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प्रतापगढ़ में चलती कार पर गिरा पोल :सपा नेता की दर्दनाक मौत… CCTV में कैद हुए मौत के 14 सेकंड

प्रतापगढ़ के बाबूगंज बाजार में हाईमास्ट लाइट लगाते समय क्रेन का पट्टा टूट गया, जिससे करीब 40 कुंतल वजनी पोल चलती कार पर गिर पड़ा। हादसे में समाजवादी पार्टी के स्थानीय नेता और ठेकेदार लाल बहादुर यादव की मौके पर ही मौत हो गई। पूरी घटना CCTV में कैद हुई है।
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सपा नेता की दर्दनाक मौत… CCTV में कैद हुए मौत के 14 सेकंड
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    प्रतापगढ़। रविवार की दोपहर, बाजार की आम-सी चहल-पहल और रोजमर्रा की भागदौड़ के बीच प्रतापगढ़ में एक पल ऐसा आया जिसने सब कुछ बदल दिया। बाबूगंज बाजार में हाईमास्ट लाइट लगाते समय हुआ हादसा न सिर्फ एक शख्स की जान ले गया, बल्कि पूरे इलाके को सदमे में डाल गया। घर से महज 500 मीटर दूर, चलती कार पर भारी पोल गिरने से समाजवादी पार्टी के स्थानीय नेता लाल बहादुर यादव की मौके पर ही मौत हो गई। यह हादसा अब सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि लापरवाही और सुरक्षा इंतजामों पर बड़ा सवाल बन चुका है।

    कैसे हुआ हादसा

    उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले के अंतू थाना क्षेत्र अंतर्गत बाबूगंज बाजार में रविवार दोपहर एक भयावह हादसा हो गया। बाजार में सामान्य चहल-पहल थी, दुकानें खुली थीं और लोग रोजमर्रा की खरीदारी में व्यस्त थे। सड़क पर यातायात भी सामान्य गति से चल रहा था।

    इसी दौरान पेट्रोल पंप के सामने भारत पेट्रोलियम की हाईमास्ट लाइट लगाने का काम चल रहा था। करीब 65 फीट ऊंचा और लगभग 40 क्विंटल वजनी पोल क्रेन की मदद से खड़ा किया जा रहा था।

    कार पूरी तरह चकनाचूर

    प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, काम के दौरान अचानक क्रेन का पट्टा तेज आवाज के साथ टूट गया। संतुलन बिगड़ते ही भारी-भरकम हाईमास्ट पोल सीधा सड़क की ओर झुक गया। उसी वक्त वहां से गुजर रही एक क्रेटा कार पर वह पोल आ गिरा।

    कार समाजवादी पार्टी के स्थानीय नेता लाल बहादुर यादव (उम्र करीब 47-48 वर्ष) चला रहे थे। पोल कार के ड्राइवर साइड के अगले हिस्से पर गिरा, जिससे वाहन का पिछला हिस्सा करीब दो फीट हवा में उठ गया। झटका इतना जबरदस्त था कि, कार पूरी तरह चकनाचूर हो गई।

    घर से सिर्फ 500 मीटर दूर मौत

    लाल बहादुर यादव बाबूगंज बाजार में ही रहते थे। वह दोपहर करीब एक बजे अपनी कार से प्रतापगढ़ शहर की ओर किसी निजी काम से निकले थे। लेकिन उन्हें क्या पता था कि घर से महज 500 मीटर की दूरी पर उनका जीवन समाप्त हो जाएगा।

    चश्मदीद बताते हैं कि, धमाके की आवाज सुनते ही बाजार में अफरा-तफरी मच गई। लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले ही हादसा हो चुका था।

    दरवाजा तोड़कर निकाला गया बाहर

    हादसे के बाद स्थानीय लोग दौड़कर मौके पर पहुंचे। कार का अगला हिस्सा पोल के नीचे दबा था और लाल बहादुर यादव सीट और पोल के बीच बुरी तरह फंस गए थे। लोगों ने हिम्मत दिखाते हुए कार का दरवाजा तोड़ने की कोशिश की और किसी तरह उन्हें बाहर निकाला।

    उन्हें तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी सांसें थम चुकी थीं।

    CCTV फुटेज में कैद मौत के सेकंड

    यह पूरा हादसा पेट्रोल पंप से सटे एक भवन में लगे CCTV कैमरे में कैद हो गया है। फुटेज में साफ दिखाई देता है कि कैसे तेज रफ्तार में कार आगे बढ़ रही होती है और ऊपर से अचानक हाईमास्ट पोल गिरता है। करीब 14 सेकंड की इस क्लिप में हादसे की भयावहता साफ झलकती है। प्रशासन ने CCTV फुटेज को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।

    बिना सुरक्षा इंतजाम के हो रहा था काम?

    स्थानीय लोगों का आरोप है कि इतने भारी पोल को खड़ा करने के दौरान न तो सड़क को पूरी तरह बंद किया गया था और न ही कोई सुरक्षा घेरा बनाया गया था। सवाल उठ रहे हैं कि-

    • क्या ट्रैफिक रोका गया था?
    • क्या क्रेन और पट्टे की तकनीकी जांच हुई थी?
    • क्या सुरक्षा मानकों का पालन किया गया?

    प्रारंभिक जांच में लापरवाही की आशंका जताई जा रही है।

    कंपनी और ठेके को लेकर क्या सामने आया?

    जानकारी के अनुसार, भारत पेट्रोलियम के लिए हाईमास्ट पोल लगाने का ठेका सक्षम सिंह प्राइवेट लिमिटेड, गाजियाबाद को दिया गया था। पुलिस और प्रशासन यह जांच कर रहे हैं कि कार्य के दौरान मानकों का पालन हुआ या नहीं।

    कौन थे लाल बहादुर यादव?

    लाल बहादुर यादव समाजवादी पार्टी से जुड़े सक्रिय स्थानीय नेता थे। उन्होंने अंतू नगर पंचायत से दो बार चुनाव लड़ा था। हालांकि जीत नहीं मिली, लेकिन क्षेत्र में उनकी पहचान एक जमीनी कार्यकर्ता के रूप में थी। पेशे से वह लोक निर्माण विभाग (PWD) के ठेकेदार थे। इसके अलावा उनके पास देशी शराब का ठेका भी था। स्थानीय लोग उन्हें मिलनसार और सामाजिक कार्यक्रमों में सक्रिय रहने वाला व्यक्ति बताते हैं।

    परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

    लाल बहादुर यादव अपने परिवार में सबसे बड़े थे। उनके परिवार में चार बेटियां और एक बेटा है। उनके तीन भाई और एक बहन हैं। सबसे छोटे भाई सोनू यादव पेशे से वकील हैं। घर के मुखिया की इस तरह अचानक मौत से परिवार पूरी तरह टूट गया है। परिजन सदमे में हैं और बार-बार यही कह रहे हैं कि सुबह तक सब कुछ सामान्य था।

    बाजार में पुलिस बल तैनात

    हादसे के बाद बाबूगंज बाजार में कुछ देर के लिए दुकानें बंद रहीं। हर कोई घटना की चर्चा करता नजर आया। स्थिति को देखते हुए इलाके में चार थानों की पुलिस फोर्स तैनात की गई है। सीओ सिटी भी मौके पर मौजूद रहे।

    जांच के बाद तय होगी कार्रवाई

    स्थानीय पुलिस और प्रशासन ने मौके का निरीक्षण किया है। तकनीकी टीम को बुलाकर क्रेन, पट्टा और अन्य उपकरणों की जांच कराई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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    Manisha Dhanwani
    By Manisha Dhanwani

    मनीषा धनवानी | जागरण लेकसिटी यूनिवर्सिटी से BJMC | 6 वर्षों के पत्रकारिता अनुभव में सब-एडिटर, एंकर, ...Read More

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