जबलपुर में विष्णु वराह मंदिर के आसपास के अतिक्रमण 3 महीने में हटाने होंगे, जनहित याचिका पर मध्यप्रदेश हाई कोर्ट का आदेश

जबलपुर। मझौली तहसील में स्थित प्राचीन विष्णु वराह मंदिर के आसपास मौजूद अतिक्रमणों को हटाए जाने की कार्रवाई को तीन माह में पूरा करने के आदेश मप्र हाईकोर्ट ने गुरुवार को दिए हैं। इस बारे में दाखिल जनहित याचिका का निराकरण करते हुए चीफ जस्टिस अल्पेश यशवंत कोगजे और जस्टिस विवेक जैन की डिवीजन बेंच ने गुरुवार को इस आदेश के साथ वर्ष 2018 में दायर जनहित याचिका का निराकरण कर दिया।
मंदिर परिसर के आसपास अतिक्रमण
मझौली के खेरमाई मोहल्ला में रहने वाले श्रवण कुमार सोनी की ओर से वर्ष 2018 में दायर याचिका में आरोप लगाया गया था कि प्राचीन महत्व वाले विष्णु वराह मंदिर के संरक्षण के लिए कोई ठोस प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। इसके चलते मंदिर परिसर के आसपास बड़े पैमाने पर अतिक्रमण हो गए। उन्हें हटाने की दिशा में कोई भी प्रयास नहीं किए जा रहे, जो अवैधानिक है।
मामले पर गुरुवार को हुई सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता प्रियंक शांडिल्य, राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता नीलेश यादव और केन्द्र सरकार की ओर से डिप्टी सॉलिसिटर जनरल सुयश मोहन गुरु हाजिर हुए।
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संरक्षण के लिए आवेदन दो
सुनवाई के दौरान मंदिर को संरक्षित करने के संबंध में भारतीय पुरात्तव विभाग को निर्देश दिए जाने का मुद्दा भी उठा। डिवीजन बेंच ने कहा कि इस बारे में कोई निर्देश जारी नहीं किए जा सकते। बेंच ने याचिकाकर्ता को स्वतंत्रता दी है कि वो इस बारे में विभाग को आवेदन दे, जिस पर विधि अनुसार निर्णय लिया जाए।




















