भोपाल में 900 साल पुराना मां धरनीधर मंदिर, नवरात्रि में होती है विशेष पूजा; आस्था और इतिहास का अद्भुत संगम

चैत्र नवरात्रों के पावन अवसर पर पूरा वातावरण देवी भक्ति से सुवासित हो उठा है। श्रद्धालु मां दुर्गा की आराधना में लीन होकर अपने जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार कर रहे हैं। इन्हीं पावन दिनों में हम आपको दर्शन करवाने जा रहे हैं एक ऐसे दिव्य मंदिर के, जहां भक्तों की हर मनोकामना पूरी होती है—भोपाल के फतेहगढ़ स्थित मां धरनीधर मंदिर।
900 साल पुराना है मां धरनीधर का मंदिर
भोपाल की ऐतिहासिक झील के समीप स्थित यह मंदिर लगभग 900 साल पुराना बताया जाता है। इसके प्रमाण आज भी यहां मौजूद हैं। कहा जाता है कि यह मंदिर धरनीधर नामक महंत द्वारा स्थापित किया गया था। मंदिर परिसर में महंत जी की समाधि भी स्थित है, जो इस स्थल के प्राचीन होने का प्रमाण देती है।मां धरनीधर की प्रतिमा का अनूठा स्वरूप
मां धरनीधर की दिव्य प्रतिमा भक्तों को आनंद और आस्था से भर देती है। यह प्रतिमा मां बगलामुखी के स्वरूप से मिलती-जुलती नजर आती है। भक्तों का मानना है कि मां की कृपा से उनके जीवन की सभी परेशानियां दूर हो जाती हैं।मंदिर में विराजमान हैं अन्य देवी-देवता
यह मंदिर सिर्फ मां धरनीधर की भक्ति का केंद्र ही नहीं, बल्कि अन्य कई देवी-देवताओं की प्रतिमाओं से सुसज्जित है। यहां स्थित प्रमुख मूर्तियां इस प्रकार हैं-- भगवान भोलेनाथ का प्राचीन शिवलिंग
- हनुमान जी की भव्य प्रतिमा
- परमार वंश कालीन भगवान ब्रह्मा, विष्णु और हजारी शिवलिंग
- श्री बांकेबिहारी के स्वरूप में भगवान श्रीकृष्ण की अद्भुत मूर्ति











