इटारसी में कांग्रेस नेताओं पर FIR को लेकर बवाल :एसपी से मिले नेता, निष्पक्ष जांच की मांग
इटारसी में कांग्रेस पदाधिकारियों पर दर्ज एफआईआर को लेकर सियासी विवाद बढ़ गया है। प्रदेश कांग्रेस महासचिव राजकुमार 'केलू' उपाध्याय और जिला कांग्रेस मीडिया प्रभारी अमोल उपाध्याय के खिलाफ दर्ज मामले के विरोध में गुरुवार को कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल पुलिस अधीक्षक (एसपी) से मिला। नेताओं ने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा।
कांग्रेस ने लगाए राजनीतिक द्वेष के आरोप
पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष पुष्पराज पटेल ने आरोप लगाया कि यह एफआईआर राजनीतिक दबाव में दर्ज की गई है। उनका कहना है कि जिस उपभोक्ता भंडार को लेकर शिकायत की गई है, वह शासन के नियमों के अनुसार संचालित होता है और उसका हर साल सरकारी ऑडिट भी होता है। उन्होंने सवाल उठाया कि बिना प्रारंभिक जांच के वर्षों पुराने मामले में सीधे एफआईआर दर्ज करना उचित नहीं है और इसे तुरंत रद्द किया जाना चाहिए।
सहकारिता कानून का दिया हवाला
पूर्व नगर कांग्रेस अध्यक्ष पंकज राठौर ने कहा कि मध्य प्रदेश सहकारी समिति अधिनियम, 1960 के तहत ऐसे मामलों की जांच और विवाद के निपटारे का अधिकार जिला पंजीयक सहकारिता को है। उनका आरोप है कि पुलिस ने तथ्यों की जांच किए बिना कार्रवाई की, जो कानून के अनुरूप नहीं है।
एसपी ने निष्पक्ष जांच का दिया भरोसा
जिला पुलिस अधीक्षक ने कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि पुलिस किसी भी राजनीतिक दबाव में काम नहीं करेगी। उन्होंने बताया कि पूरे मामले में सहकारिता विभाग से आधिकारिक रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट मिलने के बाद ही आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। यदि जांच में आरोप सही नहीं पाए गए, तो मामले को नियमानुसार बंद कर दिया जाएगा।
कांग्रेस ने आंदोलन की दी चेतावनी
एसपी से मुलाकात के दौरान जिले के कई वरिष्ठ कांग्रेस नेता और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। कांग्रेस ने चेतावनी दी कि यदि मामले में निष्पक्ष और जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो पार्टी सड़क पर उतरकर आंदोलन करेगी।
(Edited By - Shivani Gupta)













