विजय एस. गौर, भोपाल। किसानों की सुविधा के नाम पर प्रदेश के 38 जिला सहकारी बैंकों सहित अपेक्स बैंक के लिए खरीदे गए 23 करोड़ रुपए के एटीएम कार्ड में से करीब 20 करोड़ के एटीएम कार्ड एक्सपायर (यूजलेस) हो गए हैं। हद तो यह है कि सख्त रुख अपनाते मुख्य सचिव ने जांच के निर्देश दिए फिर भी अपेक्स बैंक में लीपापोती हो रही है।
दरअसल वर्ष 2023 में अपेक्स बैंक सहित प्रदेशभर के 38 जिला सहकारी बैंकों के खाताधारक किसानों के लिए एटीएम कार्ड खरीदे गए। इसके लिए अपेक्स बैंक की ओर से जिला सहकारी बैंकों को निर्देशित किया गया कि, पहले एटीएम कार्ड खरीदी की डिमांड बनाकर भेजें और फिर खरीदी भी करें। सूत्रों के अनुसार कई जिला बैंकों ने आपत्ति जताई कि, बिना जरूरत लाखों एटीएम कार्ड खरीदने का औचित्य नहीं है।
अपेक्स बैंक और जिला बैंकों ने 23 करोड़ रुपए में 19 लाख 50 हजार एटीएम कार्ड खरीदे, जबकि आवश्यकता सिर्फ ढाई लाख कार्ड की थी। अधिकतम 3 लाख एटीएम ही वितरित हो सके, उसमें से भी सिर्फ ढाई लाख कार्ड ही एक्टीवेट हुए।
अपेक्स बैंक प्रबंधन ने टीसीएस जैसी कंपनी के करीब 95 रुपए प्रति कार्ड के प्रपोजल को दरकिनार करके वसेर्टाइल कार्ड टेक्नालॉजी से 129.80 रुपए प्रति कार्ड की दर से 19 लाख 50 हजार कार्ड खरीदे । 2023 में खरीदे कार्ड की एक्सपायरी या यूजलेस होने की मियाद अक्टूबर 2025 तक ही थी।
कांग्रेस विधायक यादवेंद्र सिंह ने दस्तावेजों के साथ शिकायत की, जिस पर मुख्य सचिव ने जांच के लिए 6 मार्च 2026 को प्रमुख सचिव सहकारिता को निर्देशित किया। इस बारे में पीएस डीपी आहूजा से संपर्क करने की कोशिश की गई, जिस पर उन्होंने मैसेज भेजने का संदेश दिया। तब जानकारी दी गई, लेकिन उसके बाद जवाब नहीं मिला। दूसरी ओर, एटीएम खरीदी के दौरान अपेक्स बैंक के प्रबंध संचालक रहे प्रेम सागर तिवारी सेवानिवृत्ति के बाद संविदा पर फिर से अपेक्स बैंक के ट्रेनिंग कॉलेज के प्राचार्य पद पर कार्यरत हैं।
तथ्यात्मक शिकायत मुख्य सचिव को की थी, जिस पर प्रमुख सचिव सहकारिता को जांच के लिए प्रेषित की गई है। इसमें 23 करोड़ रुपए के एटीएम कार्ड जिला बैंकों को खरीदे गए, जोकि घटिया होने से 17 लाख कार्ड एक्सपायर होने से यूज नहीं हो सकते। अगर करोड़ों का घोटाला करने वालों पर एफआईआर करके जेल नहीं भेजा जाता, तो अपेक्स बैंक का घेराव तक होगा।
यादवेंद्र सिंह, कांग्रेस विधायक, टीकमगढ़
सवाल : 23 करोड़ के एटीएम खरीदी की जांच की स्थिति क्या है?
जवाब : इसके बारे में मुझे पता नहीं, यह कौन सा मामला है।
सवाल : मुख्य सचिव ने जांच के निर्देश दिए हैं?
जवाब : ऐसे कोई निर्देश मुझे नहीं मिले, पता करवाता हूं, क्या मामला है।
सवाल : पीएस सहकारिता ने आपसे क्वेरी की है, महीनाभर हो गया?
जवाब : देखिए, अभी मैं बाहर हूं, जब आऊंगा तब इस बारे में बात करुंगा।