असम चुनाव 2026 :BJP ने जारी की उम्मीदवारों की पहली लिस्ट, किस सीट से लड़ेंगे CM हिमंता और कांग्रेस से आए प्रद्युत बोरदोलोई?

गुवाहाटी। असम विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने गुरुवार को राज्य में होने वाले चुनाव के लिए अपने उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी। पार्टी ने कुल 88 उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की, जिसमें मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा समेत कई बड़े नेता शामिल हैं।
बीजेपी की इस सूची में सबसे चर्चित नाम हाल ही में कांग्रेस छोड़कर पार्टी में शामिल हुए लोकसभा सांसद प्रद्युत बोरदोलोई का है। असम में कुल 126 विधानसभा सीटें हैं और चुनाव 9 अप्रैल 2026 को होना है। बीजेपी अपने सहयोगी दलों असम गण परिषद (AGP) और बोडोलैंड पीपल्स फ्रंट (BPF) के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ रही है।
जालुकबारी से मैदान में CM हिमंता बिस्वा सरमा
बीजेपी की पहली लिस्ट में सबसे बड़ा नाम मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा का है। पार्टी ने उन्हें एक बार फिर उनकी पारंपरिक सीट जालुकबारी से उम्मीदवार बनाया है। यह सीट हिमंता बिस्वा सरमा का मजबूत राजनीतिक गढ़ मानी जाती है। वे यहां से लगातार जीत हासिल करते रहे हैं। इस बार वे छठी बार जालुकबारी से चुनाव लड़ेंगे। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि जालुकबारी सीट पर हिमंता की पकड़ काफी मजबूत है और यहां से उन्हें कड़ी चुनौती मिलना मुश्किल माना जाता है।
कांग्रेस छोड़कर आए प्रद्युत बोरदोलोई को मिला बड़ा मौका
इस चुनाव में बीजेपी ने एक बड़ा राजनीतिक दांव खेला है। कांग्रेस छोड़कर हाल ही में बीजेपी में शामिल हुए प्रद्युत बोरदोलोई को पार्टी ने सीधे दिसपुर सीट से टिकट दे दिया है। दिसपुर असम की सबसे हाई-प्रोफाइल सीटों में से एक मानी जाती है। यह सीट राजनीतिक रूप से काफी महत्वपूर्ण है और यहां से जीत का संदेश पूरे राज्य में जाता है।
प्रद्युत बोरदोलोई ने हाल ही में कांग्रेस से इस्तीफा दिया था और मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की मौजूदगी में बीजेपी जॉइन की थी। सीएम हिमंता ने उस समय कहा था कि बोरदोलोई का बीजेपी में आना पार्टी को राज्य में और मजबूत करेगा।
कई नए और युवा चेहरों को मिला मौका
बीजेपी की इस सूची में पार्टी ने अनुभव और युवा नेतृत्व का संतुलन बनाने की कोशिश की है। जहां कई मौजूदा विधायकों को दोबारा मौका दिया गया है, वहीं कुछ नए और युवा चेहरों को भी टिकट दिया गया है। इसके साथ ही महिलाओं और आदिवासी क्षेत्रों को भी प्रतिनिधित्व देने पर जोर दिया गया है। पार्टी का मानना है कि, इससे राज्य के अलग-अलग समुदायों में संतुलन बना रहेगा और चुनाव में फायदा मिलेगा।
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इन प्रमुख नेताओं को मिला टिकट
बीजेपी की सूची में कई प्रमुख नाम शामिल हैं, जो अलग-अलग क्षेत्रों से चुनाव मैदान में उतरेंगे। कुछ प्रमुख उम्मीदवार इस प्रकार हैं-
- अश्विनी राय सरकार - गोलकगंज
- उत्तम प्रसाद - धुबरी
- बदल चंद्र आर्य - मंदिया
- पबित्र राभा - गोआलपाड़ा वेस्ट
- टंकेश्वर राभा - दुधनाई
- माधवी दास - बिरसिंह जरुआ
- भूपेन राय - अभयापुरी
- रंजीत कुमार दास - भोवानिपुर-सोरभोग
इसके अलावा गुवाहाटी और आसपास के क्षेत्रों में भी मजबूत नेताओं को टिकट दिया गया है।
गुवाहाटी क्षेत्र की सीटों पर खास फोकस
बीजेपी ने गुवाहाटी और उसके आसपास की सीटों पर विशेष रणनीति के तहत उम्मीदवार उतारे हैं। यहां घोषित किए गए कुछ उम्मीदवार हैं-
- नलबाड़ी - जयंत मल्ला बरुआ
- तिहू - चंद्रमोहन पटवारी
- रंगिया - भवेश कलिता
- कमलपुर - दिगंत कलिता
- गुवाहाटी सेंट्रल - विजय कुमार गुप्ता
- न्यू गुवाहाटी - दिप्लू रंजन शर्मा
- पलासबाड़ी - हिमांशु शेखर बैश्य
- बरखेरी - नारायण डेका
- चमरिया - ज्योत्सना कलिता
इन सीटों को चुनावी दृष्टि से बेहद अहम माना जाता है।
दिल्ली में हुई केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक
बीजेपी की उम्मीदवारों की सूची को अंतिम रूप देने के लिए पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक दिल्ली में आयोजित की गई। इस बैठक में कई बड़े नेता मौजूद रहे, जिनमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह और बीजेपी के अन्य वरिष्ठ नेता शामिल हैं। बैठक में राज्य की राजनीतिक स्थिति, उम्मीदवारों की लोकप्रियता और स्थानीय समीकरणों पर चर्चा करने के बाद उम्मीदवारों के नामों को मंजूरी दी गई।
गठबंधन के साथ चुनाव लड़ेगी बीजेपी
असम में बीजेपी अकेले चुनाव नहीं लड़ रही है। पार्टी ने राज्य में दो प्रमुख दलों के साथ गठबंधन किया है। गठबंधन के तहत सीटों का बंटवारा इस प्रकार है-
- बीजेपी - 89 सीटें
- असम गण परिषद (AGP) - 26 सीटें
- बोडोलैंड पीपल्स फ्रंट (BPF) - 11 सीटें
इस तरह तीनों दल मिलकर राज्य की सभी 126 सीटों पर चुनाव लड़ेंगे।
चुनाव प्रचार में उतरेंगे मोदी और अमित शाह
असम विधानसभा चुनाव के लिए बीजेपी ने पूरी ताकत झोंक दी है। पार्टी के चुनाव प्रचार की कमान खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह संभालेंगे। प्रधानमंत्री मोदी अप्रैल के पहले सप्ताह में असम का दौरा करेंगे और कई बड़ी जनसभाओं को संबोधित करेंगे।
उनका कार्यक्रम इस प्रकार बताया जा रहा है-
- 1 अप्रैल - पहली जनसभा
- 3 अप्रैल - दूसरी जनसभा
- 6 अप्रैल - तीसरी जनसभा
इसके अलावा अमित शाह भी राज्य के अलग-अलग हिस्सों में चुनावी रैलियां करेंगे।
क्यों अहम है असम चुनाव
असम पूर्वोत्तर भारत का सबसे बड़ा और राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण राज्य है। यहां की राजनीति का असर पूरे उत्तर-पूर्वी क्षेत्र पर पड़ता है। इसलिए राष्ट्रीय दलों के लिए असम विधानसभा चुनाव बेहद अहम माना जाता है। बीजेपी पिछले कुछ सालों से राज्य में अपनी स्थिति मजबूत करती रही है और इस चुनाव में भी पार्टी जीत दोहराने की कोशिश में है।
बीजेपी की चुनावी रणनीति
बीजेपी ने इस बार अपनी रणनीति में कई अहम बिंदुओं पर ध्यान दिया है।
1. मजबूत सीटों पर अनुभवी उम्मीदवार
पार्टी ने उन सीटों पर अनुभवी नेताओं को उतारा है जहां जीत की संभावना अधिक है।
2. युवा नेतृत्व को मौका
कुछ सीटों पर नए और युवा चेहरों को टिकट दिया गया है।
3. क्षेत्रीय संतुलन
राज्य के अलग-अलग क्षेत्रों और समुदायों को प्रतिनिधित्व देने की कोशिश की गई है।
4. गठबंधन का फायदा
AGP और BPF के साथ गठबंधन कर पार्टी चुनावी समीकरण मजबूत करना चाहती है।











