MP में मिले चिकनपॉक्स के 31 केस : स्वास्थ्य विभाग ने जारी की एडवायजरी, इन जिलों में मिले हैं मरीज

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MP में मिले चिकनपॉक्स के 31 केस : स्वास्थ्य विभाग ने जारी की एडवायजरी, इन जिलों में मिले हैं मरीज
देशभर में कोरोना वायरस का खतरा कम हुआ नहीं कि मंकीपॉक्स को लेकर दहशत का माहौल है। इसी बीच एमपी में चिकनपॉक्स भी तेजी से फैलता जा रहा है। एक महीने में ही प्रदेश के 7 जिलों में 31 मरीजों में चिकनपॉक्स की पुष्टि हो चुकी है। इसके चलते अब स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिलों को एडवायजरी जारी करके चिकनपॉक्स के संदिग्ध लक्षणों वाले मरीजों की निगरानी करने के निर्देश दिए हैं। ये भी पढ़ें: MP में मंकीपॉक्स का खतरा! भोपाल-इंदौर में मॉनिटरिंग शुरू, जानिए कैसे फैलती है ये बीमारी

MP के इन जिलों में मिले मरीज

  • छिंदवाड़ा: पीएचसी रामकोना अस्पताल में 13 मरीज मिले।
  • दतिया: उप स्वास्थ्य केंद्र सदवारा में 6 केसों की पुष्टि।
  • भोपाल: उप स्वास्थ्य केंद्र मेंडोरा, बरखेड़ा नाथू में 3 केस मिले।
  • छतरपुर: सीएचसी ईशानगर में 3 मरीज मिले।
  • नीमच: यूपीएचसी नीमच में 3 केसों की पुष्टि।
  • धार: सीएचसी अमझेरा में 3 मरीज मिले।
  • खंड़वा: पीएचसी कोहदर में 1 मरीज की पुष्टि हुई है।

चिकनपॉक्स के लक्षण

  • चिकनपॉक्स यानी चेचक की बीमारी एक संक्रामक रोग है जो साफ-सफाई की कमी की वजह से फैलता है। यह Varicella Zoster वायरस की वजह से होती है।
  • इसमें पूरे शरीर पर चकते और लाल दाने उभर आते हैं। दाने निकलने पर शरीर में खुजली होने लगती है और उन दानों से पानी भी निकलने लगता है।
  • कई बार तो उन लाल दानों में पस (मवाद) भी पड़ जाता है और फफोले उभर आते हैं। ये फफोले 2 से 4 दिनों के अंदर पूरे शरीर पर तेजी से फैल जाते हैं
  • कमर में तेज दर्द होता है और सीने में अजीब सी जकड़न होने लगती है।
  • चिकनपॉक्स की स्थिति में बुखार भी हो जाता है। भूख नहीं लगती, सिर में दर्द होता है और हमेशा थकान सी महसूस होती है।

जानें चिकनपॉक्स का इलाज

चिकनपॉक्स का सबसे बेहतरीन इलाज इसके इंजेक्शन के रूप में उपलब्ध है। डॉक्टरों के मुताबिक, चिकनपॉक्स की बीमारी को दूर रखने के लिए 12 से 15 महीनों की उम्र के बीच बच्चों को चिकन पॉक्स का टीका लगवाना चाहिए। इसके अलावा 4 से 6 साल की उम्र के बीच बूस्टर टीका भी लगवाना चाहिए। माना जाता है कि यह टीका चिकनपॉक्स के गंभीर संक्रमण को रोकने में 95 फीसदी कारगर है। वायरस को दूसरों तक फैलने से रोकने और त्वचा के संक्रमण को रोकने में मदद करने के लिए नाखूनों को छोटा रखने और खरोंच कम करने की कोशिश करें। यदि आप गलती से किसी छाले को खरोंचते भी हैं तो अपने हाथों को साबुन और पानी से अच्छी तरह से जरूर धोएं। ये भी पढ़ें: Monkeypox Alert : भारत में बढ़ा मंकीपॉक्‍स का खतरा, स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय ने राज्‍यों के लिए जारी की Guidelines

इनके लिए खतरनाक है टीका

चिकनपॉक्स का टीका प्रेगनेंट महिलाओं और उन लोगों को बिल्कुल भी नहीं लगवाना चाहिए। जिन्हें जिलेटिन या फिर एंटीबायोटिक नियोमाइसिन से एलर्जी है। इसके अलावा उन लोगों को भी ये टीका नहीं लगवाना चाहिए जिनका इम्यून सिस्टम बेहद कमजोर है, जैसे कि एचआईवी से पीड़ित लोग। [caption id="attachment_31907" align="aligncenter" width="512"] स्वास्थ्य विभाग ने जारी की एडवायजरी।[/caption] स्वास्थ्य से जुड़ी अन्य खबरों के लिए यहां क्लिक करें…
Mithilesh Yadav
By Mithilesh Yadav

वर्तमान में पीपुल्स समाचार के डिजिटल विंग यानी 'पीपुल्स अपडेट' में बतौर सीनियर सब-एडिटर कार्यरत हूं।...Read More

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