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एरोड्रम में गुंडागर्दी को लेकर रहवासियों का फूटा गुस्सा 60 फीट रोड पर चक्काजाम

एरोड्रम में गुंडागर्दी को लेकर रहवासियों का फूटा गुस्सा 60 फीट रोड पर चक्काजाम
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    इंदौर के एरोड्रम थाना क्षेत्र में गुंडों के आतंक ने एक बार फिर कानून-व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। अवैध वसूली के लिए पहुंचे बदमाशों के जानलेवा हमले से भड़के रहवासियों ने शुक्रवार सुबह 60 फीट रोड पर चक्काजाम कर दिया। सैकड़ों लोग सड़क पर उतर आए, वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और पूरा इलाका ठप हो गया। लोगों का साफ कहना था कि अगर आरोपियों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।

    गुरुवार रात पल्हर नगर 60 फीट रोड पर स्थित कृष्णा डेयरी पर बदमाशों ने धावा बोला। डेयरी संचालक मोहनलाल गुर्जर से अवैध वसूली को लेकर विवाद हुआ और देखते ही देखते चाकू निकल आया। बदमाशों ने मोहनलाल पर गले पर वार कर जान लेने की कोशिश की। पिता को बचाने पहुंचे बेटे नितिन गुर्जर और अंकित गुर्जर पर भी चाकू से हमला कर दिया गया। तीनों लहूलुहान हालत में गिर पड़े। आसपास के लोगों ने उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया, जहां तीनों को आईसीयू में भर्ती किया गया है।

     

    परिजनों का आरोप है कि हमला करने वाला साहू नगर निवासी एक लिस्टेड बदमाश है, जो अपने साथियों के साथ खुलेआम इलाके में वसूली करता है। रिश्तेदार पुष्कर गुर्जर ने बताया कि बदमाश पहले से धमकी दे रहा था, लेकिन शिकायतों के बावजूद पुलिस ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। इसी लापरवाही का नतीजा यह खूनखराबा है।

    घटना के बाद आक्रोशित रहवासियों ने सड़क पर बैठकर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। लोगों ने कहा कि एरोड्रम क्षेत्र में बदमाशों का नेटवर्क बेखौफ घूम रहा है और पुलिस सिर्फ कागजी कार्रवाई तक सीमित है। चक्काजाम की सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाने की कोशिश की, लेकिन रहवासी आरोपियों की गिरफ्तारी और कठोर कार्रवाई की लिखित गारंटी पर अड़े रहे।

    पुलिस ने इस मामले में सुजल, मयंक, राहुल सहित एक अन्य आरोपी के खिलाफ केस दर्ज करने की बात कही है, लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि सिर्फ नामजदगी से कुछ नहीं होगा, जब तक आरोपियों को सलाखों के पीछे नहीं डाला जाता। एरोड्रम की इस वारदात ने साफ कर दिया है कि शहर में गुंडागर्दी किस हद तक बेलगाम हो चुकी है। सवाल यह है कि क्या प्रशासन इस बार भी आश्वासन देकर मामले को ठंडे बस्ते में डाल देगा या फिर सच में कानून का डर पैदा करेगा। रहवासियों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और उग्र होगा।

    Hemant Nagle
    By Hemant Nagle

    हेमंत नागले | पिछले बीस वर्षों से अधिक समय से सक्रिय पत्रकारिता में हैं। वर्ष 2004 में मास्टर ऑफ जर्...

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