लॉरेंस गैंग का इंदौर कनेक्शन: टाइसन विश्नोई का नाम आने से जांच एजेंसियों में हलचल,इंदौर से राजस्थान और विदेश तक नेटवर्क

इंदौर। गैंगस्टर लॉरेंस विश्नोई गैंग की गतिविधियों और उससे जुड़े कथित आर्थिक नेटवर्क की जांच में राजस्थान के टाइसन विश्नोई उर्फ हरप्रीत सिंह सैनी का नाम सामने आने के बाद जांच एजेंसियों की पड़ताल तेज हो गई है। आरोप है कि वह अंतरराष्ट्रीय गेटवे के माध्यम से गैंग की स्लीपर सेल तक आर्थिक मदद पहुंचाने में भूमिका निभाता है। इंदौर के प्रॉपर्टी कारोबारियों को धमकाने से जुड़े मामले में भी उसका नाम सामने आया है। अब विशेष जांच दल (SIT) कथित फंडिंग, विदेश से होने वाले संदिग्ध लेन-देन और गैंग से जुड़े लोगों के बीच संपर्कों की कड़ियां जोड़ने में जुटा है।
अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग की घटना के बाद लॉरेंस विश्नोई गैंग से जुड़े मामलों की जांच फिर तेज कर दी गई है। जांच एजेंसियां गैंग के उन कथित सहयोगियों की भूमिका भी खंगाल रही हैं, जो सीधे धमकी देने या हमला करने के बजाय पर्दे के पीछे रहकर आर्थिक मदद और दूसरे संसाधन उपलब्ध कराने में शामिल हो सकते हैं।
स्लीपर सेल तक पैसा पहुंचाने के आरोप, SIT खंगाल रही वित्तीय नेटवर्क
जांच में शामिल अधिकारियों के अनुसार, लॉरेंस विश्नोई गैंग से जुड़े मामलों में आर्थिक मदद पहुंचाने वाले लोगों की भूमिका अहम मानी जा रही है। जांच एजेंसियों को संदेह है कि धमकियों और हमलों से जुड़े नेटवर्क को चलाने के लिए कुछ लोग पर्दे के पीछे से वित्तीय सहायता उपलब्ध कराते हैं। टाइसन विश्नोई की भूमिका इसी कथित नेटवर्क के संदर्भ में सामने आई है।SIT ने अंतरराष्ट्रीय गेटवे के जरिए हुए संदिग्ध लेन-देन की पड़ताल कर कुछ साक्ष्य जुटाए हैं। खबर के मुताबिक, तीन प्रकरणों में टाइसन को नामजद आरोपित बनाया गया है। तुकोगंज थाने में दर्ज एक मामले में भी उसकी भूमिका सामने आने की बात कही गई है।जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि कथित तौर पर पैसा कहां से भेजा गया, किन माध्यमों का इस्तेमाल हुआ और इसका लाभ किन लोगों तक पहुंचा। इन लेन-देन का गैंग की गतिविधियों से संबंध क्या है, इसकी पुष्टि जांच के निष्कर्षों से होगी।
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पायलट बनने कनाडा गया था टाइसन, फिर गैंग से जुड़ने की कहानी आई सामने
जांच में नाम सामने आए टाइसन उर्फ हरप्रीत सिंह सैनी को राजस्थान के बीकानेर का निवासी बताया गया है। जानकारी के अनुसार, वह कुछ साल पहले पायलट की ट्रेनिंग लेने कनाडा गया था। बताया जाता है कि कार खरीदने के दौरान उसका संपर्क लॉरेंस विश्नोई गैंग से हुआ और बाद में वह अमेरिका पहुंच गया।जांच एजेंसियां उसके विदेश प्रवास, कथित वित्तीय संपर्कों और गैंग से जुड़े लोगों के साथ संबंधों की पड़ताल कर रही हैं। जांच का अहम पहलू यह भी है कि विदेश में रहते हुए उसके संपर्क किन लोगों से रहे और क्या उन संपर्कों के जरिए किसी तरह की आर्थिक मदद पहुंचाई गई।हालांकि, किसी व्यक्ति के विदेश जाने या किसी गिरोह से संपर्क होने की जानकारी अपने आप में अपराध साबित नहीं करती। टाइसन के खिलाफ लगाए गए आरोपों और संदिग्ध लेन-देन की वास्तविक प्रकृति का निर्धारण जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर होगा।
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टाइसन के पिता से भी पूछताछ, परिवार के संपर्कों की जानकारी जुटाई
मामले की जांच के दौरान SIT ने कुछ दिन पहले टाइसन के पिता बलवीर सिंह सैनी को हिरासत में लेकर पूछताछ की थी। खबर के अनुसार, बलवीर सिंह कृषि विभाग में अधिकारी हैं। पूछताछ के दौरान उन्होंने टाइसन के लॉरेंस गैंग से जुड़ने की जानकारी होने की बात कही और बताया कि टाइसन फिलहाल केवल अपनी मां के संपर्क में है।टाइसन की मां एक सरकारी स्कूल में प्राचार्य बताई गई हैं। जांच एजेंसियां परिवार के संपर्कों से संबंधित जानकारी जुटाने के साथ यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि टाइसन से संबंधित मामलों में वित्तीय लेन-देन या अन्य गतिविधियों को लेकर कोई ठोस साक्ष्य उपलब्ध हैं या नहीं।
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हैरी बॉक्सर पर धमकियां देने के आरोप, कई जिलों में दर्ज हैं मामले
लॉरेंस विश्नोई गैंग से जुड़े मामलों में हैरी बॉक्सर का नाम भी प्रमुखता से सामने आया है। एडिशनल डीसीपी (अपराध) राजेश दंडोतिया के अनुसार, गैंग के सदस्य हैरी बॉक्सर द्वारा पांच लोगों को फोन किए जाने की जानकारी सामने आई है। इन कॉल के संबंध में धमकियां देने के आरोपों की जांच की जा रही है।अधिकारियों के मुताबिक, इस मामले में अपराध शाखा में तीन प्रकरण और तुकोगंज थाने में एक प्रकरण दर्ज है। प्रदेश के विभिन्न थानों में गैंग से जुड़े कुल नौ प्रकरण दर्ज होने की जानकारी दी गई है। इन सभी मामलों की जांच विशेष जांच दल कर रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, नौ मामलों में 35 से अधिक लोगों को आरोपित बनाया गया है।भोपाल के कोलार रोड, ग्रामीण क्षेत्र के किशनगंज, गुना के अशोकनगर और नीमच के कैंट थाने में भी संबंधित प्रकरण दर्ज हैं। इन मामलों में हैरी बॉक्सर को नामजद किए जाने की बात सामने आई है।
प्रॉपर्टी कारोबारियों को धमकाने के मामले में भी जांच तेज
इंदौर में प्रॉपर्टी कारोबारियों को धमकाने के मामले में टाइसन का नाम सामने आने के बाद जांच का दायरा और महत्वपूर्ण हो गया है। एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि कारोबारियों को फोन करने वाले लोगों, कथित धमकी नेटवर्क और आर्थिक मदद पहुंचाने के आरोपों के बीच कोई सीधा संबंध है या नहीं।जांचकर्ताओं के सामने मुख्य सवाल यह है कि क्या धमकियों के जरिए दबाव बनाने वाले लोगों को पर्दे के पीछे से वित्तीय या दूसरी सहायता उपलब्ध कराई जा रही थी। अंतरराष्ट्रीय गेटवे से जुड़े संदिग्ध लेन-देन की जांच इसी दिशा में अहम मानी जा रही है।
अब आर्थिक मदद के स्रोत और नेटवर्क की कड़ियां खंगाल रही SIT
लॉरेंस विश्नोई गैंग से जुड़े मामलों में जांच अब केवल फोन पर धमकी देने वाले कथित आरोपितों तक सीमित नहीं है। एजेंसियां यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि इस नेटवर्क को आर्थिक सहायता कौन उपलब्ध कराता है, पैसा किन माध्यमों से पहुंचता है और अलग-अलग राज्यों में दर्ज मामलों के बीच क्या संबंध हैं।टाइसन विश्नोई का नाम तीन मामलों में सामने आने और इंदौर के प्रॉपर्टी कारोबारियों को धमकाने से जुड़े मामले में उसकी कथित भूमिका की जांच के बाद अब वित्तीय संपर्कों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।




















