पीपुल्स संवाददाता, इंदौर। शिक्षा के क्षेत्र में तेजी से बढ़ती तकनीक के बीच अब सरकारी स्कूल भी स्मार्ट और इनोवेटिव लर्निंग की ओर कदम बढ़ा रहे हैं। इसी दिशा में बड़ा गणपति चौराहा स्थित 122 साल पुराने शासकीय शारदा कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में छात्राओं को जल्द ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित शिक्षा से जोड़ा जाएगा।
आने वाले शैक्षणिक सत्र से इस स्कूल में कोडिंग-डीकोडिंग और रोबोटिक्स की शुरुआती ट्रेनिंग दी जाएगी। इसके लिए रोबोटिक लैब तैयार करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और आवश्यक उपकरण भी स्कूल पहुंच गए हैं। इस पहल से छात्राओं को तकनीकी शिक्षा का व्यावहारिक अनुभव मिलेगा।
स्कूल स्टाफ के मुताबिक लैब के लिए करीब 100 प्रकार के उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं। इनमें डीसी मोटर विद व्हील्स, कैपेसिटर किट, ब्लूटूथ मॉड्यूल और एलईडी मैट्रिक्स जैसे आधुनिक डिवाइस शामिल हैं। इनकी मदद से छात्राएं सेंसर आधारित मॉडल, छोटे रोबोट और एलईडी डिस्प्ले सिस्टम तैयार करना सीखेंगी।
इस लैब के जरिए छात्राओं को इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमेशन और प्रोग्रामिंग की बुनियादी समझ विकसित करने में मदद मिलेगी। इससे भविष्य में तकनीकी क्षेत्रों में करियर बनाने के लिए उन्हें मजबूत आधार मिलेगा। खास बात यह है कि यह सुविधा अभी जिले के चुनिंदा स्कूलों में ही उपलब्ध कराई जा रही है।
सीनियर लेक्चरर सुनयना शर्मा के अनुसार परीक्षाएं खत्म होने के बाद उपकरणों को एक अलग कक्ष में स्थापित कर लैब तैयार की जाएगी। इसके बाद इसकी टेस्टिंग होगी। लैब के संचालन से पहले मई-जून में शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिसमें कोडिंग, प्रोजेक्ट डिजाइन और नई शिक्षण तकनीकों की जानकारी दी जाएगी।
जिले के 16 पीएमश्री स्कूलों में आधुनिक रोबोटिक और इनोवेशन लैब विकसित की जा रही हैं। इस योजना के तहत इस विद्यालय को भी विशेष रूप से शामिल किया गया है। यहां कक्षा 9वीं से 12वीं तक 877 छात्राएं अध्ययनरत हैं, जिन्हें इस पहल का सीधा लाभ मिलेगा।
उल्लेखनीय है कि इस स्कूल में पिछले साल एस्ट्रोनॉमी लैब भी शुरू की गई थी। यहां टेलीस्कोप और अन्य उपकरणों की मदद से छात्राओं को ग्रह-नक्षत्र और अंतरिक्ष से जुड़ी जानकारी दी जाती है।
कुल मिलाकर, यह पहल सरकारी स्कूलों में तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है, जो छात्राओं को भविष्य के लिए तैयार करेगी।