गौतम अडाणी का बड़ा ऐलान:3 नए बदलावों से बदलेगा ग्रुप, कर्मचारियों से लेकर कारोबार तक पर रहेगा फोकस

अडाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडाणी ने 24 जून को आयोजित ग्रुप की एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में भविष्य की रणनीति को लेकर कई बड़े ऐलान किए। उन्होंने बताया कि अडाणी ग्रुप अब अगले दौर की आर्थिक और तकनीकी चुनौतियों के लिए खुद को तैयार कर रहा है। इसी दिशा में समूह ने तीन महत्वपूर्ण पहल शुरू करने का फैसला किया है जिनका उद्देश्य कामकाज को अधिक प्रभावी बनाना, फैसलों की गति बढ़ाना और कर्मचारियों के कल्याण को मजबूत करना है। गौतम अडाणी ने कहा कि आज अडाणी ग्रुप उन चुनिंदा ग्लोबल कंपनियों में शामिल है जो सिर्फ भविष्य की परिस्थितियों पर प्रतिक्रिया नहीं दे रही हैं बल्कि भविष्य के लिए खुद को पहले से तैयार कर रही हैं। उन्होंने कहा कि लगातार जांच और चुनौतियों के बावजूद समूह ने ऊर्जा, परिवहन, लॉजिस्टिक्स और औद्योगिक विनिर्माण क्षेत्रों में अपनी मजबूत स्थिति बनाई है।
तीन-लेयर मैनेजमेंट सिस्टम लागू करेगा अडाणी ग्रुप
AGM में घोषित पहले बड़े बदलाव के तहत अडाणी ग्रुप अपने संगठनात्मक ढांचे को सरल बनाएगा। इसके लिए मुख्यालय और प्रोजेक्ट साइट्स पर तीन-स्तरीय मैनेजमेंट फ्रेमवर्क लागू किया जाएगा। गौतम अडाणी के अनुसार इस पहल का उद्देश्य अनावश्यक ब्यूरोक्रेसी को कम करना, जवाबदेही तय करना और हर स्तर पर कार्यक्षमता बढ़ाना है। समूह चाहता है कि हर भूमिका और हर प्रक्रिया से वास्तविक मूल्य का निर्माण हो।
कॉन्ट्रैक्टर्स और पार्टनर्स को मिलेगा ज्यादा अधिकार
दूसरे बड़े बदलाव के तहत अडाणी ग्रुप अपने कॉन्ट्रैक्टर्स और बिजनेस पार्टनर्स के साथ काम करने के तरीके में सुधार करेगा। गौतम अडाणी ने कहा कि राष्ट्र निर्माण में वर्षों से योगदान देने वाले पार्टनर्स के हितों की रक्षा करना जरूरी है। उन्हें अधिक अधिकार और संसाधन दिए जाएंगे ताकि वे प्रोजेक्ट्स को तेज गति, पारदर्शिता और बेहतर जिम्मेदारी के साथ पूरा कर सकें।
4 लाख कर्मचारियों के लिए नई वेलफेयर पहल
तीसरी और सबसे महत्वपूर्ण पहल कर्मचारियों के कल्याण से जुड़ी है। अडाणी ग्रुप के ऑपरेशन्स से लगभग 4 लाख लोग जुड़े हुए हैं, जिनमें करीब 85% कर्मचारी प्रोजेक्ट साइट्स और औद्योगिक इकाइयों में कार्यरत हैं। गौतम अडाणी ने कहा कि समूह यह सुनिश्चित करेगा कि हर कर्मचारी और श्रमिक को सम्मानजनक कार्य वातावरण मिले। इसके लिए साफ-सुथरे आवास, गुणवत्तापूर्ण भोजन, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं और उचित वेतन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
FY26 में 1.5 लाख करोड़ रुपए का निवेश
गौतम अडाणी ने कहा कि चुनौतियों और जांच-पड़ताल के बावजूद समूह लगातार विकास करता रहा है। वित्त वर्ष 2026 के दौरान अडाणी ग्रुप ने इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में 1.5 लाख करोड़ रुपए से अधिक का निवेश किया है। उन्होंने बताया कि यह निवेश उस वर्ष भारत के कुल निजी क्षेत्र के पूंजीगत निवेश का 30% से अधिक हिस्सा है, जो समूह की विस्तार रणनीति को दर्शाता है।
डिफेंस और एयरोस्पेस सेक्टर में तेजी से विस्तार
अडाणी ग्रुप अब डिफेंस और एयरोस्पेस सेक्टर में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। समूह भारत में एक राष्ट्रीय एयरोस्पेस प्लेटफॉर्म विकसित कर रहा है जिसमें मैन्युफैक्चरिंग, मेंटेनेंस, रिपेयर एंड ओवरहॉल (MRO), सर्विसेज और पायलट ट्रेनिंग जैसी गतिविधियां शामिल होंगी। गौतम अडाणी ने दावा किया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान समूह के ड्रोन, एंटी-ड्रोन सिस्टम, मिसाइल और गोला-बारूद ने भारतीय सशस्त्र बलों की सहायता की थी।
अमेरिकी कानूनी मामलों से मिली राहत
AGM ऐसे समय में आयोजित हुई जब समूह को अमेरिका में चल रहे कानूनी मामलों से बड़ी राहत मिली है। मई 2026 में अमेरिकी सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन (SEC) के साथ 18 मिलियन डॉलर का सिविल सेटलमेंट हुआ था। वहीं अमेरिकी न्याय विभाग (DOJ) ने समूह के खिलाफ सभी आपराधिक आरोपों को स्थायी रूप से समाप्त कर दिया है।
मार्केट कैप 20 लाख करोड़ रुपए के करीब पहुंचा
गौतम अडाणी ने समूह की वित्तीय स्थिति पर भी जानकारी दी। उनके अनुसार अडाणी ग्रुप का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन लगभग 20 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गया है। केवल वित्त वर्ष 2026 में इसमें करीब 5 लाख करोड़ रुपए की बढ़ोतरी हुई है। समूह ने FY26 में 94,834 करोड़ रुपए का रिकॉर्ड EBITDA दर्ज किया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 5.6% अधिक है। इसमें कोर इंफ्रास्ट्रक्चर बिजनेस का योगदान 87% रहा। समूह का कुल एसेट बेस बढ़कर 7.85 लाख करोड़ रुपए हो गया है जबकि उसके पास 55,852 करोड़ रुपए का नकद भंडार मौजूद है।
कर्ज की लागत घटी
रेटिंग अपग्रेड और बेहतर फंडिंग एक्सेस के कारण समूह की औसत उधारी लागत घटकर 7.8% पर आ गई है, जो दो वर्ष पहले लगभग 9% थी। समूह का मानना है कि अमेरिकी कानूनी मामलों के समाप्त होने के बाद उसे और अधिक वैश्विक वित्तीय संस्थानों से समर्थन मिलेगा।
ये भी पढ़ें: Vande Bharat: मुंबई-बेंगलुरु वंदे भारत स्लीपर का लग्जरी 1st AC कोच आया सामने, होटल जैसे आराम के साथ बदलेगा रेल सफर
मॉर्गन स्टेनली ने दिया ₹3,638 का टारगेट
AGM से पहले ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म मॉर्गन स्टेनली ने अडाणी एंटरप्राइजेज को "ओवरवेट" रेटिंग दी है। ब्रोकरेज ने शेयर के लिए ₹3,638 का टारगेट प्राइस तय किया है। रिपोर्ट के अनुसार अडाणी एंटरप्राइजेज भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर, ऊर्जा परिवर्तन, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और विनिर्माण क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है और वित्त वर्ष 2027 कंपनी के लिए बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हो सकता है।
न्यूक्लियर और हाइड्रो पावर पर बड़ा दांव
अडाणी पावर अगले पांच वर्षों में अपनी बिजली उत्पादन क्षमता बढ़ाकर 45 गीगावॉट करने के लिए लगभग 2 लाख करोड़ रुपए के विस्तार कार्यक्रम पर काम कर रही है। इसके अलावा समूह भूटान में 5,000 मेगावाट हाइड्रोपावर क्षमता विकसित करने की योजना पर काम कर रहा है। साथ ही अडाणी एटॉमिक एनर्जी के माध्यम से वर्ष 2035 तक 10 गीगावॉट परमाणु ऊर्जा क्षमता विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है।
गूगल के साथ डेटा सेंटर प्रोजेक्ट
डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में अडाणी ग्रुप का लक्ष्य वर्ष 2030 तक 3 गीगावॉट क्षमता वाला डेटा सेंटर प्लेटफॉर्म तैयार करना है। इसके लिए विशाखापत्तनम में गीगावॉट स्तर के डेटा सेंटर विकास हेतु गूगल के साथ समझौता किया गया है। समूह माइनिंग, सीमेंट और डिफेंस क्षेत्रों में भी विस्तार कर रहा है तथा लियोनार्डो और एम्ब्रेयर जैसी अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के साथ साझेदारी कर चुका है।
ये भी पढ़ें: सीनेट से ट्रंप को लगा झटका...! संसद ने पास किया ईरान जंग रोकने का प्रस्ताव; युद्ध में हमले रोकने के मिले आदेश
पोर्ट और एयरपोर्ट कारोबार में भी रिकॉर्ड प्रदर्शन
अडाणी पोर्ट्स ने वित्त वर्ष 2026 के दौरान 500 मिलियन टन से अधिक कार्गो हैंडल किया है। कंपनी ने वर्ष 2030 तक 1 बिलियन टन कार्गो हैंडलिंग का लक्ष्य दोहराया है। इसके अलावा कंपनी ने ₹1,500 करोड़ में जेपी फर्टिलाइजर्स के अधिग्रहण की घोषणा की है और अर्जेंटीना से भारत आने वाले LNG कारोबार के लिए ₹666 करोड़ का 10 वर्षीय मरीन सर्विस कॉन्ट्रैक्ट भी हासिल किया है। विझिंजम पोर्ट ने संचालन के पहले ही वर्ष में 10 लाख TEU कार्गो हैंडलिंग का आंकड़ा पार कर लिया है। वहीं नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट और नया गुवाहाटी एयरपोर्ट टर्मिनल समूह के इंफ्रास्ट्रक्चर पोर्टफोलियो में महत्वपूर्ण उपलब्धियां माने जा रहे हैं।












