
पुणे। पुणे के पोर्श एक्सीडेंट मामले में किशोर न्याय बोर्ड ने बुधवार को नाबालिग आरोपी की जमानत रद्द कर दी। उसे 5 जून तक बाल सुधार गृह भेज दिया गया है। आरोपी ने 18 मई की रात शराब के नशे में पोर्श कार से एक्सीडेंट कर दो लोगों की जान ले ली थी। पुणे पुलिस ने केस को गंभीर बताते हुए किशोर न्याय बोर्ड के फैसले के खिलाफ सेशन कोर्ट में अपील की थी। कोर्ट ने उसे बोर्ड में जाने को कहा। पुणे पुलिस ने जमानत को चुनौती देते हुए सत्र अदालत का रुख किया था और आरोपी लड़के पर वयस्क की तरह मुकदमा चलाने की अनुमति देने का अनुरोध किया था। वहीं, आरोपी के पिता विशाल अग्रवाल को कोर्ट ने 24 मई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है।
यह है घटनाक्रम
- 19 मई को पुणे में एक नाबालिग ने अपनी पोर्श कार से बाइक सवार दो आईटी इंजीनियर्स को टक्कर मार दी थी।
- मप्र के रहने वाले दोनों इंजीनियर्स की मौके पर ही मौत हो गई थी।
- इसके बाद किशोर न्याय बोर्ड ने उसे दो निबंध लिखवाकर छोड़ दिया था।
- मामला उछलने के बाद उसके पिता को गिरफ्तार किया गया और नाबालिग आरोपी को बाल सुधार गृह भेजा गया।