नई दिल्ली। एअर इंडिया में बड़ा नेतृत्व परिवर्तन देखने को मिल रहा है। कंपनी के CEO कैंपबेल विल्सन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है, लेकिन दिलचस्प बात यह है कि वे अभी भी अपनी जिम्मेदारियां निभाते रहेंगे। ऐसे फैसले ने कॉर्पोरेट जगत और एविएशन इंडस्ट्री में कई सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर इस्तीफा देने के बाद भी कोई CEO पद पर क्यों बना रहता है? इसके पीछे की रणनीति और परिस्थितियां अब धीरे-धीरे सामने आ रही हैं।
एअर इंडिया के CEO कैंपबेल विल्सन ने औपचारिक रूप से अपना इस्तीफा सौंप दिया है, जिसे कंपनी के बोर्ड ने मंजूरी भी दे दी है। हालांकि, वे तब तक अपने पद पर बने रहेंगे जब तक कंपनी को नया CEO नहीं मिल जाता। कॉर्पोरेट दुनिया में इसे “ट्रांजिशन पीरियड” कहा जाता है, ताकि नेतृत्व में अचानक बदलाव से कंपनी के कामकाज पर असर न पड़े।
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सूत्रों के मुताबिक, विल्सन ने अपने मौजूदा कॉन्ट्रैक्ट के बाद आगे काम न करने की इच्छा पहले ही जाहिर कर दी थी। उनका कार्यकाल अगले साल सितंबर तक था, लेकिन उन्होंने समय से पहले ही पद छोड़ने का फैसला किया।
एयरलाइन इस समय कई गंभीर चुनौतियों का सामना कर रही है। पश्चिम एशिया के संकट की वजह से हवाई क्षेत्र पर प्रतिबंध लग गए हैं, साथ ही विमानों की आपूर्ति में रुकावटें और लागत में वृद्धि भी हो रही है। इन प्रतिबंधों के कारण एयर इंडिया को लंबी उड़ान मार्ग अपनाने पड़ रहे हैं, जिससे खासकर अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की ईंधन लागत और संचालन खर्च बढ़ गया है। इसके अलावा, 12 जून 2025 को अहमदाबाद से उड़ान भरने के तुरंत बाद एयर इंडिया की फ्लाइट AI 171, एक बोइंग ड्रीमलाइनर, दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। इस हादसे में विमान में सवार और जमीन पर मौजूद कुल 241 लोगों की जानें चली गईं। रिपोर्ट्स के अनुसार, वित्त वर्ष 2026 में एयर इंडिया को लगभग 20,000 करोड़ रुपये का नुकसान हो सकता है।
कंपनी ने नए CEO की तलाश पहले ही शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, कई बड़े नामों से बातचीत अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। बताया जा रहा है कि संभावित उम्मीदवार सभी बड़े फुल-सर्विस एयरलाइन के मौजूदा CEO स्तर के हैं। इसको लेकर अगले सप्ताह एक अहम बैठक भी हो सकती है, जिसमें नए प्रमुख पर फैसला लिया जा सकता है।
एयर इंडिया एक्सप्रेस के सीईओ अलोक सिंह का कार्यकाल 19 मार्च को समाप्त हो गया। उन्होंने अपने कर्मचारियों को 2 मार्च को ईमेल के माध्यम से इस बारे में जानकारी दी थी।
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किसी भी बड़ी कंपनी में CEO का अचानक जाना जोखिम भरा हो सकता है। ऐसे में पुराना CEO तब तक पद पर बना रहता है जब तक नया व्यक्ति जिम्मेदारी संभालने के लिए तैयार न हो जाए।
इससे :
कैंपबेल विल्सन ने सितंबर 2022 में एअर इंडिया की कमान संभाली थी। उनके कार्यकाल के दौरान कंपनी ने कई बदलाव और सुधार की दिशा में कदम उठाए, लेकिन चुनौतियां भी कम नहीं रहीं।