नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में स्कूलों को लगातार बम की धमकियां मिलने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। राजधानी में हाल ही में कई स्कूलों को धमकी भरे कॉल और ई-मेल मिले, जिससे अभिभावकों और छात्रों में दहशत फैल गई। स्कूल प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां तुरंत अलर्ट मोड में आ गईं। बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए स्कूलों को खाली कराकर जांच शुरू की गई।
दिल्ली के कई प्रमुख स्कूलों को धमकी मिलने की खबर सामने आई है। झंडेवाला स्थित बीटी तमिल स्कूल, एसपीवी स्कूल और ब्रिटिश स्कूल समेत कई स्कूलों को हाल ही में बम धमकी के कॉल आए। जिसके बाद तुरंत पुलिस, फायर ब्रिगेड और बम निरोधक दस्ते को सूचना दी गई। सुरक्षा एजेंसियों ने मौके पर पहुंचकर स्कूल परिसरों की गहन जांच शुरू की। जिसमें कक्षाओं, पार्किंग क्षेत्र और आसपास के इलाकों को शामिल किया गया। बच्चों और स्टाफ की सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई। कई स्कूलों में छात्रों को बसों और अन्य वाहनों से सुरक्षित घर भेजा गया।
दिल्ली पुलिस और बम निरोधक दस्ते ने धमकी के सोर्स का पता लगाने के लिए विस्तृत तलाशी अभियान चलाया। स्कूल परिसरों के साथ-साथ आसपास के इलाके भी सुरक्षा घेरे में लिए गए। डॉग स्क्वॉड की मदद से संदिग्ध वस्तुओं और विस्फोटक सामग्री की खोज की गई।
सुरक्षा के लिहाज से कई स्कूलों को एहतियात के तौर पर खाली कर दिया गया और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की गई। पुलिस अधिकारियों ने अभिभावकों को भरोसा दिलाया कि उनकी सुरक्षा के लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं।
यह कोई पहला मामला नहीं है। हाल ही में साउथ दिल्ली के कई स्कूलों को भी बम धमकी मिली थी। इनमें लॉरेटो कान्वेंट स्कूल, केम्ब्रिज स्कूल, इंडियन स्कूल सादिक नगर और बाल भारती स्कूल शामिल थे। इन धमकियों की जांच में अब तक कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली।
अन्य राज्यों में भी स्कूलों को धमकियां मिली हैं। राजस्थान के जयपुर में मॉडर्न विद्यालय को बम धमकी भरा ई-मेल मिला, जबकि पंजाब के मोहाली जिले में 16 निजी विद्यालयों को धमकी दी गई। पटना की दीवानी अदालत को भी हाल के दिनों में बम धमकी मिली, लेकिन जांच में कोई संदिग्ध सामग्री नहीं पाई गई।
दिल्ली में 9 फरवरी को 10 स्कूलों को बम धमकी मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत तलाशी अभियान चलाया था। फायर सर्विसेज, पुलिस और बम डिटेक्शन स्क्वॉड ने स्कूलों में व्यापक जांच की।
इस घटनाक्रम ने बच्चों और अभिभावकों में चिंता पैदा कर दी है। हालांकि स्कूल प्रशासन ने बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। बच्चों को सुरक्षित घर पहुंचाने और परिसर में किसी भी प्रकार की सुरक्षा चूक से बचने के लिए सभी उपाय किए गए।