CG NEWS:D.Ed अभ्यर्थियों के आंदोलन को मिला संजय सिंह का समर्थन, बोले- संसद में उठाऊंगा मुद्दा, सरकार से चर्चा के लिए बनाएं प्रतिनिधिमंडल

RAIPUR NEWS। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के माना स्थित तूता धरना स्थल पर चल रहे डी.एड. (D.Ed.) अभ्यर्थियों के आंदोलन को रविवार को बड़ा राजनीतिक समर्थन मिला। आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद संजय सिंह धरना स्थल पहुंचे और आंदोलनरत अभ्यर्थियों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। इस दौरान उन्होंने अभ्यर्थियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि उनकी मांगों को सरकार तक पहुंचाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे और आगामी संसद सत्र में भी इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया जाएगा।
सरकार से चर्चा के लिए टीम बनाने की सलाह
धरना स्थल पर मौजूद अभ्यर्थियों को संबोधित करते हुए संजय सिंह ने कहा कि आंदोलनकारी अभ्यर्थी 5 से 10 सदस्यों की एक प्रतिनिधिमंडल टीम बनाएं। उन्होंने कहा कि यदि आवश्यक हो तो उनके नाम को भी टीम में शामिल किया जा सकता है। इसके बाद सरकार से समय लेकर अभ्यर्थियों की समस्याओं और मांगों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। संजय सिंह ने कहा कि लंबे समय से चल रहा यह आंदोलन अभ्यर्थियों के धैर्य और संघर्ष का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि अभ्यर्थी गर्मी, सर्दी और बारिश जैसी कठिन परिस्थितियों में अपने घर-परिवार से दूर रहकर आंदोलन कर रहे हैं। इस दौरान कई अभ्यर्थियों की तबीयत भी खराब हुई है, फिर भी वे अपनी मांगों को लेकर डटे हुए हैं।
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24 दिसंबर 2025 से जारी है आंदोलन
डी.एड. अभ्यर्थियों का आंदोलन 24 दिसंबर 2025 से लगातार जारी है। आंदोलन की शुरुआत रायपुर में हुई थी, जिसे बाद में नवा रायपुर के माना स्थित तूता धरना स्थल पर स्थानांतरित कर दिया गया। पिछले कई महीनों से अभ्यर्थी अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे हुए हैं।
ये हैं अभ्यर्थियों की प्रमुख मांगें
आंदोलनरत अभ्यर्थियों की मुख्य मांग 2023 की सहायक शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में रिक्त पड़े 2300 पदों पर पात्र डी.एड. अभ्यर्थियों की तत्काल नियुक्ति है। अभ्यर्थियों का कहना है कि उनके पक्ष में सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट से आदेश आने के बावजूद नियुक्ति प्रक्रिया पूरी नहीं की जा रही है। इसके अलावा चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता, समान योग्यता वाले सभी अभ्यर्थियों को समान अवसर तथा नियुक्ति को लेकर लिखित आश्वासन देने की भी मांग की जा रही है। अभ्यर्थियों का आरोप है कि कुछ उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र जारी कर दिया गया, जबकि अन्य पात्र अभ्यर्थियों को अब तक नियुक्ति नहीं मिली है।
संसद तक पहुंचेगा मामला
संजय सिंह ने कहा कि यदि राज्य सरकार अभ्यर्थियों की मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं करती है तो वे आगामी संसद सत्र में इस विषय को उठाएंगे। उन्होंने आंदोलनकारियों को भरोसा दिलाया कि उनके संघर्ष को राष्ट्रीय स्तर पर आवाज देने का प्रयास किया जाएगा।












