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MP को मिला 250 करोड़ का आलीशान सरकारी विमान, जानिए Challenger 3500 की खासियत और कब भरेगा पहली उड़ान

मध्य प्रदेश सरकार का 250 करोड़ का Challenger 3500 विमान भोपाल पहुंचा। जानिए इसकी 6,297 KM की उड़ान क्षमता, 9 यात्रियों के बैठने की व्यवस्था, उड़ान शुरू होने की संभावित तारीख और नए एयरपोर्ट की योजना।
MP को मिला 250 करोड़ का आलीशान सरकारी विमान, जानिए Challenger 3500 की खासियत और कब भरेगा पहली उड़ान
मध्य प्रदेश सरकार का नया Challenger 3500 विमान भोपाल पहुंचा

मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार के बेड़े में एक नया और अत्याधुनिक सरकारी विमान शामिल हो गया है। कनाडा की मशहूर विमान निर्माता कंपनी बॉम्बार्डियर का चैलेंजर 3500 बिजनेस जेट भोपाल पहुंच चुका है। करीब 230 से 250 करोड़ रुपए कीमत वाला यह विमान अपनी लग्जरी सुविधाओं, लंबी दूरी तक उड़ान भरने की क्षमता और आधुनिक तकनीक के लिए जाना जाता है। सरकार को उम्मीद है कि नए विमान के संचालन से मुख्यमंत्री और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की सरकारी यात्राओं पर होने वाला खर्च कम होगा। हालांकि, विमान को नियमित उड़ानों के लिए तैयार करने में अभी करीब 45 दिन लगने का अनुमान है। ऐसे में सवाल है कि इस सरकारी विमान की खासियत क्या है, यह कितना खर्च बचाएगा और मध्य प्रदेश में हवाई सुविधाओं को लेकर सरकार की क्या योजना है?

250 करोड़ की लागत, चार्टर्ड विमान का खर्च होगा कम?

मध्य प्रदेश के नए सरकारी विमान की कीमत को लेकर अलग-अलग रिपोर्टों में 230 से 250 करोड़ रुपए तक के आंकड़े सामने आए हैं। कर, अन्य खर्चों और संबंधित औपचारिकताओं को जोड़ने के बाद कुल लागत अलग हो सकती है। विमान के लिए लगभग 268 करोड़ रुपए का बीमा प्रस्तावित होने की जानकारी भी सामने आई है। नए विमान को खरीदने के पीछे एक प्रमुख उद्देश्य सरकारी हवाई यात्राओं पर होने वाले खर्च को कम करना है। अभी तक राज्य सरकार को जरूरत पड़ने पर चार्टर्ड विमानों का सहारा लेना पड़ रहा था, जिनका किराया काफी महंगा हो सकता है। सरकार का अनुमान है कि अपने विमान के संचालन से हवाई यात्राओं पर होने वाला मासिक खर्च पहले की तुलना में घटकर लगभग एक-तिहाई रह सकता है। हालांकि, वास्तविक बचत विमान के इस्तेमाल, रखरखाव, ईंधन, चालक दल और उड़ानों की संख्या पर निर्भर करेगी।

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सरकारी विमान की खरीद क्यों अहम है?

  • बार-बार चार्टर्ड विमान किराये पर लेने की जरूरत कम हो सकती है।
  • सरकारी यात्राओं के लिए विमान की उपलब्धता बेहतर हो सकती है।
  • नियमित रखरखाव और संचालन की लागत पर सरकार का सीधा नियंत्रण रहेगा।
  • लंबी दूरी की यात्राओं में समय और ठहराव कम करने में मदद मिल सकती है।

कोविड के दौरान क्षतिग्रस्त हुआ था पुराना सरकारी विमान

मध्य प्रदेश सरकार को नए विमान की जरूरत लंबे समय से महसूस हो रही थी। कोविड काल के दौरान प्रदेश का पिछला सरकारी विमान ग्वालियर में क्षतिग्रस्त हो गया था। इसके बाद सरकारी यात्राओं के लिए चार्टर्ड विमानों पर निर्भरता बढ़ गई। चार्टर्ड विमान जरूरत के समय उपलब्ध तो हो सकते हैं, लेकिन लगातार इस्तेमाल किए जाने पर उनका खर्च सरकारी खजाने पर अतिरिक्त बोझ डाल सकता है। ऐसे में नया विमान सरकार के लिए एक वैकल्पिक व्यवस्था तैयार करेगा।

45 दिन बाद शुरू हो सकती हैं नियमित उड़ानें

चैलेंजर 3500 के भोपाल पहुंचने के बाद अब सभी की नजर इसके संचालन की तारीख पर है। जानकारी के मुताबिक, विमान को नियमित सरकारी उड़ानों के लिए तैयार करने में लगभग 45 दिन लग सकते हैं। यानी भोपाल पहुंचने और आधिकारिक उड़ानें शुरू होने के बीच जरूरी प्रक्रियाएं पूरी करनी होंगी। विमान के संचालन से पहले कई अहम औपचारिकताएं पूरी करना जरूरी है।

  • भारतीय पंजीयन: विमान का आवश्यक पंजीयन और संबंधित दस्तावेज पूरे किए जाएंगे।
  • कस्टम्स प्रक्रिया: विदेश से आए विमान के लिए लागू सीमा शुल्क संबंधी औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी।
  • तकनीकी जांच: विमान के इंजन, उपकरणों और सुरक्षा प्रणालियों की जांच की जाएगी।
  • पायलटों की तैयारी: पायलटों की योग्यता, आवश्यक अनुमतियों और प्रशिक्षण संबंधी शर्तों को पूरा करना होगा।
  • टेस्ट फ्लाइट: नियामकीय जरूरतों के अनुसार परीक्षण उड़ान भी कराई जा सकती है।
  • इन प्रक्रियाओं के पूरा होने के बाद ही विमान को नियमित संचालन के लिए तैयार माना जा सकेगा।

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Challenger 3500 की 6,297 किलोमीटर तक उड़ान क्षमता

बॉम्बार्डियर चैलेंजर 3500 एक आधुनिक बिजनेस जेट है, जिसे लंबी दूरी की यात्रा और यात्रियों के आराम को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इसकी प्रकाशित तकनीकी जानकारी के मुताबिक, विमान की अधिकतम रेंज लगभग 6,297 किलोमीटर है। इस क्षमता की वजह से विमान कई लंबी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दूरी के मार्गों पर उड़ान भरने में सक्षम हो सकता है। हालांकि, वास्तविक उड़ान दूरी यात्रियों के वजन, सामान, मौसम, हवा की दिशा और अन्य परिचालन परिस्थितियों के आधार पर बदल सकती है।

विमान की प्रमुख विशेषताएं-

  • यात्रियों की क्षमता: केबिन में लगभग 9 यात्रियों के बैठने की व्यवस्था।
  • लंबी दूरी की उड़ान: करीब 6,297 किलोमीटर तक की प्रकाशित अधिकतम रेंज।
  • आरामदायक केबिन: लंबी यात्राओं के दौरान आराम के लिए विशेष नुआज सीटें।
  • आधुनिक तकनीक: उड़ान संचालन और यात्रियों की सुविधा को बेहतर बनाने वाले आधुनिक सिस्टम।
  • अलग कॉकपिट: पायलटों के लिए अलग नियंत्रण क्षेत्र।
  • इन सुविधाओं के कारण यह विमान सरकारी प्रतिनिधिमंडलों और वरिष्ठ अधिकारियों की यात्राओं के लिए उपयोगी साबित हो सकता है।

हर हवाई पट्टी पर नहीं उतर सकेगा सरकारी विमान

नया विमान आने के बाद भी मध्य प्रदेश में उसकी उपयोगिता इस बात पर निर्भर करेगी कि किन हवाई अड्डों और हवाई पट्टियों पर उसका संचालन संभव है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इस विमान के लिए कम से कम 1,800 मीटर लंबे रनवे की जरूरत होगी। प्रदेश में लगभग 20 हवाई पट्टियां हैं, लेकिन बताया जा रहा है कि इनमें से केवल तीन पर ही इतनी लंबाई का रनवे उपलब्ध है। इसका मतलब है कि विमान को प्रदेश के हर छोटे शहर या कस्बे तक सीधे पहुंचाना आसान नहीं होगा। जिन स्थानों पर रनवे की लंबाई या दूसरी तकनीकी सुविधाएं पर्याप्त नहीं हैं, वहां उड़ानों के लिए वैकल्पिक हवाई अड्डों का इस्तेमाल करना पड़ सकता है।

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230 विधानसभा क्षेत्रों तक हेलीपैड की योजना

मध्य प्रदेश सरकार की योजना केवल नए सरकारी विमान तक सीमित नहीं है। प्रदेश में हवाई कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए नए एयरपोर्ट और हेलीपैड विकसित करने की दिशा में भी काम किया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, पांच नए एयरपोर्ट को मंजूरी देने की प्रक्रिया चल रही है। इनमें सिंगरौली को प्राथमिकता दिए जाने की बात सामने आई है। इसके अलावा उड़ान योजना के तहत 10 हवाई पट्टियों को एयरपोर्ट के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव भी है। सरकार की व्यापक योजना में प्रदेश के सभी 230 विधानसभा क्षेत्रों में स्थायी हेलीपैड बनाने का लक्ष्य भी शामिल है।

Garima Vishwakarma
By Garima Vishwakarma

गरिमा विश्वकर्मा | People’s Institute of Media Studies से B.Sc. Electronic Media की डिग्री | पत्रकार...

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