाड़ी से जलता हुआ तीर छोड़े जाने पर रावण का पुतला धू-धू कर जल उठा।
बेटमा में अनोखे अंदाज में मनाया गया दशहरा
सार्वजनिक दशहरा उत्सव समिति के तत्वावधान में मंगलवार को पारंपरिक दशहरा उत्सव आयोजित किया गया। शाम 4 बजे राजबाड़ा चौक से गाजे-बाजे के साथ चल समारोह निकाला गया। यह जुलूस शहर के अलग-अलग मार्गों से होता हुआ अमन-चमन टेकरी स्थित दशहरा मैदान पहुंचा। चल समारोह में अतिथि और प्रतियोगी घोड़ों पर सवार होकर शामिल हुए। वहीं, नगर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग पैदल जुलूस में शामिल हुए। ढोल की थाप पर घोड़े-घोड़ियां भी थिरकते नजर आए। जगह-जगह लोगों ने पुष्पवर्षा कर जुलूस का स्वागत किया।
150 मीटर की खड़ी चढ़ाई पर हुई घुड़दौड़
दशहरा मैदान में तीन चक्रों में घुड़दौड़ प्रतियोगिता आयोजित की गई। इसमें बेटमा, पीथमपुर, महू और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के घुड़सवारों ने हिस्सा लिया। करीब 300 मीटर की दौड़ में घुड़सवारों को 150 मीटर की खड़ी चढ़ाई पार करनी थी।
घुड़दौड़ प्रतियोगिता के विजेता-
- पहली दौड़: प्रथम तनवीर खान (केशरबेड़ी, महू), द्वितीय नोमान खान (पीथमपुर) और तृतीय अंकित बैरागी (बेटमा)।
- दूसरी दौड़: प्रथम इनजु पटेल (पीथमपुर), द्वितीय भानुप्रताप सिंह चौहान (बेटमा) और तृतीय विक्रम भारती (बेटमा)।
- तीसरी दौड़: प्रथम पियूष चौहान (बेटमा), द्वितीय दीपक चौधरी (बेटमा) और तृतीय नीतेश चौधरी (बेटमा)।
34 निशानेबाजों ने लगाए 111 फायर, तीन मटकियां फोड़ीं
घुड़दौड़ के बाद निशानेबाजी प्रतियोगिता आयोजित हुई। इसमें कुल 34 निशानेबाजों ने हिस्सा लिया। प्रतियोगिता में निशानेबाजों को 200 मीटर दूर रखी मटकी पर निशाना लगाना था। करीब 40 मिनट तक चली इस स्पर्धा में कुल 111 फायर किए गए और तीन मटकियां फोड़ी गईं।
निशानेबाजी प्रतियोगिता के विजेता-
- पहली मटकी: नीतिराज सिंह चौहान, बेटमा।
- दूसरी मटकी: महेश राठोड, शंकरपुरा।
- तीसरी मटकी: सुरेश पटेल, कालीबिल्लोद।
- बारिश ने डाली खलल, फिर हुआ रावण दहन
शाम को हुई तेज बारिश के कारण रावण का पुतला गीला हो गया। बारिश से मंच और चल समारोह भी कुछ समय के लिए प्रभावित हुए। हालांकि, आयोजन के दौरान परंपरागत कार्यक्रम पूरे किए गए और अंत में आतिशबाजी के साथ 51 फीट ऊंचे रावण का दहन किया गया। प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।




















