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बागेश्वर धाम में महिलाओं को जबरन एम्बुलेंस में बैठाया गया, पुलिस ने रास्ते में पकड़ा तो सेवादार बोले- घर भेज रहे, महिलाएं बोलीं- नहीं पता कहां ले जा रहे

बागेश्वर धाम में महिलाओं को जबरन एम्बुलेंस में बैठाया गया, पुलिस ने रास्ते में पकड़ा तो सेवादार बोले- घर भेज रहे, महिलाएं बोलीं- नहीं पता कहां ले जा रहे
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    छतरपुर। लवकुशनगर थाना क्षेत्र में सोमवार रात एक चौंकाने वाला मामला सामने आया जब पुलिस ने एक एम्बुलेंस में सवार 13 महिलाओं को रोका और थाने ले आई। यह एम्बुलेंस बागेश्वर धाम समिति की बताई जा रही है, जिससे महिलाओं को कथित तौर पर महोबा रेलवे स्टेशन छोड़ा जा रहा था। मामला उस वक्त गंभीर हो गया जब कुछ महिलाओं ने धमकी और जबरदस्ती के आरोप लगाए और एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।

    वायरल वीडियो में छलका महिलाओं का दर्द

    घटना का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें एक व्यक्ति एम्बुलेंस ड्राइवर से पूछताछ कर रहा है। ड्राइवर का कहना है कि यह महिलाएं सेवादार कल्लू दादा के कहने पर स्टेशन छोड़ी जा रही थीं। वहीं, एक महिला ने रोते हुए आरोप लगाया कि बागेश्वर धाम की एक सेवादार 'मिनी' ने उसके बाल खींचकर जबरन एम्बुलेंस में बैठाया और "नहीं जाओगे तो काटकर फेंक देंगे" जैसी धमकी दी।

    वीडियो में एक युवती यह भी कहती नजर आ रही है कि उसे पता ही नहीं कि उसे कहां ले जाया जा रहा है, और उसे डर है कि उसे कहीं जान से मार दिया जाएगा। उसने बागेश्वर धाम में रहने की इच्छा भी जताई। वीडियो में लड़कियां डरी और सहमी हुई नजर आ रही हैं।

    महिलाओं पर बागेश्वर धाम में चोरी के आरोप

    थाना प्रभारी (टीआई) अजय अंबे ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि ये महिलाएं पिछले 6 महीने से बागेश्वर धाम में पेशी के नाम पर रुकी हुई थीं। उन पर धाम परिसर में चोरी, चेन स्नैचिंग और अन्य संदिग्ध गतिविधियों के आरोप लगे हैं। हालांकि, पूछताछ के बाद सभी महिलाओं को छोड़ दिया गया है।

    सेवादार बोले- बार-बार समझाने के बाद भी नहीं गए

    बागेश्वर धाम के सेवादार और रिटायर्ड शिक्षक कुंज बिहारी ने बताया कि धाम में बीते दिनों लगातार चोरी की घटनाएं हो रही थीं। संदेह के घेरे में करीब 70-80 लोगों को निगरानी में रखा गया था। दो दिन पहले एक बैठक में सभी से यह आग्रह किया गया था कि गुरुजी विदेश में हैं और उन्हें अपने घर लौट जाना चाहिए, लेकिन बहुतों ने इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि जब समझाने के बाद भी कुछ महिलाएं नहीं गईं, तो उन्हें एम्बुलेंस में बैठाकर महोबा रेलवे स्टेशन छोड़ा जा रहा था। पुलिस ने इसी एम्बुलेंस को रास्ते में रोका।

    पुलिस जांच में जुटी

    लवकुशनगर के एसडीओपी नवीन दुबे ने बताया कि एम्बुलेंस बागेश्वर धाम समिति की है और इसी से महिलाओं और पुरुषों को छोड़ा जा रहा था। उन्होंने कहा कि पुलिस ने मौके पर पहुंचकर सभी लोगों को सुरक्षित थाने लाया और अब मामले की तहकीकात की जा रही है।

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    Vaishnavi Mavar
    By Vaishnavi Mavar

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