स्पोर्ट्स डेस्क। भारत ने एशिया कप 2025 के फाइनल में पाकिस्तान को 5 विकेट से हराकर दूसरी बार टी-20 एशिया कप और कुल मिलाकर 9वीं बार यह खिताब जीत लिया। भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने मैच के बाद उनके दिल छू लेने वाले फैसले से करोड़ों भारतीयों का दिल जीत लिया। सूर्या ने ऐलान किया है कि वे इस टूर्नामेंट में मिली अपनी पूरी मैच फीस भारतीय सेना और जम्मू-कश्मीर के पहलगाम आतंकी हमले में पीड़ित परिवारों को दान करेंगे।
फाइनल मैच के बाद सूर्यकुमार यादव ने अपने आधिकारिक एक्स (पूर्व ट्विटर) अकाउंट पर लिखा, इस टूर्नामेंट की अपनी पूरी मैच फीस हमारे सशस्त्र बलों और पहलगाम आतंकवादी हमले में मारे गए लोगों के परिवारों की मदद के लिए दान करने का फैसला किया है। आप हमेशा मेरी यादों में रहेंगे। जय हिंद।
सूर्या के इस कदम की देशभर में जमकर सराहना हो रही है। सोशल मीडिया पर क्रिकेट फैंस और आम लोग उनकी इस देशभक्ति और संवेदनशीलता को सलाम कर रहे हैं।
पोस्ट-मैच प्रेस कॉन्फ्रेंस में सूर्यकुमार ने कहा, "यह मेरा व्यक्तिगत निर्णय है। मैं इस टूर्नामेंट के सभी सात मुकाबलों की अपनी मैच फीस भारतीय सेना और पहलगाम आतंकी हमले में शहीदों के परिवारों को देना चाहता हूं। इसमें कोई विवाद नहीं होना चाहिए। यह मेरे दिल की भावना है और इस योगदान पर मुझे गर्व है।" सूर्या ने यह भी कहा कि उनका यह फैसला देश के जवानों और शहीद परिवारों के प्रति आभार का एक छोटा सा प्रयास है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारतीय क्रिकेट बोर्ड (BCCI) अपने खिलाड़ियों को प्रति टी20 इंटरनेशनल मैच 3 लाख रुपए मैच फीस देता है। एशिया कप 2025 में भारत ने सात मैच खेले और सभी में जीत हासिल की। कप्तान सूर्यकुमार यादव ने हर मुकाबले में टीम की अगुआई की। इस हिसाब से उन्हें कुल 21 लाख रुपए की मैच फीस मिली, जिसे वे भारतीय सेना और पहलगाम हमले के पीड़ित परिवारों को दान करेंगे।
पहले ऐसी खबरें थीं कि टी20 मैच फीस 4 लाख रुपए है, लेकिन BCCI के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक यह रकम 3 लाख रुपए प्रति मैच है।
भारतीय खिलाड़ियों ने ट्रॉफी लिए बिना ही जीत का जश्न मनाया। बाद में खिलाड़ियों ने सोशल मीडिया पर AI जनरेटेड ट्रॉफी फोटोज पोस्ट कर पाकिस्तान को करारा जवाब दिया। कप्तान सूर्यकुमार यादव ने तिलक वर्मा के साथ AI फोटो शेयर करते हुए लिखा, "जब खेल समाप्त हो जाता है, तो केवल चैंपियन को ही याद रखा जाता है, ना कि ट्रॉफी के साथ किसी खिलाड़ी की तस्वीर को।"