बालाघाट जिला अस्पताल में कलेक्टर का औचक निरीक्षण, खराब बेड बदलने और लॉन्ड्री ठेका निरस्त करने के निर्देश

बालाघाट। जिला चिकित्सालय में स्वास्थ्य सेवाओं और मरीजों को मिल रही सुविधाओं की स्थिति जानने के लिए गुरुवार सुबह 9 बजे कलेक्टर आदित्य सिंह ने औचक निरीक्षण किया। उन्होंने अस्पताल के विभिन्न वार्डों का जायजा लिया और भर्ती मरीजों से बातचीत कर उपचार, भोजन तथा अन्य सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान अस्पताल में खराब बेड बदलने, साफ-सफाई सुधारने और मरीजों को गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने अस्पताल प्रबंधन को स्पष्ट किया कि मरीजों को स्वच्छ वातावरण और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलनी चाहिए। निरीक्षण के दौरान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शत्रुघ्न सिंह दाहिया, सिविल सर्जन डॉ. निलय जैन और मुख्य नगरपालिका अधिकारी सूर्य प्रकाश उके उपस्थित रहे।
महिला वार्ड से एसएनसीयू तक व्यवस्थाओं का जायजा
कलेक्टर आदित्य सिंह ने महिला वार्ड, मेडिकल वार्ड, विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (एसएनसीयू), पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी), बच्चा वार्ड और डे केयर यूनिट का निरीक्षण किया। उन्होंने भर्ती मरीजों से बातचीत कर उपचार और अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं के बारे में जानकारी ली।कलेक्टर ने मरीजों से यह भी पूछा कि उन्हें नाश्ता और भोजन किस समय दिया जाता है। अस्पताल में खराब और अनुपयोगी बेड मिलने पर उन्होंने सिविल सर्जन को तत्काल उन्हें बदलने के निर्देश दिए।
सफाई और रोशनी की व्यवस्था सुधारने के निर्देश
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने अस्पताल परिसर के भीतर और बाहर पड़ी अनुपयोगी सामग्री को हटाने के लिए कहा। उन्होंने खिड़कियों और दरवाजों पर जालियां लगाने के साथ पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने अस्पताल के सभी वार्डों और परिसर में नियमित रूप से साफ-सफाई बनाए रखने पर जोर दिया। कलेक्टर ने कहा कि परिसर में कहीं भी खुले में पानी बहता हुआ नहीं दिखना चाहिए। आकस्मिक निरीक्षण के दौरान स्वच्छता संबंधी अव्यवस्था मिलने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
लॉन्ड्री का काम असंतोषजनक, ठेका निरस्त करने के निर्देश
अस्पताल की लॉन्ड्री व्यवस्था का निरीक्षण करने पर काम संतोषजनक नहीं पाया गया। इस पर कलेक्टर ने संबंधित ठेकेदार का ठेका निरस्त कर किसी अन्य व्यक्ति को जिम्मेदारी सौंपने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने चिकित्सकों और कर्मचारियों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करने को कहा, ताकि मरीजों को उपचार के लिए अनावश्यक इंतजार न करना पड़े।
कैंटीन में नाश्ता चखकर परखी गुणवत्ता
कलेक्टर ने अस्पताल की कैंटीन में भोजन व्यवस्था का भी जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने मरीजों के लिए तैयार नाश्ता स्वयं चखकर उसकी गुणवत्ता परखी। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को निर्देश दिए कि मरीजों को स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराया जाए। कलेक्टर ने कहा कि मरीजों के उपचार के साथ उनकी खानपान संबंधी जरूरतों और स्वच्छता का भी ध्यान रखा जाना चाहिए।
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एनआरसी में माताओं को रोजगारमूलक प्रशिक्षण देने के निर्देश
पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) के निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने बच्चों के साथ आने वाली माताओं को रोजगारमूलक गतिविधियों का प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए। इसका उद्देश्य यह है कि बच्चों के उपचार के दौरान माताएं उपयोगी कार्य सीख सकें।




















