बलूचिस्तान में हुआ खतरनाक गठबंधन, लश्कर-ए-तयैबा और ISIS-K हुए एकजुट, फोटो से खुले कई राज

नई दिल्ली। पाकिस्तान के बलूचिस्तान से एक बड़ी आतंकी संगठन बनने की घटना सामने आई है। दरअसल मंगवार को लश्कर-ए-तयैबा और स्लामिक स्टेट खोरासान प्रांत (ISIS-K) का गठबंधन हो गया है। जिससे इसका सीधा असर भारत और अफगानिस्तान पर पड़ सकता है। यह जानकारी ताजा खुफिया रिपोर्ट से आई है जिसमें आईएसआई ने दो आंतकी संगठनों को मिला दिया है।
भारत-अफगानिस्तान की बढ़ेंगी मुश्किलें
इस गठबंधन से न सिर्फ बलूच विद्रोहियों और अफगानिस्तान की तालिबान सरकार के विरोधियों के लिए खतरा है बल्कि यह जम्मू-कश्मीर में पाकिस्तान द्वारा हमले की साजिश को भी बढ़ावा देगा। जिससे जम्मू-कश्मीर में आतंकी गतिविधि को उकसाने की साजिश रची जाएगी। आईएसके की मैगजीन यलगार में भारत के आतंकी हमलों का जिक्र भी किया गया है।
आईएसके की तस्वीर से खुली पोल
इस पूरे गठबंधन का खुलासा उस लीक हुई तस्वीर से खुला है। दरअसल इस तस्वीर में बलूचिस्तान के समन्यवक मीर शरीफ मेंगल को लश्कर के वरिष्ठ कमांडर राणा मोहम्मद अशफाक को बंदूक देते हुए देखा गया था। जिससे स्पष्ट हो गया है कि आईएसआई इस गठबंधन को मदद पहुंचा रहा है। वहीं राणा अशफाक लश्कर के विस्तार में एक्टिव है।
बलूचिस्तान में दो ठिकानों पर फैला ISIS-K
सूत्रों के अनुसार, आईएसआई की मदद से आतंकी संगठन आईएसके ने मस्तुंग और खुजदार जिलों में दो बड़े आतंकी ऑपरेशन बेस बनाएं है। यहां मीर मेंगल इंचार्ज है इसी के जरिए पैसों की सप्लाई करता है। इस साल के मार्च माह में बलूच विद्रोहियों ने मस्तुंग कैंप पर हमला कर 30 से अधिक आईएसके के आतंकियों को ढेर किया था। वहीं इसके बाद आईएसआई ने लश्कर-ए-तयैबा को सीधे तौर पर हस्तक्षेप करने का आदेश जारी किया था।












