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जिसे ठुकराया, वही बनी लीजेंड!बचपन से सुरों में बसी थी जिंदगी, अब हमेशा के लिए खामोश हुईं आशा भोसले

संगीत जगत के लिए एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। सुरों की मल्लिका आशा भोसले का 92 साल की उम्र में निधन हो गया है। उनके जाने से हिंदी सिनेमा का एक स्वर्णिम अध्याय हमेशा के लिए खत्म हो गया। करीब 6 दशकों के लंबे करियर में उन्होंने 12,000 से ज्यादा गाने गाए। शुरुआती दौर में संघर्ष का सामना करना पड़ा, लेकिन अपनी अलग आवाज के दम पर उन्होंने खुद को इंडस्ट्री में स्थापित किया।
बचपन से सुरों में बसी थी जिंदगी, अब हमेशा के लिए खामोश हुईं आशा भोसले
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    हिंदी सिनेमा की मशहूर गायिका आशा भोसले का 92 साल की उम्र में निधन हो गया। उनका जन्म 8 सितंबर 1933 को हुआ था। संगीत उनके खून में था। उनकी बड़ी बहन लता मंगेश्कर पहले से ही एक बड़ी गायिका थीं और उन्हीं से प्रेरणा लेकर आशा जी ने बहुत छोटी उम्र में गाना शुरू कर दिया।

    सिर्फ 10 साल की उम्र में उन्होंने सुरों की दुनिया में कदम रख दिया। शुरुआती दिनों में उन्होंने अपनी बहन के साथ भी गाने गाए, जिनमें ‘चला चला नाव’ जैसे गीत शामिल हैं।

    संघर्ष से सफलता तक का लंबा सफर

    आशा भोंसले ने 1948 में फिल्मों में पहला गाना गाया। फिल्म का नाम था चुनरिया, जिसमें उन्होंने ‘सावन आया रे’ गीत कोरस में गाया था। उस समय उनके साथ जोहराबाई अंबालेवाली और गीता दत्त जैसी बड़ी गायिकाएं थीं।

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    धीरे-धीरे उन्हें सोलो गाने भी मिलने लगे। 16 साल की उम्र में उन्होंने फिल्म रात की रानी (1949) में ‘हैं मौज में अपने बेगाने’ गाया।
    हालांकि, 1948 से 1957 तक का उनका सफर आसान नहीं था। इस दौरान उन्होंने कई गाने गाए, लेकिन वे ज्यादा पहचान नहीं बना सके। वजह यह थी कि उस समय इंडस्ट्री में गीता दत्ता, शमशाद बेगम और लता दीदी का दबदबा था।

    जब मिला बड़ा मौका और बदल गई किस्मत

    कहते हैं कि जो गाने बाकी गायिकाएं नहीं गाती थीं, वही आशा जी को मिलते थे। लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी। हर छोटे-बड़े मौके को उन्होंने पूरी मेहनत से निभाया।

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    उनकी जिंदगी का टर्निंग पॉइंट आया 1957 में, जब मशहूर संगीतकार O. P. Nayyar ने उन्हें फिल्म तुमसा नहीं देखा में गाने का मौका दिया।
    इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। नया दौर, हावड़ा ब्रिज, लाजवंती और चलती का नाम गाड़ी जैसी फिल्मों ने उन्हें बॉलीवुड में मजबूत पहचान दिलाई।

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    बिंदास अंदाज और निजी जिंदगी की कहानी

    आशा भोंसले सिर्फ अपनी आवाज के लिए ही नहीं, बल्कि अपने बेबाक और बिंदास अंदाज के लिए भी जानी जाती थीं। उन्होंने सिर्फ 16 साल की उम्र में घरवालों के खिलाफ जाकर गणपतराव भोंसले से शादी कर ली थी। हालांकि यह रिश्ता ज्यादा समय तक नहीं चला और कुछ समय बाद वे अपने बच्चों के साथ वापस घर लौट आईं। बाद में उन्होंने मशहूर संगीतकार पंचम दा से 1980 में शादी की। दोनों की जोड़ी ने संगीत की दुनिया में कई सुपरहिट गाने दिए।

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    12,000 गानों की विरासत

    आशा भोंसले का करियर करीब 6 दशकों तक चला। इस दौरान उन्होंने लगभग 12,000 से ज्यादा गाने गाए। खास बात यह रही कि उन्होंने हर तरह के गानों में अपनी आवाज दी चाहे रोमांटिक हो, गजल, पॉप या आइटम सॉन्ग। उनकी आवाज में एक अलग ही जादू था, जो हर पीढ़ी को पसंद आता रहा।

    Garima Vishwakarma
    By Garima Vishwakarma

    गरिमा विश्वकर्मा | People’s Institute of Media Studies से B.Sc. Electronic Media की डिग्री | पत्रकार...Read More

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