अहमदाबाद। सुबह की पढ़ाई का माहौल अचानक डर में बदल गया। गुजरात की राजधानी अहमदाबाद में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब शहर के कई नामी स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी भरे ईमेल मिले। बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने बिना देर किए स्कूल खाली कराने का फैसला लिया। शुरुआती जांच में भले ही कोई संदिग्ध वस्तु न मिली हो, लेकिन यह घटना एक बार फिर स्कूलों की सुरक्षा और साइबर धमकियों की गंभीरता पर बड़ा सवाल खड़ा करती है।
गुजरात के अहमदाबाद में उस समय हड़कंप मच गया, जब कई स्कूलों को ईमेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी दी गई। जानकारी सामने आते ही स्कूल प्रशासन, जिला शिक्षा विभाग और पुलिस-प्रशासन अलर्ट हो गया। डिस्ट्रिक्ट एजुकेशन ऑफिसर ने पुष्टि की है कि, अहमदाबाद के कई स्कूलों को धमकी भरे मेल प्राप्त हुए हैं। इनमें शहर के नामचीन और बड़े स्कूल शामिल बताए जा रहे हैं।
धमकी भरे ईमेल की भाषा बेहद आपत्तिजनक और डर फैलाने वाली है। मेल में लिखा गया है कि, भारत को खालिस्तान बनाया जाएगा और स्कूल परिसरों में बम विस्फोट किया जाएगा। कुछ ईमेल में विस्फोट का समय 1:11 बजे तक लिखा गया है। इन संदेशों ने न सिर्फ स्कूल प्रशासन, बल्कि अभिभावकों की चिंता भी बढ़ा दी।
हालात की गंभीरता को देखते हुए स्कूल प्रशासन ने तुरंत छुट्टी घोषित कर दी। बच्चों को सुरक्षित तरीके से अभिभावकों के साथ घर भेजा गया। कई स्कूलों के बाहर माता-पिता की भीड़ जमा हो गई। प्रशासन का साफ कहना है कि, बच्चों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
धमकी की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस ने तुरंत मोर्चा संभाल लिया। एहतियातन स्कूल परिसरों में डॉग स्क्वॉड और बॉम्ब डिस्पोजल स्क्वॉड को तैनात किया गया। सुरक्षा एजेंसियां हर कोना, हर कक्षा और स्कूल के आसपास के इलाकों की बारीकी से जांच कर रही हैं। अब तक किसी भी स्कूल से कोई संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक सामग्री बरामद नहीं हुई है, लेकिन जांच पूरी होने तक पूरी सतर्कता बरती जा रही है और सुरक्षा व्यवस्था को अलर्ट मोड पर रखा गया है।
अहमदाबाद के जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि, ईमेल के जरिए बम धमकी की सूचना मिली है, जिसे गंभीरता से लिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि, फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और किसी भी तरह का खतरा सामने नहीं आया है। अभिभावकों से अपील की गई है कि, वे अफवाहों पर ध्यान न दें।
पुलिस की साइबर टीम यह पता लगाने में जुटी है कि,
सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि, हाल के महीनों में देश के कई हिस्सों में स्कूलों और अस्पतालों को इसी तरह की धमकियां मिल चुकी हैं। अधिकतर मामलों में जांच के बाद धमकी हॉक्स (झूठी) साबित हुई, लेकिन हर बार पूरे सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किया गया।
नोएडा स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने एक बड़े ऑपरेशन में स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी देने वाले एक अंतरराष्ट्रीय फ्रॉड गैंग का खुलासा करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि, यह गिरोह ऑनलाइन बेटिंग ऐप्स के जरिए लोगों को ठगने के साथ-साथ रिकवरी के नाम पर स्कूलों को धमकी भरे ईमेल भेजता था।
23 जनवरी 2026 को गौतम बुद्ध नगर के कई स्कूलों को ऐसे ईमेल मिले थे, जिसके बाद साइबर क्राइम थाने में केस दर्ज हुआ और STF को जांच सौंपी गई। तकनीकी जांच में ईमेल का सोर्स अमेरिका पाया गया, जबकि आगे की पड़ताल में बांग्लादेश, भारत और नोएडा के शाहबेरी (बिसरख थाना क्षेत्र) से जुड़े लिंक सामने आए।
STF ने शाहबेरी में छापा मारकर एक फर्जी ऑनलाइन बेटिंग ऐप कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया। मौके से चार लैपटॉप, 22 मोबाइल फोन, दो नेपाली पासपोर्ट, नेपाली पैन कार्ड, क्रेडिट कार्ड, नागरिकता दस्तावेज और नकदी बरामद हुई। मुख्य आरोपी नेपाल का रहने वाला अमीश है, जबकि उसके साथियों में नेपाल और भारत के युवक शामिल हैं। धमकी वाले ईमेल के असली मास्टरमाइंड की तलाश जारी है।
सुरक्षा एजेंसियां अब यह जांच कर रही हैं कि, अहमदाबाद के स्कूलों को भेजे गए धमकी भरे ईमेल किसी पुराने इंटरनेशनल फ्रॉड गैंग से जुड़े हैं या नहीं, दिल्ली-नोएडा जैसे मामलों की कड़ी हैं या नहीं। फिलहाल इस पर आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन जांच एजेंसियां हर एंगल से मामले को जांच कर रही हैं।
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