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सीहोर प्रशासन सख्त :जन्म-विवाह पंजीयन में देरी पर एक्शन, कलेक्टर ने 3 सचिवों पर लगाया जुर्माना

सीहोर में लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत जन्म और विवाह पंजीयन में देरी करने पर तीन पंचायत सचिवों पर 250-250 रुपये का जुर्माना लगाया गया। कलेक्टर बालागुरू के. ने सभी अधिकारियों को समय-सीमा में सेवाएं देने के निर्देश दिए हैं और भविष्य में लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है।
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जन्म-विवाह पंजीयन में देरी पर एक्शन, कलेक्टर ने 3 सचिवों पर लगाया जुर्माना
सीहोर में काम में लापरवाही पड़ी भारी

सीहोर जिला प्रशासन ने लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए जन्म और विवाह पंजीयन के आवेदनों का समय पर निराकरण नहीं करने वाले तीन ग्राम पंचायत सचिवों पर आर्थिक दंड लगाया है। प्रशासन ने साफ किया है कि नागरिकों को तय समय-सीमा में सरकारी सेवाएं देना अधिकारियों की कानूनी जिम्मेदारी है और इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत हुई कार्रवाई

कलेक्टर बालागुरू के. के निर्देश पर जिले में लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत सेवाओं की नियमित समीक्षा की जा रही है। जांच के दौरान तीन ग्राम पंचायतों में जन्म और विवाह पंजीयन से जुड़े आवेदनों के निराकरण में अनावश्यक देरी पाई गई।

इन पंचायत सचिवों पर लगा जुर्माना

जारी आदेश के अनुसार जनपद पंचायत आष्टा की-

  • ग्राम पंचायत खुजुरियाजावर के सचिव महेंद्र सिंह ठाकुर
  • ग्राम पंचायत गुराड़ियावर्मा के सचिव लखन सिंह ठाकुर
  • ग्राम पंचायत जसमत के सचिव नरेंद्र सिंह ठाकुर

पर समय-सीमा में आवेदन का निराकरण नहीं करने के कारण 250-250 रुपये का जुर्माना लगाया गया है। तीनों मामलों में एक-एक दिन की देरी दर्ज की गई थी।

भविष्य के लिए दी गई सख्त चेतावनी

प्रशासन ने तीनों सचिवों को निर्देश दिए हैं कि आगे से लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत मिलने वाले सभी आवेदनों का तय समय में निराकरण करें। साथ ही चेतावनी दी गई है कि दोबारा लापरवाही मिलने पर अधिक सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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कलेक्टर ने दिए समयबद्ध सेवा के निर्देश

कलेक्टर बालागुरू के. ने जिले के सभी विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए हैं कि नागरिकों को सभी अधिसूचित सेवाएं तय समय-सीमा में उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने कहा कि लोक सेवा गारंटी अधिनियम का उद्देश्य सरकारी सेवाओं को पारदर्शी, जवाबदेह और समयबद्ध बनाना है।

क्या कहता है नियम?

जिला योजना अधिकारी संजय लक्केवार ने बताया कि यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी बिना उचित कारण के निर्धारित समय में आवेदन का निराकरण नहीं करता है, तो लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत प्रति दिन 250 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।

प्रशासन की निगरानी रहेगी जारी

जिला प्रशासन का कहना है कि जन्म और विवाह प्रमाण पत्र नागरिकों के लिए बेहद जरूरी दस्तावेज हैं, जिनका उपयोग शिक्षा, स्वास्थ्य, बैंकिंग, सरकारी योजनाओं और अन्य प्रशासनिक कार्यों में होता है। इसलिए इन सेवाओं में किसी भी तरह की देरी स्वीकार नहीं की जाएगी। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि आगे भी लोक सेवा गारंटी अधिनियम के पालन की नियमित समीक्षा की जाएगी और लापरवाही मिलने पर कार्रवाई जारी रहेगी।

(Edited By - Shivani Gupta)

Sunil Sharma
By Sunil Sharma
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