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बेंगलुरु की पत्थर खदान में बड़ा हादसा :40 फीट ऊंचाई से गिरी चट्टान, बिहार के 7 मजदूरों की मौत; कई घायल

कर्नाटक के बेंगलुरु में पत्थर की खदान में बड़ा हादसा हुआ। 40 फीट ऊंचाई से चट्टान गिरने से बिहार के 8 मजदूरों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हैं। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और खदान में सुरक्षा नियमों के पालन पर सवाल उठ रहे हैं।
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40 फीट ऊंचाई से गिरी चट्टान, बिहार के 7 मजदूरों की मौत; कई घायल

बेंगलुरु। कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु से गुरुवार सुबह एक बेहद दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई। दक्षिण तालुक के मादापट्टना इलाके में स्थित एक पत्थर की खदान में अचानक विशाल चट्टान ढह गई। हादसे में बिहार के 8 मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कई अन्य मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और राहत-बचाव अभियान तुरंत शुरू किया गया।

काम के दौरान हुआ हादसा

पुलिस के मुताबिक हादसा कावेरी क्रशर कंपनी की पत्थर खदान में हुआ, जहां सुबह मजदूर रोज की तरह पत्थर तोड़ने और खनन कार्य में लगे हुए थे। इसी दौरान करीब 40 फीट ऊंचाई से एक विशाल चट्टान अचानक नीचे आ गिरी और वहां काम कर रहे मजदूर उसकी चपेट में आ गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसे के समय खदान में करीब 18 मजदूर काम कर रहे थे। चट्टान इतनी तेजी से गिरी कि किसी को संभलने या सुरक्षित स्थान पर जाने का मौका नहीं मिला।

प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कैसे हुआ हादसा

खदान में एक्सकेवेटर चला रहे कर्मचारी परशुराम ने बताया कि वह काम शुरू करने के लिए मशीन चालू ही कर रहे थे कि अचानक पहाड़ी का एक हिस्सा भरभराकर नीचे गिर पड़ा। उन्होंने बताया कि, सब कुछ कुछ ही सेकंड में हुआ और मजदूरों को बचने का बिल्कुल समय नहीं मिला। उन्होंने बताया कि, मलबे से कई लोगों को बाहर निकाला गया, जबकि कुछ मजदूर गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिले।

घायलों का अस्पताल में इलाज जारी

हादसे में घायल मजदूरों को तुरंत पास के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। कई मजदूरों की हालत गंभीर बताई जा रही है। प्रशासन ने फिलहाल घायलों की सटीक संख्या की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। डॉक्टर लगातार घायलों का इलाज कर रहे हैं और प्रशासन उनकी स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

राहत और बचाव अभियान जारी

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, दमकल विभाग और बचाव दल मौके पर पहुंच गए। पूरे इलाके को सुरक्षा घेरे में लेकर मलबा हटाने का काम शुरू किया गया। अधिकारियों का कहना है कि, यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि मलबे के नीचे कोई और मजदूर फंसा न रह गया हो। वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन की निगरानी कर रहे हैं।

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सभी मृतक बिहार के रहने वाले

पुलिस के अनुसार हादसे में जान गंवाने वाले सभी 8 मजदूर बिहार के रहने वाले थे और दिहाड़ी मजदूर के रूप में इस खदान में काम करते थे। प्रशासन मृतकों की पहचान की प्रक्रिया पूरी कर उनके परिजनों को सूचना दे रहा है। कुछ शुरुआती रिपोर्टों में असम और झारखंड के मजदूरों का भी उल्लेख किया गया था, लेकिन पुलिस की ताजा पुष्टि के अनुसार मृतकों में बिहार के मजदूर शामिल हैं।

सुरक्षा नियमों पर उठे सवाल

हादसे के बाद खदान में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है कि, खदान में सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं। यह भी जांच की जा रही है कि, चट्टान प्राकृतिक कारणों से गिरी या खनन प्रक्रिया में किसी प्रकार की लापरवाही हुई थी। अगर जांच में सुरक्षा नियमों की अनदेखी सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

अवैध खनन के आरोप भी सामने आए

स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने इस हादसे को अवैध पत्थर खनन से जोड़ते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि इस क्षेत्र में लंबे समय से अवैध खनन की शिकायतें मिलती रही हैं, लेकिन संबंधित विभागों ने समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं की। उन्होंने माइंस एंड जियोलॉजी विभाग, वन विभाग, पुलिस और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की भूमिका की भी जांच कराने की मांग की है।

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मुख्यमंत्री ने जताया दुख

कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताई और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि, खदानों में काम करने वाले मजदूरों की सुरक्षा सुनिश्चित करना खदान संचालकों की जिम्मेदारी है। अगर किसी तरह की लापरवाही सामने आती है तो सरकार दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी।

जांच के दायरे में कई अहम सवाल

प्रशासन अब कई अहम बिंदुओं पर जांच कर रहा है-

जांच का मुद्दा

स्थिति

हादसे का कारण

जांच जारी

सुरक्षा मानकों का पालन हुआ या नहीं

जांच जारी

अवैध खनन की संभावना

जांच के दायरे में

मलबे में अन्य मजदूर फंसे हैं या नहीं

रेस्क्यू जारी

जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका

जांच होगी

 

Manisha Dhanwani
By Manisha Dhanwani

मनीषा धनवानी | जागरण लेकसिटी यूनिवर्सिटी से BJMC | 6 वर्षों के पत्रकारिता अनुभव में सब-एडिटर, एंकर, ...Read More

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