मैडॉक फिल्म्स अपने सफल हॉरर-कॉमेडी यूनिवर्स को आगे बढ़ाने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है। ‘स्त्री’, ‘भेड़िया’ और ‘मुंज्या’ जैसी फिल्मों के बाद अब प्रोडक्शन हाउस अपनी नई फिल्म ‘शक्ति शालिनी’ के जरिए इस यूनिवर्स का विस्तार करने की तैयारी में है। फिल्म की कास्टिंग लगभग पूरी हो चुकी है और इसके तकनीकी काम पर भी तेजी से काम शुरू हो गया है, जिससे साफ है कि मेकर्स इसे बड़े स्तर पर पेश करने की योजना बना रहे हैं।
इस फिल्म में अनीत पड्डा को लीड रोल में कास्ट किया गया है, जो मैडॉक की उस रणनीति को दर्शाता है जिसमें बड़े सितारों के बजाय कहानी के अनुरूप कलाकारों को चुना जाता है। निर्देशक आदित्य सरपोतदार, जिन्होंने ‘मुंज्या’ जैसी सफल फिल्म दी थी, इस प्रोजेक्ट को निर्देशित कर रहे हैं। ट्रेड एक्सपर्ट्स का मानना है कि अनीत की स्क्रीन प्रेजेंस इस डार्क फैंटेसी जॉनर में नया आयाम जोड़ सकती है और यह फिल्म उनके करियर के लिए टर्निंग पॉइंट साबित हो सकती है।
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फिल्म की दूसरी बड़ी खासियत विनीत कुमार सिंह का विलेन अवतार है। अब तक ज्यादातर गंभीर और प्रोटैगनिस्ट भूमिकाओं में दिखे विनीत के लिए यह रोल एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है, जो उनकी वर्सेटिलिटी को नए स्तर पर ले जा सकता है। फिल्म का पहला शेड्यूल मुंबई में पूरा हो चुका है, जबकि अगली शूटिंग मध्य प्रदेश में होने की संभावना है। यह लोकेशन पहले भी मैडॉक के हॉरर यूनिवर्स का अहम हिस्सा रही है, जिससे फिल्म के माहौल को और प्रामाणिकता मिलने की उम्मीद है।
ट्रेड इनसाइट्स के अनुसार, 2027 को मैडॉक यूनिवर्स के लिए एक अहम साल माना जा रहा है। सूत्रों की मानें तो ‘शक्ति शालिनी’ की सफलता के बाद अनीत पड्डा को बड़े क्रॉसओवर प्रोजेक्ट्स जैसे स्त्री 3 में शामिल किया जा सकता है। इसके अलावा उनके लिए वुमन-सेंट्रिक डिजिटल प्रोजेक्ट्स के रास्ते भी खुल सकते हैं। वहीं, विनीत कुमार सिंह भी मिलिट्री ड्रामा और डार्क थ्रिलर स्पेस में बड़े प्रोजेक्ट्स के साथ अपनी नई पहचान बना सकते हैं।
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इंडस्ट्री के मौजूदा ट्रेंड को देखते हुए ‘शक्ति शालिनी’ के सफल होने पर इसके सीक्वल और स्पिन-ऑफ की संभावनाएं भी मजबूत हैं। अनीत के किरदार को भविष्य में और अधिक अलौकिक शक्तियों के साथ विकसित किया जा सकता है, जिससे यूनिवर्स की कहानी को आगे बढ़ाया जा सके।
व्यावसायिक रणनीति के लिहाज से मैडॉक फिल्म्स की पहचान ‘हाई-कॉन्सेप्ट, लो-टू-मिड बजट’ फिल्मों पर आधारित रही है, जो बेहतर रिटर्न ऑन इन्वेस्टमेंट देती हैं। यही वजह है कि यह प्रोडक्शन हाउस बड़े बजट की फिल्मों से अलग अपनी मजबूत पहचान बना चुका है। मैडॉक सुपरनेचुरल यूनिवर्स की सबसे बड़ी ताकत इसकी ‘लोकल लेजेंड’ आधारित कहानियां हैं, जहां हर फिल्म की अपनी अलग पहचान होती है, लेकिन सभी किरदार एक बड़े नैरेटिव से जुड़े रहते हैं। स्त्री, भेड़िया और मुंज्या के जरिए जो कनेक्शन बनाया गया है, उसे अब ‘शक्ति शालिनी’ एक नए स्तर पर ले जा सकती है।
यूनिवर्स के भीतर क्रॉसओवर की नींव पहले ही रखी जान चुकी है- 'भेड़िया’ के एंड-क्रेडिट सीन में ‘स्त्री’ के किरदारों का जुड़ाव और ‘मुंज्या’ में कैमियो इसी दिशा में संकेत देते हैं। ऐसे में ‘शक्ति शालिनी’ को उस कड़ी के रूप में देखा जा रहा है, जो इन सभी किरदारों को एक बड़े खतरे के खिलाफ एकजुट कर सकती है।
ट्रेड एनालिस्ट्स का मानना है कि आने वाले समय में मैडॉक एक मेगा क्रॉसओवर फिल्म ला सकता है, जहां ‘स्त्री’ की समझदारी, ‘भेड़िया’ की ताकत और ‘मुंज्या’ की रहस्यमयी शक्तियां एक साथ नजर आ सकती हैं। इस पूरे यूनिवर्स में अनीत पड्डा का किरदार एक ‘सेंट्रल फोर्स’ बनकर उभर सकता है, जबकि विनीत कुमार सिंह का विलेन इस कहानी का सबसे बड़ा खतरा साबित हो सकता है।