Manisha Dhanwani
19 Jan 2026
कैनबरा। ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने शनिवार को अपनी पार्टनर जोडी हेडन से शादी कर ली। 62 वर्षीय अल्बनीज अब ऑस्ट्रेलिया के पहले ऐसे प्रधानमंत्री बन गए हैं, जिन्होंने पद पर रहते हुए विवाह किया। यह शादी पूरी तरह निजी माहौल में संपन्न हुई और अब जोडी हेडन देश की नई फर्स्ट लेडी बन गई हैं।
अल्बनीज और 46 वर्षीय जोडी हेडन ने कैनबरा स्थित प्रधानमंत्री कार्यालय परिसर में शादी की। जोडी फाइनेंशियल सर्विस सेक्टर में काम करती हैं और फरवरी 2024 में दोनों की सगाई हुई थी। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पर सिर्फ एक शब्द पोस्ट किया- Married। उन्होंने एक वीडियो भी शेयर किया जिसमें वे बो-टाई पहने, अपनी मुस्कुराती दुल्हन का हाथ थामे नजर आए।
कपल सोमवार से शुक्रवार तक ऑस्ट्रेलिया में ही हनीमून मनाएगा। ऑफिस ने साफ किया है कि, इसका पूरा खर्च अल्बनीज और हेडन निजी तौर पर उठाएंगे, सरकार से कोई सहयोग नहीं लिया जाएगा।
एंथनी अल्बनीज पहले भी शादी कर चुके हैं। पहली शादी कार्मेल टेबट से हुई थी, यह रिश्ता 19 सालों तक चला। 2019 में दोनों का तलाक हुआ। इस रिश्ते से उनके बेटे नाथन का जन्म हुआ। जोडी हेडन की भी यह दूसरी शादी है, लेकिन उनकी पहली शादी और तलाक से जुड़े विवरण सार्वजनिक नहीं हैं।
लेबर पार्टी के नेता एंथनी अल्बनीज को लोग प्यार से ‘अल्बो’ कहकर बुलाते हैं। 2 मार्च 1963 को कैंपरडॉउन में जन्मे अल्बनीज बचपन से ही संघर्षों से घिरे रहे। वे जब बड़े हो रहे थे, तब उनके साथ सिर्फ मां थीं। पिता के बारे में उन्हें बचपन में बताया गया था कि, वे विदेश यात्रा के दौरान मिले थे और उनकी शादी के बाद कार एक्सीडेंट में उनकी मौत हो गई थी। लेकिन यह सच नहीं था।
मां ने सच छुपाया ताकि बच्चे पर नाजायज का ठप्पा न लगे। जब एंथनी 14 साल के हुए, उनकी मां ने असलियत बताई। दरअसल, उनकी शादी कभी हुई ही नहीं थी। 1962 में इटली यात्रा के दौरान उनकी मां मैरीएन की मुलाकात एक व्यक्ति कार्लो से हुई। दोनों में रिश्ता बना और वे गर्भवती हो गईं। कार्लो पहले से सगाईशुदा थे, इसलिए रिश्ता आगे नहीं बढ़ सका।
समाज से बचने के लिए मैरीएन ने शादी की झूठी कहानी गढ़ी, सगाई की अंगूठी पहनी और गर्भ के साथ ऑस्ट्रेलिया लौट आईं। परिवार ने 15 साल तक यही कहानी सच मान ली।
2002 में मां के निधन के बाद एंथनी ने अपने पिता को खोजने का फैसला किया। एक पुरानी तस्वीर और समुद्री इतिहासकार की मदद से वे अपने पिता तक पहुंचे और बाद में इटली जाकर उनसे मिले। 2014 में कैंसर से उनके पिता का निधन हो गया।
अल्बनीज की राजनीतिक यात्रा बेहद कम उम्र से शुरू हुई। वे अपनी मां के साथ सरकारी मकान में रहते थे। स्थानीय परिषद ने किराया बढ़ाया और मकान बेचने की योजना बनाई। लोग विरोध करने को तैयार नहीं थे, तब सिर्फ 12 साल के एंथनी ने आंदोलन शुरू किया। आखिरी में परिषद ने योजना वापस ले ली। 22 साल की उम्र में वे लेबर पार्टी में शामिल हो गए। 1996 में पहली बार फेडरल सांसद चुने गए। 2013 में डिप्टी लीडर और बाद में विपक्ष के नेता बने। 2022 में चुनाव जीतकर स्कॉट मॉरिसन को हराते हुए प्रधानमंत्री बने।