अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के कारण दुनिया भर में जेट फ्यूल की कीमतें करीब 100% तक बढ़ गई हैं। इसका असर अब हवाई यात्रियों पर भी पड़ने लगा है। टाटा ग्रुप की एयरलाइन Air India ने अपने फ्यूल सरचार्ज में बड़ा बदलाव करने का ऐलान किया है।
कंपनी 8 अप्रैल 2026 से पुराने फ्लैट फ्यूल सरचार्ज को हटाकर दूरी (Distance) के आधार पर नया स्लैब सिस्टम लागू करने जा रही है। इस बदलाव के बाद एअर इंडिया की उड़ानों का किराया और महंगा हो सकता है।
एअर इंडिया के मुताबिक Aviation Turbine Fuel (ATF) की कीमतों में भारी बढ़ोतरी हो गई है। इससे दुनिया भर की एयरलाइंस की ऑपरेशनल लागत बढ़ गई है। इसी वजह से एयरलाइन ने फ्यूल सरचार्ज का नया ढांचा लागू करने का फैसला किया है।
घरेलू रूट्स पर अब एक समान फ्यूल सरचार्ज नहीं होगा, बल्कि दूरी के हिसाब से शुल्क लिया जाएगा।
0–500 किमी दूरी: प्रति सेक्टर 299 रुपये अतिरिक्त
500–1000 किमी: इससे ज्यादा शुल्क लागू
2000 किमी से ज्यादा दूरी: प्रति सेक्टर करीब 899 रुपये तक अतिरिक्त
सरकार ने घरेलू ATF की कीमतों में बढ़ोतरी को 25% तक सीमित किया है, जिससे कुछ राहत जरूर मिली है। फिर भी ज्यादातर रूट्स पर टिकट महंगे होने की संभावना है।
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एअर इंडिया ने अलग-अलग अंतरराष्ट्रीय रूट्स के लिए अलग सरचार्ज तय किया है।
प्रति सेक्टर: 280 डॉलर (करीब 23,400 रुपये)
आने-जाने की टिकट पर करीब 47,000 रुपये अतिरिक्त
प्रति सेक्टर: 205 डॉलर (करीब 17,000 रुपये)
प्रति सेक्टर: 130 डॉलर (करीब 10,800 रुपये)
प्रति सेक्टर: 50 डॉलर (करीब 4,200 रुपये)
प्रति सेक्टर: 100 डॉलर (करीब 8,300 रुपये)
सिंगापुर के लिए: 60 डॉलर प्रति सेक्टर
प्रति सेक्टर: 24 डॉलर (करीब 2,000 रुपये)
एअर इंडिया ने साफ किया है कि जो टिकट पहले ही बुक हो चुके हैं उन पर नया फ्यूल सरचार्ज लागू नहीं होगा। हालांकि, अगर यात्री अपनी यात्रा की तारीख या यात्रा योजना (Itinerary) बदलता है, तो नया सरचार्ज लागू हो सकता है।