PlayBreaking News

मेधावी योजना अटकी!95 हजार इंजीनियरिंग-मेडिकल स्टूडेंट्स को 8 महीने से नहीं मिली राशि, फीस भरने को लेना पड़ रहा कर्ज

मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी योजना के तहत मिलने वाली स्कॉलरशिप में इस साल ज्यादा देरी हो गई है। एमपी बोर्ड में 70% और CBSE में 85% अंक लाने वाले छात्रों को दी जाने वाली यह सहायता राशि 8 महीने बाद भी नहीं मिल पाई है।
Follow on Google News
95 हजार इंजीनियरिंग-मेडिकल स्टूडेंट्स को 8 महीने से नहीं मिली राशि, फीस भरने को लेना पड़ रहा कर्ज
AI Generated Image

मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी योजना के तहत मिलने वाली स्कॉलरशिप में इस साल ज्यादा देरी हो गई है। एमपी बोर्ड में 70% और CBSE में 85% अंक लाने वाले छात्रों को दी जाने वाली यह सहायता राशि 8 महीने बाद भी नहीं मिल पाई है। इसका असर सीधे इंजीनियरिंग और मेडिकल के करीब 95 हजार छात्रों पर पड़ा है जिन्हें अब अपनी जेब से भारी फीस भरनी पड़ रही है।

फीस के लिए कर्ज लेने को मजबूर परिवार

स्कॉलरशिप के भरोसे प्रोफेशनल कोर्स में दाखिला लेने वाले छात्रों के सामने अब गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। कई अभिभावक बच्चों की पढ़ाई जारी रखने के लिए कर्ज लेने को मजबूर हैं। छात्रों का कहना है कि कॉलेज लगातार फीस जमा करने का दबाव बना रहे हैं और कई जगह परीक्षा में बैठने से रोकने की चेतावनी भी दी जा रही है।

ये भी पढ़ें: 'उम्मीद है मरूंगी नहीं...' कलावा काटकर फंसी अपूर्वा मखीजा, सोशल मीडिया पर मिली बददुआएं !

आवेदन प्रक्रिया भी 6 महीने देरी से शुरू

इस साल समस्या और बढ़ गई क्योंकि स्कॉलरशिप पोर्टल पर आवेदन प्रक्रिया ही करीब 6 महीने देरी से फरवरी में शुरू हुई। इस देरी के कारण पूरा सिस्टम प्रभावित हुआ और अब तक भुगतान नहीं हो सका है।

160 करोड़ की जरूरत, सिर्फ 120 करोड़ का आवंटन

सूत्रों के अनुसार मौजूदा स्थिति में स्कॉलरशिप के लिए करीब ₹160 करोड़ की जरूरत है लेकिन अभी तक केवल ₹120 करोड़ का ही बजट मिला है। इसके अलावा ₹10 करोड़ से ज्यादा की राशि निकालने के लिए वित्त विभाग की अनुमति जरूरी होती है जिससे प्रक्रिया और धीमी हो जाती है।

क्यों हर साल होती है देरी

स्कॉलरशिप में देरी के पीछे मुख्य वजह बजट आवंटन की प्रक्रिया है।

  • पहले पुराने पेंडिंग मामलों का भुगतान किया जाता है
  • नया बजट मिलने में देरी होती है
  • 10 करोड़ से ज्यादा राशि निकालने के लिए अलग अनुमति लेनी पड़ती है

इस साल मार्च में मिले बजट से 2024-25 के छात्रों के भुगतान किए गए जबकि 2025-26 के छात्रों को अभी भी इंतजार है।

उधार लेकर जमा करनी पड़ी फीस

भोपाल की छात्रा सुनीता मालवीय बताती हैं कि 12वीं में 87% अंक और JEE में अच्छी रैंक के बाद उन्होंने CSE में एडमिशन लिया। लेकिन स्कॉलरशिप नहीं मिलने से उनके परिवार को अब तक करीब ₹3 लाख उधार लेकर फीस जमा करनी पड़ी है जबकि कुल फीस लगभग ₹8 लाख है।

ये भी पढ़ें: श्रीनगर: एयरपोर्ट पर दो अमेरिकी नागरिक हिरासत में, सैटेलाइट फोन मिलने से हड़कंप; हाई अलर्ट के बीच जांच तेज

सरकार का जवाब

उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार का कहना है कि बजट के अनुसार पहले पुराने मामलों को क्लीयर किया गया है और 2025-26 के छात्रों को जल्द ही स्कॉलरशिप जारी की जाएगी।

Sumit Shrivastava
By Sumit Shrivastava

मास कम्युनिकेशन में Ph.D और M.Phil पूर्ण की है तथा टीवी और डिजिटल मीडिया में काम करने का अनुभव रखते ...Read More

नई दिल्ली
--°
बारिश: -- mmह्यूमिडिटी: --%हवा: --
Source:AccuWeather
icon

Latest Posts