नई दिल्ली। अक्षय तृतीया का त्योहार आते ही बाजारों में रौनक बढ़ जाती है, खासकर सर्राफा बाजार में। इस दिन सोना खरीदना बेहद शुभ माना जाता है, इसलिए लोग बड़ी संख्या में ज्वेलरी दुकानों पर पहुंचते हैं। लेकिन सिर्फ परंपरा के भरोसे खरीदारी करना सही नहीं होता। अगर आप भी इस बार अक्षय तृतीया पर सोना खरीदने का प्लान बना रहे हैं, तो कुछ जरूरी बातें पहले जान लेना बेहद जरूरी है।
सोना खरीदने से पहले सबसे जरूरी है उसका ताजा भाव जानना। इंडियन बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) की वेबसाइट पर रोजाना सोने के रेट अपडेट होते हैं।
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सोने की क्वालिटी |
गोल्ड रेट (प्रति 10 ग्राम) |
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24 कैरेट गोल्ड |
1,51,660 रुपये/10 ग्राम |
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22 कैरेट गोल्ड |
1,48,020 रुपये/10 ग्राम |
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20 कैरेट गोल्ड |
1,34,970 रुपये/10 ग्राम |
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18 कैरेट गोल्ड |
1,22,840 रुपये/10 ग्राम |
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14 कैरेट गोल्ड |
97,820 रुपये/10 ग्राम |
ध्यान रखने वाली बात ये है कि ये बेस रेट होते हैं। जब आप ज्वेलरी खरीदते हैं, तो इसके ऊपर GST और मेकिंग चार्ज भी जुड़ता है, जिससे कीमत और बढ़ जाती है।
अगर वायदा बाजार यानी MCX की बात करें, तो बीते हफ्ते सोने की कीमतों में बढ़त देखने को मिली है। 24 कैरेट सोना 1,52,652 रुपये से बढ़कर 1,54,605 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया। यानी हफ्तेभर में करीब 1950 रुपये की तेजी आई है। हालांकि राहत की बात ये है कि सोना अभी भी अपने ऑल टाइम हाई से काफी नीचे चल रहा है। इसका मतलब ये हुआ कि निवेश के नजरिए से अभी भी मौके मौजूद हैं, लेकिन जल्दबाजी में खरीदारी करने से बचना चाहिए।
अक्षय तृतीया पर भीड़ के चलते कई बार लोग जल्दबाजी में खरीदारी कर लेते हैं, जिससे गलती की संभावना बढ़ जाती है। इसलिए सोना खरीदते समय उसकी शुद्धता जांचना बेहद जरूरी है। सबसे पहला नियम है-हमेशा BIS हॉलमार्क वाला सोना ही खरीदें। यह सरकार द्वारा तय किया गया मानक है, जो सोने की शुद्धता की गारंटी देता है। अगर ज्वेलरी पर 916 लिखा है, तो इसका मतलब है कि यह 22 कैरेट सोना है। इसी तरह 750 का मतलब 18 कैरेट और 585 का मतलब 14 कैरेट होता है।
इसके अलावा ज्वेलरी पर ज्वेलर का कोड, टेस्टिंग सेंटर का मार्क और हॉलमार्किंग की तारीख भी जरूर देखनी चाहिए। ये सभी चीजें मिलकर सोने की असलियत बताती है।
आज के समय में तकनीक ने काम आसान कर दिया है। अगर आपको दुकान पर शक हो, तो आप अपने मोबाइल से भी सोने की जांच कर सकते हैं। BIS Care App के जरिए ज्वेलरी पर मौजूद HUID नंबर डालकर आप तुरंत उसकी पूरी जानकारी पा सकते हैं। इसमें ज्वेलर का रजिस्ट्रेशन, शुद्धता और हॉलमार्क से जुड़ी डिटेल सामने आ जाती है। इससे फर्जीवाड़े की संभावना काफी कम हो जाती है।
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अक्सर लोग सिर्फ सोने का रेट देखकर खरीदारी कर लेते हैं, लेकिन असली बिल इससे ज्यादा आता है। ज्वेलरी खरीदते समय 3% GST देना होता है। इसके अलावा मेकिंग चार्ज अलग से लगता है, जो हर ज्वेलर और डिजाइन के हिसाब से बदलता है। कई बार यही मेकिंग चार्ज कुल कीमत को काफी बढ़ा देता है। इसलिए खरीदारी से पहले ज्वेलर से पूरी कीमत साफ-साफ पूछ लें और बिल जरूर लें।
सोने के मौजूदा भाव को देखते हुए कई लोगों के मन में सवाल है कि क्या अभी खरीदारी करना सही रहेगा या थोड़ा इंतजार करना चाहिए। मार्केट एक्सपर्ट का मानना है कि सोने का लॉन्ग टर्म ट्रेंड मजबूत बना हुआ है। ऐसे में अगर आप निवेश के लिए खरीद रहे हैं, तो एक साथ ज्यादा पैसा लगाने के बजाय धीरे-धीरे खरीदारी करना बेहतर रहेगा। यानी जब भी कीमत में थोड़ी गिरावट आए, उस समय थोड़ा-थोड़ा सोना खरीदना ज्यादा समझदारी भरा कदम हो सकता है।