Balaghat :बालाघाट में रेत माफिया का आतंक, हेड कॉन्सटेबल को ट्रैक्टर से कुचला, दो पसलियां फ्रैक्चर

बालाघाट। मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में रेत माफिया की दबंगई का बड़ा मामला सामने आया है। अवैध रेत परिवहन की सूचना पर कार्रवाई करने पहुंची पुलिस टीम पर हमला किया गया, जिसमें प्रधान आरक्षक (हेड कॉन्स्टेबल) राजेश्वर राहंगडाले गंभीर रूप से घायल हो गए। आरोप है कि जांच के दौरान ट्रैक्टर चालक ने जानबूझकर वाहन को पुलिसकर्मी की ओर तेज रफ्तार में मोड़ दिया, जिससे वह उसकी चपेट में आ गए।
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गंभीर हालत में गोंदिया रेफर, पसलियां टूटीं
हादसे में घायल हेड कॉन्सटेबल को पहले बालाघाट जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें महाराष्ट्र के गोंदिया स्थित यूनाइटेड अस्पताल रेफर कर दिया गया। डॉक्टरों के अनुसार उनकी दो पसलियां फ्रैक्चर हैं और शरीर में अंदरूनी चोटें भी आई हैं। फेफड़ों को नुकसान की आशंका को देखते हुए अगले 72 घंटे बेहद महत्वपूर्ण बताए गए हैं। फिलहाल उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है, लेकिन लगातार निगरानी में रखा गया है।
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पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी को दबोचा
घटना के बाद पुलिस ने तुरंत इलाके में घेराबंदी कर ट्रैक्टर चालक को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के खिलाफ अवैध उत्खनन, शासकीय कार्य में बाधा डालने और जानलेवा हमले सहित गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और रेत माफिया नेटवर्क की भूमिका भी खंगाली जा रही है।
कैसे हुआ हादसा?
जानकारी के मुताबिक, पुलिस टीम में प्रधान आरक्षक राजेश्वर राहंगडाले और आरक्षक सुनील विश्वकर्मा शामिल थे। दोनों को सूचना मिली थी कि ग्राम पलाकामठी के पास अवैध रेत परिवहन हो रहा है। मौके पर पहुंचकर पुलिस ने संदिग्ध ट्रैक्टर को रोका और कार्रवाई की प्रक्रिया के तहत उसका वीडियो बनाना शुरू किया। इसी दौरान अचानक ट्रैक्टर चालक ने वाहन को तेजी से पुलिसकर्मी की ओर बढ़ा दिया, जिससे अफरा-तफरी मच गई।
जिले में रेत माफिया की बढ़ती दबंगई पर उठे सवाल
इस घटना ने एक बार फिर बालाघाट में सक्रिय रेत माफिया के हौसले और प्रशासनिक चुनौतियों को उजागर कर दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अवैध खनन पर कार्रवाई करने वाली टीमों पर लगातार हमले हो रहे हैं, जिससे कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।











