Aaj ka Panchang। आज 11 मार्च 2025 को फाल्गुन महीने के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि और मंगलवार है। द्वादशी तिथि सुबह को 08:13 बजे तक रहेगी। अश्लेशा नक्षत्र रात 02:15 बजे, 12 मार्च तक रहेगा। इसके बाद मघा नक्षत्र रहेगा। मंगलवार का दिन मंगल ग्रह को समर्पित होता है। मंगल ग्रह को ऊर्जा, साहस और युद्ध का कारक माना जाता है। इस दिन मंगल देव की पूजा करने से शक्ति और साहस में वृद्धि होती है।
विक्रम संवत – 2081, पिंगल
शक सम्वत – 1946, क्रोधी
पूर्णिमांत – फाल्गुन
अमांत – फाल्गुन
आज का पंचांग – 11 मार्च 2025
तिथि
द्वादशी – 08:13 AM तक
नक्षत्र
अश्लेशा – 02:15 AM, 12 मार्च तक
योग
अतिगण्ड – 01:18 PM तक
करण
बालव – 08:13 AM तक
कौलव – 08:39 PM तक
वार
मंगलवार
पक्ष
शुक्ल पक्ष
सूर्य और चंद्रमा का समय
सूर्योदय
06:35 AM
सूर्यास्त
06:27 PM
चन्द्रोदय
03:51 PM
चन्द्रास्त
05:33 AM, 12 मार्च
शुभ काल
ब्रह्म मुहूर्त
04:58 AM से 05:47 AM तक
प्रातः संध्या
05:22 AM से 06:35 AM तक
अभिजित मुहूर्त
12:07 PM से 12:55 PM तक
विजय मुहूर्त
02:30 PM से 03:17 PM तक
गोधूलि मुहूर्त
06:25 PM से 06:49 PM तक
सायान्ह सन्ध्या
06:27 PM से 07:40 PM तक
अमृत काल
12:33 AM, 12 मार्च से 02:15 AM, 12 मार्च तक
निशिता मुहूर्त
12:06 AM, 12 मार्च से 12:55 AM, 12 मार्च तक
सर्वार्थ सिद्धि योग
06:35 AM से 02:15 AM, 12 मार्च तक
रवि योग
02:15 AM, 12 मार्च से 06:34 AM, 12 मार्च तक
अशुभ काल
राहुकाल
03:29 PM से 04:58 PM तक
यमगण्ड
09:33 AM से 11:02 AM तक
गुलिक काल
12:31 PM से 02:00 PM तक
विडाल योग
02:15 AM, 12 मार्च से 06:34 AM, 12 मार्च तक
वर्ज्य
02:24 PM से 04:05 PM तक
गण्ड मूल
पूरे दिन तक
बाण
रोग – 06:47 PM तक
दुर्मुहूर्त
08:58 AM से 09:45 AM तक
11:18 PM से 12:06 AM, 12 मार्च तक
पंचांग क्या है ?
पंचांग हिंदू धर्म में एक महत्वपूर्ण ग्रंथ है जो ग्रहों, नक्षत्रों और तिथियों की स्थिति के बारे में जानकारी प्रदान करता है। यह हमें शुभ और अशुभ मुहूर्त, त्योहारों और व्रतों के बारे में बताता है। पंचांग का उपयोग व्यक्तिगत और सामाजिक जीवन में विभिन्न निर्णय लेने में किया जाता है। आज का पंचांग आपको ग्रह और चंद्रमा की स्थिति के आधार पर जरूरी कार्यों, जैसे शुभ समारोहों या नए प्रोजेक्ट्स को शुरू करने के लिए उचित समय को देखने में मदद करता है। साथ ही यह उन शुभ मुहूर्तों के बारें में बताता है, जिससे आप अपने जीवन में सद्भाव और समृद्धि पा सकते हैं।
पंचांग का महत्व
पंचांग हिंदू संस्कृति का एक अभिन्न हिस्सा है। यह हमें हमारे पूर्वजों के ज्ञान और परंपराओं से जोड़ता है। पंचांग का उपयोग करके हम अपने जीवन को अधिक सार्थक और सुखद बना सकते हैं।
आज के पंचांग के क्या लाभ हैं?
हिंदू धर्म में आज का पंचांग विशेष स्थान रखता है। हिंदू समाज में, लोग किसी भी शुभ कार्य, जैसे विवाह समारोह, पूजा, व्यापार शुभारंभ, या नया घर या कार खरीदने से पहले पंचांग देखते हैं।
दैनिक पंचांग शुभ दिन, शुभ समय, शुभ योग, दिन के अशुभ समय, सूर्य, चंद्रमा और अन्य ग्रहों की स्थिति आदि के बारे में जानकारी प्रदान करता है।
पंचांग दिशा, सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय और चंद्रास्त के बारे में भी जानकारी प्रदान करता है। किसी भी दिन के लिए तिथि, नक्षत्र, करण, पक्ष, राहु काल इत्यादि के बारें में बताता है।
इसके अलावा, आज का पंचांग ग्रह गोचर, मार्गी, लग्न, दशा, राशि चिन्ह आदि की पहचान करने में मदद कर सकता है।
पंचांग, वर्तमान हिंदू माह और वर्ष के बारे में भी जानकारी प्रदान करता है।
पंचांग, कुंडली या जन्म कुंडली या राशिफल तैयार करने में सहायता करता है। एस्ट्रोलॉजर को कोई भी कार्य करने से पहले ग्रहों और नक्षत्रों की स्थिति को ध्यान में रखना चाहिए।
आज का पंचांग देखके, जो आने वाले दिनों के लिए भी जानकारी प्रदान करता है, कोई भी शुभ अवसर या अनुष्ठानों की योजना बनाने के लिए आप आगे का प्लान बना सकते हैं।
एस्ट्रोलॉजर दैनिक पंचांग को समझकर और कई हिंदू त्योहारों और शुभ अवसरों पर चर्चा करने में सक्षम हो पाते हैं।
आज के पंचांग का विवरण देखकर आप पहले से ही दिन की योजना और तैयारी कर सकते हैं।
इसके अतिरिक्त, दैनिक पंचांग आपको अपने वित्त की योजना बनाने और दैनिक लेनदेन को सही तरीके से संभालने में मदद कर सकता है।
इसी तरह, दैनिक पंचांग आपके जीवन के विभिन्न क्षेत्रों, जैसे कि आपके करियर, रिश्ते और बहुत कुछ के बारे में आपका मार्गदर्शन करता है।