गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ चारधाम यात्रा की शुरुआत हो चुकी है। लाखों श्रद्धालु पहले ही पंजीकरण करा चुके हैं, जबकि राज्य सरकार ने सुरक्षा और सुविधाओं के पुख्ता इंतजाम किए हैं। वहीं केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम के कपाट भी जल्द खुलने वाले हैं। कड़ाके की ठंड के बीच भक्ती और आस्था का संगम देखने को मिला।
अक्षय तृतीया के दिन गंगोत्री धाम के लिए मां गंगा की डोली उनके शीतकालीन प्रवास मुखबा गांव से पूरे विधि-विधान के साथ रवाना हुई, वहीं मां यमुना की डोली खरसाली गांव से यमुनोत्री धाम के लिए निकली। इस दौरान दोनों ही क्षेत्रों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी और पूरा माहौल भक्तिमय हो गया। जयकारों के बीच ढोल-दमाऊ और रणसिंघा की ध्वनि से पहाड़ गूंज उठे। संत, पुजारी और स्थानीय लोग इस पवित्र शोभायात्रा में शामिल हुए और परंपराओं का पालन किया गया। डोली यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं में खास उत्साह देखने को मिला, इसके साथ ही हर कोई इस आध्यात्मिक यात्रा का साक्षी बनना चाहता था। धार्मिक आस्था और संस्कृति का अद्भुत संगम इस मौके पर देखने को मिला।
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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चारधाम यात्रा के शुभारंभ पर श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सरकार ने यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य, सुरक्षा, ट्रैफिक और ठहरने की सुविधाओं को बेहतर किया गया है ताकि यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं से नियमों का पालन करने और प्रशासन का सहयोग करने की अपील भी की। साथ ही उन्होंने पर्यावरण संरक्षण पर जोर देते हुए यात्रा को प्लास्टिक मुक्त रखने की बात कही। सरकार का लक्ष्य है कि यात्रा न केवल धार्मिक बल्कि सुरक्षित और व्यवस्थित भी रहे। बता दें कि यात्रियों की सुविधा के लिए डिजिटल और ऑन-ग्राउंड व्यवस्थाओं को मजबूत किया गया है। राज्य प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है ताकि यात्रा में किसी प्रकार की बाधा आ आए।
चारधाम यात्रा को लेकर इस बार श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है और अब तक करीब 18 लाख 90 हजार लोग ऑनलाइन पंजीकरण करा चुके हैं। इनमें सबसे ज्यादा 6 लाख 50 हजार रजिस्ट्रेशन केदारनाथ धाम के लिए हुए हैं, जबकि बद्रीनाथ के लिए 5 लाख 50 हजार, गंगोत्री के लिए 3.3 लाख और यमुनोत्री के लिए 3.2 लाख भक्तों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। आगामी दिनों में केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल को और बद्रीनाथ धाम के कपाट 23 अप्रैल को खोले जाएंगे। ऋषिकेश स्थित ट्रांजिट कैंप से यात्रा की औपचारिक शुरुआत पहले ही कर दी गई थी। पहाड़ी इलाकों में ठंड को देखते हुए अतिरिक्त व्यवस्थाएं भी की गई हैं ताकि यात्रियों को आराम मिल सके। हर साल की तरह इस बार भी देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस यात्रा में शामिल हो रहे हैं।