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Suvendu Adhikari : नंदीग्राम सीट छोड़ेंगे बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी, भवानीपुर से रहेंगे MLA

पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव में दो सीटों से विजयी मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने एक सीट छोड़ने का फैसला कर लिया है। अब वे अपनी परंपरागत नंदीग्राम सीट से इस्तीफा देंगे और जिस सीट से ममता बनर्जी को हराया था उस भवानीपुर सीट से विधानसभा में प्रतिनिधित्व करेंगे।
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नंदीग्राम सीट छोड़ेंगे बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी, भवानीपुर से रहेंगे MLA

नेशनल डेस्क।  पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने ऐलान किया है कि वह नंदीग्राम विधानसभा सीट से इस्तीफा देंगे और भवानीपुर सीट को अपने पास बनाए रखेंगे। उनके इस फैसले को सिर्फ संवैधानिक औपचारिकता नहीं, बल्कि बंगाल की राजनीति में एक मजबूत राजनीतिक संदेश के तौर पर भी देखा जा रहा है।

दो सीटों से जीत के बाद करना था एक का चयन 

2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में सुवेंदु अधिकारी ने दो अहम सीटों नंदीग्राम और भवानीपुर से चुनाव मैदान में उतरकर राजनीतिक हलकों में पहले ही हलचल मचा दी थी। चुनाव परिणाम आने के बाद उन्होंने दोनों सीटों पर शानदार जीत दर्ज की। नंदीग्राम सीट पर उन्होंने अपनी पकड़ बरकरार रखी, जबकि भवानीपुर में उनकी जीत सबसे ज्यादा चर्चा में रही। भवानीपुर को तृणमूल कांग्रेस और ममता बनर्जी का मजबूत गढ़ माना जाता रहा है। ऐसे में वहां जीत हासिल करना भाजपा के लिए बड़ी राजनीतिक उपलब्धि माना गया। इस मुकाबले ने बंगाल की राजनीति की दिशा बदलने वाले चुनावी संघर्ष का रूप ले लिया था।

संवैधानिक नियमों के कारण लेना पड़ा फैसला 

भारतीय संविधान और चुनावी नियमों के अनुसार कोई भी जनप्रतिनिधि एक साथ दो विधानसभा सीटों का प्रतिनिधित्व नहीं कर सकता। इसी वजह से सुवेंदु अधिकारी को दोनों में से एक सीट छोड़ने का फैसला करना था। काफी अटकलों के बाद आखिरकार उन्होंने भवानीपुर सीट को बनाए रखने का निर्णय लिया। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भवानीपुर को चुनना बीजेपी की रणनीतिक सोच का हिस्सा है, क्योंकि यह सीट लंबे समय तक टीएमसी की राजनीतिक ताकत का प्रतीक रही है। ऐसे में इस सीट को अपने पास रखना बीजेपी के लिए प्रतीकात्मक और राजनीतिक दोनों लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

नंदीग्राम से रहा है सुवेंदु का खास रिश्ता 

हालांकि सुवेंदु अधिकारी का राजनीतिक सफर नंदीग्राम आंदोलन से गहराई से जुड़ा रहा है। इसी क्षेत्र ने उन्हें राज्यस्तरीय पहचान दिलाई थी। नंदीग्राम की राजनीति में उनकी मजबूत पकड़ लंबे समय से बनी हुई है और यहां उनकी जीत को हमेशा प्रतिष्ठा से जोड़कर देखा गया। इसी कारण यह माना जा रहा था कि वे शायद नंदीग्राम सीट को बरकरार रखेंगे, लेकिन भवानीपुर को चुनकर उन्होंने बंगाल की राजनीति में एक अलग संदेश देने की कोशिश की है। अब नंदीग्राम सीट पर उपचुनाव होना तय माना जा रहा है, जिस पर सभी दलों की नजरें टिक गई हैं।

9 मई को ली थी मुख्यमंत्री पद की शपथ 

बीजेपी की ऐतिहासिक जीत के बाद सुवेंदु अधिकारी ने 9 मई को पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। राजभवन में आयोजित भव्य समारोह में राज्यपाल ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। उनके नेतृत्व में गठित नई सरकार में कुल 42 मंत्रियों को जगह दी गई है। इनमें 24 कैबिनेट मंत्री और 18 राज्य मंत्री शामिल हैं। बीजेपी ने इस मंत्रिमंडल के जरिए क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन साधने की कोशिश की है। बंगाल में पहली बार बीजेपी सरकार बनने के कारण इस शपथ ग्रहण समारोह को पार्टी के लिए ऐतिहासिक पल माना गया।

बंगाल में भाजपा की ऐतिहासिक जीत 

2026 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने पश्चिम बंगाल की 294 सीटों में से 207 सीटों पर जीत दर्ज कर इतिहास रच दिया। पार्टी ने बहुमत के आंकड़े 148 को काफी पीछे छोड़ते हुए लगभग दो-तिहाई बहुमत हासिल कर लिया। 4 मई को आए चुनाव परिणामों में 15 वर्षों से सत्ता में रही तृणमूल कांग्रेस को बड़ा झटका लगा और पार्टी सिर्फ 80 सीटों तक सिमट गई। वहीं कांग्रेस को 2 सीटें मिलीं। आम जनता उन्नयन पार्टी ने भी 2 सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि सीपीएम और ऑल इंडिया सेकुलर फ्रंट को एक-एक सीट से संतोष करना पड़ा। 

Naresh Bhagoria
By Naresh Bhagoria

नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...Read More

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