Naresh Bhagoria
5 Feb 2026
Naresh Bhagoria
5 Feb 2026
Garima Vishwakarma
5 Feb 2026
Naresh Bhagoria
5 Feb 2026
Naresh Bhagoria
5 Feb 2026
भोपाल। किसान आंदोलन में शामिल होने दिल्ली जा रहे कर्नाटक के 50 से अधिक किसानों को रविवार रात 11 बजे भोपाल स्टेशन पर कर्नाटक संपर्क एक्सप्रेस से हिरासत में ले लिया गया। उनका आरोप है कि इस दौरान पुलिस ने महिला किसानों से झूमाझटकी है। इसमें राष्ट्रीय संगठन के एक पदाधिकारी की पत्नी को घसीटा गया है, जिससे उनके सिर में चोट लगी है। इधर, दिनभर इन किसानों ने नारेबाजी की। उन्हें दिन भर खाना नहीं दिया गया। इधर, प्रदेश के किसान नेताओं ने आरोप लगाया है कि सोमवार दोपहर को इन किसानों के समर्थन में 9 मसाला रेस्टोरेंट में होने वाली प्रेस कॉन्फ्रैंस पुलिस ने नहीं होने दी। इन किसानों के समर्थन में भोपाल के किसान मंगलवार को पुतला जलाकर विरोध प्रदर्शन करेंगे। वहीं किसानों को हिरासत में लिए जाने के विरोध में प्रदेश भर में जेल भरो आंदोलन किया जाएगा।
जानकारी के अनुसार, कर्नाटक के किसानों के कर्नाटक संपर्क क्रांति से दिल्ली जाने की सूचना भोपाल पुलिस को मिली थी। भोपाल पुलिस ने जीआरपी की मदद से इनको शांति भंग होने की आशंका में ट्रेन से उतार लिया। उन्हें पहले चौकसे गार्डन में रखा गया। सुबह उन्हें बजरिया स्थित मनभा मैरिज हॉल (सामुदायिक भवन) में शिफ्ट कर दिया गया। बजरिया थाना प्रभारी जीतेन्द्र गुर्जर के मुताबिक, ट्रेन से उतारे गए सभी किसानों को अलग-अलग स्थानों पर ठहरा दिया गया है।
उन्हें उनके घर वापस भेजा जाएगा। इससे पहले सुबह होते ही किसानों ने छत पर पहुंचकर नारेबाजी शुरू कर दी। बाद में धरने पर बैठ गए। मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। उन्हें वहां किसी से मिलने नहीं दिया जा है। राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ के प्रदेश महामंत्री त्रिलोक गोठी सहित अन्य नेता कर्नाटक के इन किसानों से मुलाकात करने पहुंचे, लेकिन वहां तैनात पुलिस ने उन्हें मिलने नहीं दिया।
ट्रेन से उतारते समय घायल राष्ट्रीय संयुक्त किसान मोर्चा की कोर कमेटी के सीनियर मेंबर बी शांता कुमार की पत्नी को देर रात जेपी हॉस्पिटल भेजा गया। जहां से हमीदिया रैफर किया गया था। बाद में उन्हें मनभा मैरिज हाल) भेज दिया गया। इधर, बी. शांता कुमार चंडीगढ़ में थे, वे भी भोपाल आ रहे हैं।
दिल्ली में 16 फरवरी को किसानों का धरना प्रदर्शन प्रस्तावित है। इसके पहले 13 फरवरी को दिल्ली कूच का आह्वान किया गया। 16 फरवरी को ग्रामीण भारत बंद का ऐलान भी है। इसके लिए प्रदर्शन का आव्हान करने वाले संगठनों से जुड़े किसान भारी संख्या में दिल्ली की ओर कूच कर रहे हैं। इधर, भोपाल के साथ ही इंदौर, ग्वालियर, नर्मदापुरम आदि जगहों पर किसान नेताओं को पुलिस ने रोका है। किसान नेता शिवकुमार कक्का का कहना है कि 300 किसानों को पुलिस ने हिरासत में लिया है।
किसी भी राज्य में दिल्ली जाने वाले किसानों को गिरफ्तार नहीं किया जा रहा है, लेकिन मप्र सरकार तानाशाही पर उतर आई है। वह यहां से गुजरने वाले बाहरी राज्यों के किसानों को गिरफ्तार कर रही है। उन्हें खाना सहित अन्य सुविधाएं भी नहीं दी जा रही है। प्रदेश में अन्य किसान कार्यकताओं को उठा लिया गया है। मंगलवार को प्रदेश में जेल भरो आंदोलन दहन किया जाएगा। - त्रिलोक गोठी, प्रदेश महामंत्री, राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ
हम 70 (25 महिलाएं और 45 पुरुष) किसान बेंगलुरूनिजामुद्दीन (कर्नाटक संपर्क क्रांति) एक्सप्रेस से दिल्ली जा रहे थे। हम कर्ज माफ, एमएसपी गारंटी कानून जारी करना, स्वामीनाथन की रिपोर्ट लागू कराने जैसी मांगों को लेकर किसान आंदोलन में शामिल होने वाले थे। इससे पहले भोपाल में हमें हिरासत में ले लिया गया। - परशुराम धारावाड़, हिरासत में लिए गए कर्नाटक के किसान नेता